फिर बुरी हो रही है कोरोना की स्थिति, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दी 1-2 साल सावधानी बरतने की चेतावनी

बाजारों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए आईसीएमआर ने चेतावनी दी है कि तीसरी लहर जल्‍द आएगी.

एम्स के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. नीरज निश्चल ने कहा, "त्योहारों का मकसद खुशियां बांटना है, कोविड नहीं. अगले 1-2 वर्षों तक, जब तक महामारी नियंत्रण में नहीं है, तब तक हमें महामारी के फिर से फैलने का कारण नहीं बनना चाहिए. "

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    नई दिल्ली. भारत समेत दुनिया के कई देशों में कोरोना महामारी (Corona Pandemic) की दूसरी लहर थमी हुई दिख रही है, लेकिन अभी ये पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. दुनिया के आंकड़े देखें तो हर रोज अभी भी साढ़े पांच लाख नए मरीज सामने आ रहे हैं और साढ़े आठ हजार मौतें कोरोना से हो रही हैं. एक तरफ कोरोना का डर है तो दूसरी तरफ त्योहारी सीजन के दौरान बाजार में बढ़ती भीड़ ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है. एम्स के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. नीरज निश्चल ने कहा कि देशभर के लोगों को अगले एक से दो साल तक सावधान रहना चाहिए और कोरोना वायरस बीमारी (कोविड-19) को दोबारा विस्फोट का मौका नहीं देना चाहिए.

    निश्चल ने कहा, "त्योहारों का मकसद खुशियां बांटना है, कोविड नहीं. अगले 1-2 वर्षों तक, जब तक महामारी नियंत्रण में नहीं है, तब तक हमें महामारी के फिर से फैलने का कारण नहीं बनना चाहिए." एम्स के प्रोफेसर द्वारा यह चेतावनी ऐसे समय में जारी की गई है जब केंद्र सरकार लोगों को कोरोना
    के खिलाफ जंग में अगले 100-125 दिन नाजुक हैं कि चेतावनी जारी कर चुकी है.

    अच्छी से खराब हो रही है स्थिति
    नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने शुक्रवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा था कि देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा अभी भी कोरोना संक्रमण के लिहाज से संवेदनशील है. इसलिए तीसरी लहर को लेकर बार-बार शंका जाहिर की जाती है. उन्होंने कहा कि दुनिया में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं और यह रोजाना पांच लाख से अधिक हो गए हैं. उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ ने इन्हीं आंकड़ों के आधार पर कहा है कि स्थिति अच्छी से खराब हो रही है. यह तीसरी लहर आने का संकेत दे रही है.

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    उन्होंने कहा कि यदि लोग कोरोना अनुकूल व्यवहार का पालन करेंगे और अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे तो तीसरी लहर नहीं आएगी. अथवा इसके प्रभाव को कम किया जा सकेगा. डॉ. पॉल ने कहा कि इस लिहाज से अगले 100-125 दिन नाजुक होंगे. यानी अगले चार महीने विशेष तौर पर सावधान रहने की जरूरत होगी.

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