गुम होने से पहले कैफे कॉफी डे के मालिक ने लिखी भावुक चिट्ठी- भारी कर्ज है, मुझे माफ कर देना

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो वीजी. सिद्धार्थ ने आखिरी बार अपनी कंपनी के CFO से 56 सेकेंड के लिए बात की थी. जिसमें उन्होंने अपने CFO को कंपनी का ख्याल रखने के लिए कहा था.

News18Hindi
Updated: July 30, 2019, 11:41 AM IST
गुम होने से पहले कैफे कॉफी डे के मालिक ने लिखी भावुक चिट्ठी- भारी कर्ज है, मुझे माफ कर देना
कैफे कॉफी डे (CCD) के मालिक वीजी सिद्धार्थ
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Updated: July 30, 2019, 11:41 AM IST
कर्नाटक के पूर्व सीएम एसएम कृष्णा के दामाद और कैफे कॉफी डे (CCD) के मालिक वीजी सिद्धार्थ सोमवार शाम से लापता हैं. उनकी लास्ट लोकेशन मंगलौर के पास नेत्रावती नदी पर बनी उल्लाल पुल थी. पुलिस हेलिकॉप्टर और कोस्ट गार्ड की मदद से उनकी तलाश में जुटी है. सिद्धार्थ के ड्राइवर के बयान के मुताबिक, पुलिस को उनके सुसाइड की आशंका है. पुलिस का मानना है कि वीजी सिद्धार्थ ने पुल से नदी में कूद गए हैं. ऐसे में पुलिस नदी में गहन सर्च ऑपरेशन चला रही है. गायब होने से पहले उनकी एक चिट्ठी मिली है, जहां उन्होंने लिखा है, 'उम्मीद करता हूं कि आप मुझे माफ कर देंगे.'

सामने आई ये चिट्ठी
CNN-News18 को सिद्धार्थ की एक चिट्ठी भी मिली है, जो उन्होंने बोर्ड ऑफ डिरेक्टर्स और सीसीडी फैमिली को लिखी है. इस चिट्ठी में उन्होंने कंपनी की माली हालत और अपने ऊपर कर्ज़ का ज़िक्र किया है. चिट्ठी में वीजी सिद्धार्थ ने अपनी नाकामी के बारे में लिखा- 'मैं सीसीडी को प्रॉफिटेबल बिजनेस मॉडल बनाने में नाकाम रहा. हालांकि मैंने पूरी कोशिश की. मैंने इसे पूरी जिंदगी दी. लेकिन मुझे माफ कर दीजिए. मैं आप सबकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया. परेशानियों को खत्म करने के लिए मैं लंबे समय से जूझता रहा, मगर अब हिम्मत हार गया हूं. मुझमें और प्रेशर लेने की ताकत नहीं है. मुझपर दोस्तों का काफी कर्ज है. कुछ प्राइवेट इक्विटी पार्टनर्स भी मुझे अपनी शेयर बेचने का दबाव बना रहे हैं.'

आयकर अधिकारी पर प्रताड़ना का आरोप

सिद्धार्थ ने अपने खत में आयकर विभाग के एक पूर्व महानिदेशक (डीजी) पर भी प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कहा, 'एक पूर्व डीजी ने उनके शेयर्स को दो बार अटैच किया, जिससे माइंडट्री के साथ उनकी डील ब्लॉक हो गई और फिर कॉफी डे के शेयर्स की जगह ले ली, जबकि संशोधित रिटर्न्स उनकी ओर से फाइल किए जा चुके थे.' सिद्धार्थ ने इसे अनुचित बताया है और लिखा है कि इसके कारण पैसे की कमी हो गई थी.

सिद्धार्थ ने अपनी चिट्ठी में सफाई दी कि उनका मकसद किसी को धोखा देने या गुमराह करने का नहीं था. उन्होंने खुद को एक असफल उद्यमी बताया और कहा कि उम्मीद है मुझे समझा और माफ किया जाएगा. इस चिट्ठी के साथ उन्होंने अपनी संपत्तियों का ब्योरा और कीमत भी बताई है और कहा है कि उन पर चढ़े कर्ज से ज्यादा कीमत उनकी संपत्तियों की है, जिससे सभी का बकाया चुकाया जा सकता है.

CFO से कहा था-कंपनी का ख्याल रखना
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मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो वीजी. सिद्धार्थ ने आखिरी बार अपनी कंपनी के CFO से 56 सेकेंड के लिए बात की थी, जिसमें उन्होंने अपने CFO को कंपनी का ख्याल रखने के लिए कहा था. जिस वक्त वह अपने CFO से फोन पर बात कर रहे थे, वो काफी निराश थे. CFO से बात करने के बाद उन्होंने अपना फोन स्विच ऑफ कर दिया था.

उनके परिवार के पास कॉफी के बागान थे


सिद्धार्थ पर बकाया है आयकर विभाग के 300 करोड़ रुपये
मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, इन दिनों सिद्धार्थ के सितारे गर्दिश में चल रहे हैं. उनपर आयकर विभाग का 300 करोड़ रुपये बकाया है और उनकी निवेश कंपनी सिवन सिक्यॉरिटीज कर्ज में डूबी हुई है. आयकर विभाग ने बीते दिनों उनके घर और दफ्तर में छापा मारा था. यही कारण है कि मुश्किलों से उबरने के लिए सिद्धार्थ दूसरी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में थे.

सिद्धार्थ के पास हैं कॉफी के बागान
कैफे कॉफी डे के संस्थापक वी.जी. सिद्धार्थ का नाता ऐसे परिवार से है जिसका जुड़ाव कॉफी की खेती की 150 वर्ष पुरानी संस्कृति से है. उनके परिवार के पास कॉफी के बागान थे, जिसमें महंगी कॉफी उगाई जाती थी. यह व्यापार के लिए सहायक हुआ, जो बाद में परिवार के लिए एक सफल व्यापार के रूप में स्थापित हुआ. '90 के दशक में कॉफी मुख्यतः दक्षिण भारत में ही पी जाती थी और इसकी पहुंच फाइवस्टार होटल तक ही थी. सिद्धार्थ कॉफी को आम पहुंच तक ले जाना चाहते थे. सिद्धार्थ का सपना और परिवार की कॉफी बिजनेस में गहरी समझ ही कैफे कॉफी डे की शुरुआत का कारण था.

आखिरी बार वो कब दिखे?
बताया जा रहा है कि कैफे कॉफी डे के मालिक सिद्धार्थ 29 जुलाई को मंगलुरु आ रहे थे. बीच रास्ते में सिद्धार्थ सोमवार शाम 6.30 बजे गाड़ी से उतर गए और टहलने लगे. टहलते-टहलते वे लापता हो गए. कॉफी किंग वीजी सिद्धार्थ के ड्राइवर के मुताबिक, मंगलौर के पास नेत्रारावती नदी पर बने पुल पर उन्होंने कार रुकवाई और कार से उतर गए. ये जगह बंगलुरु से करीब 375 किलोमीटर दूर है. जब एक घंटे बाद भी वह नहीं लौटे, तो ड्राइवर को फिक्र होने लगी. उसने आसपास अपने मालिक को ढूंढा, लेकिन वह कही नहीं मिले. जिसके बाद ड्राइवर ने परिवार को फोन किया. बाद में परिवार ने पुलिस को खबर की.पुलिस अभी भी उनकी तलाश में जुटी है, डॉग स्क्वायड की मदद ली जा रही है. जिस पुल से वह गायब हुए हैं, उसके करीब 600 मीटर दूरी पर ही समुद्र है और सोमवार रात को हाईटाइड भी आया था.

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First published: July 30, 2019, 11:05 AM IST
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