देश में कोरोना की दूसरी लहर, जानें संक्रमण से बचाव के लिए क्या करें, क्या ना करें

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि वायरस से बचाव के उपायों का पालन करने में लापरवाही के कारण मामले बढ़ रहे हैं. फाइल फोटो

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि वायरस से बचाव के उपायों का पालन करने में लापरवाही के कारण मामले बढ़ रहे हैं. फाइल फोटो

Covid-19 Second Wave: हर्षवर्धन ने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव के उपायों का पालन करने में लापरवाही के कारण संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 22, 2021, 4:27 PM IST
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नई दिल्ली. देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामले बढ़ रहे हैं और स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक पिछले चौबीस घंटे में संक्रमण के 43,846 नए मामले सामने आए हैं, जो इस साल एक दिन में सामने आने वाले मामलों की सर्वाधिक संख्या है. देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 1,15,99,130 हो गए. कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की तादाद में लगातार 11वें दिन वृद्धि दर्ज की गई है. पंजाब, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में संक्रमण बढ़ने के बाद प्रशासन ने कोरोना गाइडलाइंस के पालन में सख्ती दिखानी शुरू कर दी है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन (Harsh Vardhan) ने कहा है कि कोरोना वायरस से बचाव के उपायों का पालन करने में लापरवाही के कारण संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है. हर्षवर्धन ने कहा कि 80 फीसदी से ज्यादा मामले कुछ राज्य से हैं. मंत्री ने जोर दिया कि मास्क लगाने और एक-दूसरे से दूरी बनाने जैसे उचित कोविड व्यवहार का पालन किया जाए. इसका पालन टीके की उपलब्धता होने के बावजूद किया जाए.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “केवल कुछ राज्यों में बढ़ते मामलों में 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है.” उन्होंने कहा, “देश में संक्रमण के बढ़ते मामलों का प्रमुख कारण उचित कोविड व्यवहार में लापरवाही करना है. यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि टीके की उपलब्धता के बाद भी उचित कोविड व्यवहार का पालन किया जाए.” मंत्री ने कहा, “ उचित कोविड व्यवहार और कोविड टीकाकरण के बारे में जागरूकता को बढ़ाना है और हमें इस टीकाकरण को जन आन्दोलन बनाना है.” हर्षवर्धन ने यह भी बताया कि अब तक लगभग तीन करोड़ लोगों को कोविड टीके लगाए जा चुके हैं और टीकाकरण अभियान में तेजी आ रही है. कोविशील्ड और कोवॉक्सिन कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में एक हथियार की तरह हैं.

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इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने बुधवार को कोविड-19 की ‘दूसरी लहर’ को रोकने के लिए ‘तीव्र एवं निर्णायक’ कदम उठाने का आह्वान किया. देश के कुछ हिस्सों में कोविड-19 के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए मोदी ने वीडियो कान्फ्रेंस के जरिये संवाद के दौरान मुख्यमंत्रियों को आगाह करते हुए कहा कि ‘‘राष्ट्रव्यापी महामारी’’ एक बार फिर सामने आ सकती है और वे ‘‘जांच, पहचान और इलाज’ नीति का कड़ाई से अनुपालन कराएं. उन्होंने कहा, ‘‘हर संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों का कम से कम समय में पता लगाना और आरटी पीसीआर जांच दर 70 प्रतिशत से ऊपर रखना बहुत अहम है.’’ उधर, कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. के सुधाकर ने रविवार को कहा कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर शुरू हो गई है और उन्होंने इस महामारी पर रोक लगाने में लोगों का सहयोग मांगा.
देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच जानिए कि संक्रमण से बचने के लिए क्या करना है और क्या नहींः-

क्या करेंः-





  • व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें. कम से कम 20 सेकंड के लिए अपने हाथों को साबुन से नियमित तौर पर धोएं.


  • बाहर होने पर, एंटी-बैक्टीरियल हैंड सैनिटाइजर ले जाएं और नियमित रूप से लगाएं.


  • अपने घरों से बाहर निकलते समय हमेशा फेस मास्क का प्रयोग करें.


  • खांसते या छींकते समय हमेशा अपने मुंह को टिश्यू या रूमाल से ढकें. यदि आपके पास रूमाल या टिश्यू नहीं है, तो कोहनी में अपनी आस्तीन पर छींके या खांसें.


  • बाहर रहने पर, मास्क के अंदर खांसे या छींके. खांसते या छींकते समय मास्क न उतारें.


  • इस्तेमाल के तुरंत बाद यूज किए गए टिश्यू को कचरे के बंद डिब्बे में फेंक दें.


  • पीपीई किट, फेस मास्क और दस्ताने जैसी सुरक्षात्मक वस्तुओं का सही ढंग से निपटान सुनिश्चित करें.

    सार्वजनिक स्थान पर हमेशा दूसरों के साथ 6 फीट की दूरी बनाए रखें.


  • संभव हो तो घर से ही काम करें.


  • यदि आप अस्वस्थ महसूस करते हैं तो घर पर रहें. यदि आपको बुखार, खांसी या सांस लेने में कठिनाई हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.




क्या ना करें:-



  • जितना संभव हो अपने चेहरे, खास तौर पर अपनी आँखें, नाक और मुंह को छूने से बचें।


  • भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें और जितना हो सके लोगों से करीबी संपर्क ना रखें.


  • मॉल, जिम, रेस्तरां और पब में न जाएं. इन जगहों पर शारीरिक दूरी का पालन करना मुश्किल होता है.


  • शहरों, राज्यों या देशों की गैर जरूरी यात्राओं से बचें.


  • सार्वजनिक स्थानों पर थूकें नहीं.



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