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किस देश में अब तक कोरोना का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है

किस देश में अब तक कोरोना का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है

तुर्कमेनिस्तान का दावा है कि उनके यहां अब तक संक्रमण का एक भी केस नहीं आया

तुर्कमेनिस्तान का दावा है कि उनके यहां अब तक संक्रमण का एक भी केस नहीं आया

कोरोना वायरस (coronavirus) का संक्रमण लगभग पूरी दुनिया में फैल चुका है. विकसित देश भी इसकी चपेट में हैं, लेकिन मध्य एशियाई देश तुर्कमेनिस्तान (Turkmenistan) का दावा है कि उनके यहां अब तक संक्रमण का एक भी केस नहीं आया.

    दिसंबर 2019 में चीन के हुबई प्रांत में सामने आए आए कोरोना वायरस ने कुछ ही हफ्तों में पूरी दुनिया में तबाही मचानी शुरू कर दी. अब हालात ये हैं कि 18 लाख 50 हजार से ज्यादा लोग कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं, जबकि 1 लाख 10 हजार से ज्यादा जानें जा चुकी हैं. लॉकडाउन के बीच एक से एक वैज्ञानिक इसका इलाज खोजने में लगे हैं. इन सबके बीच तुर्कमेनिस्तान के आधिकारिक हेल्थ डाटा के अनुसार उनके यहां कोरोना जैसी कोई चीज ही नहीं है. यहां रोजमर्रा की जिंदगी सामान्य तौर पर चल रही है और उत्सवों में भीड़ भी जुट रही है.

    मामले छिपाने की आशंका
    इन सबके बीच एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार मामले छिपा रही है ताकि उन्हें लॉकडाउन से न गुजरना पड़े. संदेह की एक वजह ये भी है कि ये देश प्रेस की आजादी और सेंसरशिप के मामले में बहुत सख्त रहा है. यहां तक कि इस मामले में तुर्कमेनिस्तान की तुलना नॉर्थ कोरिया से की जाती है. 31 मार्च को Reporters Without Borders (RSF) ने इस देश को वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में सबसे नीचे रखा था. यानी यहां प्रेस को कुछ भी कहने की आजादी नहीं है. RSF के अनुसार देश की राजधानी Ashgabat में कोरोना शब्द बोलने पर भी मनाही लगी हुई है. हालांकि बाद में इस खबर पर काफी बवाल भी हुआ, जिसके बाद RSF ने अपनी हेडलाइन में थोड़ा बदलाव कर दिया लेकिन उसके बाद भी मतलब यही निकल रहा था कि इस देश में कोरोना की बात कहना मना है.

    यहां पर पहले भी कई बीमारियां छिपाई जाती रही हैं


    क्या कहता है मीडिया
    खुद यहां के स्थानीय मीडिया Turkmenistan Chronicle का भी कहना है कि देश में सरकारी तौर पर जारी होने वाले बुलेटिन में कोरोना वायरस का कोई भी जिक्र नहीं रहता, जबकि पूरी दुनिया में इसके कारण कोहराम मचा हुआ है. यहां तक कि RFE/RL’s Turkmen Service ने एक रिपोर्ट में बताया कि लोग अगर कोरोना की बात करें तो सादी वर्दी में तैनात पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर रही है. Turkmenistan Chronicle में छपी रिपोर्ट के अनुसार स्कूलों, अस्पतालों और दफ्तरों में बंटने वाले हेल्थ बुलेटिन में कहीं भी कोरोना का जिक्र तक नहीं रहता है, जबकि 25 मार्च तक इस बारे में बताया जा रहा था. दिलचस्प बात ये है कि Turkmenistan Chronicle इस देश के चुनिंदा आजाद मीडिया स्त्रोतों में से है लेकिन खुद ये अपने ही देश के भीतर बैन है.

    बीते एक महीने में क्या है बदला
    मार्च में देश की सरकार कोरोना प्रभावित देशों में फंसे अपने नागरिकों को वापस ला रही थी. इस बारे में आखिरी खबर 25 मार्च को आई थी, लेकिन इसके बाद से कोरोना के बारे में बात या कोई भी सूचना जारी नहीं हो रही है. हालांकि सरकार का कहना है कि उसने संक्रमण रोकने के उपाय पहले ही अपना लिए थे इसलिए देश इससे बचा हुआ है. यहां फरवरी में ही चीन और आसपास के देशों के हवाई सफर पर रोक लग गई थी. इसके अलावा सारी इंटरनेशनल उड़ाने तुर्कमेनिस्तान की राजधानी की बजाए तुर्कमेनाबाद को डायवर्ट कर दी गई थीं ताकि राजधानी में संक्रमण न फैले. इसी जगह पर क्वारंटीन जोन तैयार किया गया था, जहां दूसरे देशों से आए नागरिकों को 14 दिन के लिए रखा जाने की बात कही गई थी लेकिन इसके बाद का कोई भी डाटा नहीं दिया जा रहा.

    तुर्कमेनिस्तान प्रेस की आजादी और सेंसरशिप के मामले में बहुत सख्त रहा है


    छिपाने का रहा है इतिहास
    केस न होने के बयान पर आशंका इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि यहां पर पहले भी कई बीमारियां छिपाई जाती रही हैं. तुर्कमेनिस्तान के हेल्थकेयर सिस्टम पर शोधकर्ता और London School of Hygiene and Tropical Medicine के प्रोफेसर Martin McKee का मानना है कि देश का सरकारी डाटा जो कह रहा है, उसपर यकीन करना मुश्किल है, खासकर इस देश के खराब हेल्थकेयर सिस्टम के साथ. पिछले एक दशक में यहां HIV/Aids का एक भी मरीज नहीं आया. यहां तक कि बीते दशक में यहां प्लेग जैसी कई बीमारियां फैलीं, लेकिन इंटरनेशनल मीडिया में इसकी भी कोई खबर नहीं.

    एक ओर देश अपने यहां जीरो केस का दावा कर रहा है, तो दूसरी तरफ सरकारी अधिकारी UN के साथ बीमारी पर चर्चा भी कर रहे हैं. बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार यूएन की स्थानीय अधिकारी Elena Panova का कहना है कि वे अपने स्तर पर कोशिश कर रहे हैं कि मामला आए तो लैब टेस्टिंग और इलाज की सुविधा रहे.

    वैसे तुर्कमेनिस्तान के अलावा कई और देश भी हैं, जहां कोरोना का एक भी मामला न होने का दावा किया जा रहा है. इनमें किरिबाती, लेसोथो, माइक्रोनेशिया, नौरू, नार्थ कोरिया, पलाऊ, समोआ, सलमन द्वीप, साउथ सूडान, तजाकिस्तान, टोंगो और तुवालू हैं.

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    Tags: Corona infection, Corona positive, Coronavirus, Coronavirus Epidemic, Coronavirus in India

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