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कोरोना वायरस के नए प्रकार के खिलाफ काम कर सकता है ‘कोवैक्सिन’ : भारत बायोटेक

ब्रिटेन में पाया गया कोरोना वायरस का नया प्रकार 60 प्रतिशत तेजी से फैलता है (सांकेतिक तस्वीर)
ब्रिटेन में पाया गया कोरोना वायरस का नया प्रकार 60 प्रतिशत तेजी से फैलता है (सांकेतिक तस्वीर)

Coronavirus New Strain: भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान के साथ मिलकर यह टीका विकसित किया जा रहा है और अब यह तीसरे चरण के परीक्षणों से गुजर रहा है.

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नई दिल्ली. कोविड-19 (Covid-19) के लिए भारत बायोटेक (Bharat Biotech) कंपनी द्वारा विकसित किया जा रहा टीका ‘कोवैक्सिन’(Covaxine) वायरस के उत्परिवर्तन से बचाव कर सकता है. शहर स्थित टीका निर्माता कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक कृष्णा एला ने मंगलवार को यह जानकारी दी. उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी ने टीका का उपयोग करने के लिए आकस्मिक लाइसेंस के लिए मंजूरी की खातिर नियामक प्राधिकारों से संपर्क किया है. भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान के साथ मिलकर यह टीका विकसित किया जा रहा है और अब यह तीसरे चरण के परीक्षणों से गुजर रहा है.

एला ने सीएसआईआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी द्वारा आयोजित एक डिजिटल कार्यक्रम में कहा, "इसमें (कोरोना वायरस) बहुत अधिक उत्परिवर्तन होने का अनुमान है और आप आश्वस्त हो सकते हैं कि यह टीका दो परिकल्पनाओं के कारण उस (उत्परिवर्तित) विषाणु से भी बचाव करेगा ....’’ वह ब्रिटेन में मिले कोरोना वायरस के नए प्रकार को लेकर पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे. एला ने कहा कि यह उत्परिवर्तन अप्रत्याशित नहीं है और विषाणु अधिक संख्या में लोगों तक पहुंचने के लिए अपने आप उत्परिवर्तित होते हैं.

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नए वेरिएंट पर टीके के काम न करने के कोई साक्ष्य नहीं
वहीं सरकार ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 का टीका वायरस के नए स्वरूप के खिलाफ भी काम करेगा और ऐसे कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं कि मौजूदा टीका ब्रिटेन या दक्षिण अफ्रीका से आए सार्स-सीओवी-2 के नए स्वरूप से सुरक्षा में नाकाम रहेगा.

प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के विजय राघवन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अब तक यह नहीं पाया गया है कि नया स्वरूप बीमारी की गंभीरता को बढ़ा देता है. उन्होंने कहा, “ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है कि मौजूदा टीका ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका में सामने आए कोविड-19 के नए स्वरूप के खिलाफ नाकाम रहेगा. अधिकांश टीके संक्रमित स्पाइक प्रोटीन को लक्षित करते हैं, जिसमें परिवर्तन होते हैं लेकिन टीका हमारे प्रतिरोधी तंत्र को व्यापक सुरक्षात्मक एंटीबॉडी तैयार करने के लिये उत्प्रेरित करते हैं.”

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नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वी के पॉल ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण के नए मामलों और इससे जान गंवाने वालों की संख्या में लगातार कमी आ रही है, जो दुनियाभर की स्थिति को देखते हुए आश्वस्त करती है. पॉल ने कहा, “हम कोविड-19 के नए मामलों, उपचाराधीन मरीजों और मौतों को लेकर लगातार गिरावट देख रहे हैं, जो काफी आश्वस्त करने वाला है. यह इस वक्त खास तौर पर महत्वपूर्ण है, जब कुछ राष्ट्र लगातार विनाशकारी स्थिति का सामना कर रहे हैं.”
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