मैरिज हॉल के टैक्स को लेकर रजीनकांत की याचिका मद्रास हाईकोर्ट में खारिज, जानें पूरा मामला

रजनीकांत (Photo Credit- @rajinikanth/twitter)
रजनीकांत (Photo Credit- @rajinikanth/twitter)

रजनीकांत ने कोविड-19 लॉकडाउन (Covid-19 Lockdown) की वजह से वित्त वर्ष (Financial Year) के शुरुआती छह महीने तक विवाह घर बंद रहने के आधार पर अदालत में याचिका दायर की थी कि उन्हें कर में कुछ रियायत दी जाए, हालांकि कोर्ट के कर की रकम बढ़ाने की बात पर उन्होंने अपनी याचिका वापस ले ली.

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  • Last Updated: October 14, 2020, 10:13 PM IST
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चेन्नई. मद्रास उच्च न्यायालय (Madras Highcourt) ने बुधवार को अभिनेता रजनीकांत (Actor Rajinikanth) द्वारा दायर की गई एक याचिका को खारिज कर दिया. इस याचिका में नगर निकाय द्वारा यहां मौजूद उनके विवाह घर को इस वित्तवर्ष की पहली छमाही के लिए संपत्ति कर (Property Tax) के तौर पर 6.50 लाख रुपये जमा करने के निर्देश को चुनौती देते हुए राहत देने का अनुरोध किया गया था. याचिका को वापस लिये जाने के कारण खारिज किया गया.

न्यायमूर्ति अनीता सुमंत ने इसके साथ ही नगर निकाय द्वारा नोटिस जारी किए जाने के तुरंत बाद राहत के लिए अदालत का रुख करने पर अभिनेता से मुकदमे का खर्च वसूलने की चेतावनी दी. राजनीकांत ने कोविड-19 लॉकडाउन (Covid-19 Lockdown) की वजह से वित्त वर्ष (Financial Year) के शुरुआती छह महीने तक विवाह घर बंद रहने के आधार पर राहत देने का अनुरोध किया था.

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याचिका वापस लेने के साथ खारिज
याचिका में रजनीकांत ने नगर निकाय को उनको भेजे नोटिस के निस्तारण का निर्देश अदालत द्वारा दिए जाने का अनुरोध किया था, जिसे उनके वकील द्वारा दिन में दस्तावेज जमा करने और याचिका वापस लेने के साथ खारिज कर दिया गया.

नियमित तौर पर संपत्ति कर के भुगतान की कही बात
अभिनेता ने अदालत को बताया कि वह राघवेंद्र मंडपम (Raghvendra Mandapam नाम से चल रहे विवाह घर के लिए नियमित तौर पर संपत्ति कर का भुगतान करते हैं और आखिरी बार वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी छमाही के लिए उन्होंने चार फरवरी को कर भरा.

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चेन्नई नगर निगम (Chennai Municipal Corporation) ने इस साल अप्रैल से सितंबर के लिए उनसे 6,50,660 रुपये के संपत्ति कर की मांग की है.
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