Corona vaccine: मुंबई के हाफकिन बायो फार्मास्युटिकल में भी बनेगी कोवैक्सीन, केंद्र ने दी मंजूरी

हैदराबाद की भारत बायोटेक ने सीएमआर के साथ मिलकर कोवैक्सीन विकसित की है. (Photo- news18 creative)

हैदराबाद की भारत बायोटेक ने सीएमआर के साथ मिलकर कोवैक्सीन विकसित की है. (Photo- news18 creative)

Coronavirus Vaccine: हाफकिन फर्मास्यूटिकल्स कार्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. संदीप राठौड़ ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य 22.8 करोड़ टीकों का प्रति वर्ष उत्पादन करना है किंतु उत्पादन शुरू होने में हमें एक वर्ष लग जाएगा.’’

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  • Last Updated: April 16, 2021, 6:05 PM IST
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मुंबई. भारत बायोटेक का कोविड-19 का टीका कोवैक्सीन (Covid-19 Vaccine Covaxin) बनाने की अनुमति मिलने के बाद मुंबई की हाफकिन फर्मास्यूटिकल्स ने शुक्रवार को कहा कि कंपनी को वास्तविक उत्पादन शुरू करने में एक वर्ष का समय लग जाएगा. सरकार द्वारा संचालित इस कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि कंपनी ने प्रति वर्ष 22.8 करोड़ खुराक बनाने का लक्ष्य तय किया है.

हाफकिन फर्मास्यूटिकल्स कार्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. संदीप राठौड़ ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य 22.8 करोड़ टीकों का प्रति वर्ष उत्पादन करना है किंतु उत्पादन शुरू होने में हमें एक वर्ष लग जाएगा.’’ उल्लेखनीय है कि हैदराबाद की भारत बायोटेक ने सीएमआर के साथ मिलकर कोवैक्सीन विकसित की है. देशभर में कोविड टीकाकरण में जो दो टीके दिये जा रहे हैं कोवैक्सीन उनमें से एक है.

बड़ी आबादी के लिए टीकाकरण काफी महत्वपूर्ण

डॉ. राठौड़ ने कहा कि कंपनी को उसके मुंबई के परेल संयंत्र में टीके का उत्पादन करने का अनुबंध मिला है.' महाराष्ट्र सरकार के इस उपक्रम के प्रबंध निदेशक ने कहा, ‘‘कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए बड़ी संख्या में लोगों का टीकाकरण करने के मकसद से इस साल जनवरी में प्रस्ताव दिया गया था. यह एक महत्वाकांक्षी योजना है जो इतनी बड़ी आबादी के टीकाकरण की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है.’’


उन्होंने कहा, ‘‘कच्चे माल के उत्पादन के लिए संयंत्र लगाने के मकसद से एक आतंरिक दल के साथ साथ एक तकनीकी दल भी रहेगा. जैसे ही हमें सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों को लेकर केंद्र की अनुमति मिल जाएगी, हम टीके का उत्पादन शुरू कर देंगे.’’ डॉ. राठौड़ ने कहा, ‘‘नS संयंत्र की स्थापित क्षमता प्रति वर्ष 22.8 करोड़ टीका खुराक बनाने की होगी और हम इसका अधिकतम उपयोग करेंगे.’’
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