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राफेल के ऑफसेट करार पर लोगों को नहीं दी जा रही सही जानकारी: वायुसेना उपप्रमुख

भाषा
Updated: September 26, 2018, 2:02 AM IST
राफेल के ऑफसेट करार पर लोगों को नहीं दी जा रही सही जानकारी: वायुसेना उपप्रमुख
सांकेतिक तस्वीर

वायुसेना के उप प्रमुख एयर मार्शल रघुनाथ नांबियार ने कहा कि राफेल सौदे पर लोगों को सही जानकारी नहीं दी जा रही. ऐसा कुछ नहीं है कि एक पक्ष को 30,000 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं.

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  • Last Updated: September 26, 2018, 2:02 AM IST
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राफेल विमान सौदे को लेकर सियासी घमासान के बीच वायुसेना के उप प्रमुख एयर मार्शल रघुनाथ नांबियार का बड़ा बयान सामने आया है. नांबियार ने मंगलवार को कहा कि लड़ाकू विमान के करार को लेकर लोगों को गलत जानकारी दी जा रही है. उन्होंने कहा कि मौजूदा सौदा पहले किए जा रहे समझौते से काफी बेहतर है.

नांबियार ने पिछले हफ्ते राफेल विमान की सही क्षमता का आकलन करने के लिए इसे फ्रांस में उड़ाया था. उन्होंने कहा कि वायुसेना के तत्कालीन उपप्रमुख की अगुवाई में इस सौदे पर बातचीत हुई थी और उन्होंने इस बातचीत को पूरा किया जो 14 महीने चली थी. उन्होंने कहा कि वायु सेना ने बेहतर कीमत, बेहतर रखरखाव की शर्तें, बेहतर प्रदर्शन के लिए साजो-सामान के पैकेज को लेकर नेतृत्व से मिले सभी निर्देशों को पूरा किया है.

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नांबियार ने कहा कि इससे पहले जो विमान खरीदे गए उससे यह काफी बेहतर हैं. 36 विमान खरीदने के सौदे के तहत ऑफसेट अनुबंध पर विपक्ष के आरोपों पर उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि लोगों को गलत जानकारी दी जा रही है. ऐसा कुछ नहीं है कि एक पक्ष को 30,000 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं."

तारिक ने JPC से जांच की मांग का किया समर्थन
वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के राष्ट्रीय महासचिव तारिक अनवर ने राफेल सौदे की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के गठन का समर्थन किया है. उन्होंने मंगलवार को कहा कि 1980 के दशक में बीजेपी जब विपक्ष में थी, उसने बोफोर्स सौदे की जांच के लिए जेपीसी के गठन की जोरदार मांग की थी. लेकिन अब जब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांदी राफेल सौदे की जांच के लिए जेपीसी की मांग कर रहे हैं तो सरकार क्यों नहीं मान रही है.

तारिक ने कहा कि 1980 के दशक में जब बीजेपी समेत पूरा विपक्ष बोफोर्स सौदे को लेकर राजीव गांधी सरकार के खिलाफ था, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने इसकी जांच के लिए जेपीसी का गठन किया और आखिर में निर्दोष साबित हुए थे.राफेल सौदा: ओलांद के बयान से फ्रांस सरकार को भारत से संबंध बिगड़ने का डर

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First published: September 26, 2018, 2:02 AM IST
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