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COVID-19 Vaccination: भारत में करीब दो लाख कोरोना वॉरियर्स को मिली कोविड वैक्सीन की पहली खुराक- 10 खास बातें

देश में AIIMS के सफाईकर्मी मनीष कुमार को कोविड​​-19 का पहला टीका लगाया गया. (प्रतीकात्मक)
देश में AIIMS के सफाईकर्मी मनीष कुमार को कोविड​​-19 का पहला टीका लगाया गया. (प्रतीकात्मक)

COVID-19 Vaccination: भारत में करीब एक करोड़ लोगों के संक्रमित होने और 1,52,093 लोगों की मौत के बाद देश ने 'कोविशील्ड' (Covishield) और 'कोवैक्सीन' (Covaxin) टीके के साथ महामारी को मात देने के लिए पहला कदम उठाया है और देशभर के स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण किया गया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 17, 2021, 10:13 AM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शनिवार को कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के खिलाफ शुरू किए गए दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान (COVID-19 Vaccination Drive) के तहत शनिवार को भारत में अग्रिम पंक्ति के लगभग दो लाख स्वास्थ्यकर्मियों और सफाईकर्मियों को टीके की पहली खुराक दी गई. इसके साथ ही दुनियाभर में 10 महीनों में लाखों जिंदगियों और रोजगार को लील लेने वाली इस महामारी के भारत में खात्मे की उम्मीद जगी है.

भारत में करीब एक करोड़ लोगों के संक्रमित होने और 1,52,093 लोगों की मौत के बाद देश ने 'कोविशील्ड' (Covishield) और 'कोवैक्सीन' (Covaxin) टीके के साथ महामारी को मात देने के लिए पहला कदम उठाया है और देशभर के स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण किया गया. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत में टीकाकरण के पहले दिन 3,352 केंद्रों पर 1,91,181 स्वास्थ्यकर्मियों और सफाईकर्मियों को टीके की पहली खुराक दी गई. कोविड-19 महामारी के खिलाफ अग्रिम मोर्चे पर कार्यरत कर्मियों के टीकाकरण पर आने वाले खर्च को केंद्र सरकार वहन करेगी. (भाषा इनपुट के साथ)
पूरे देश में टीकाकरण अभियान की शुरुआत पर उत्सव जैसा माहौल रहा. कई अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों को फूलों और गुब्बारों से सजाया गया था. कई स्थानों पर टीकाकरण से पहले प्रार्थना की गई.
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान की शुरुआत पर अस्पताल के एक सफाईकर्मी मनीष कुमार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन की उपस्थिति में कोविड​​-19 का पहला टीका लगाया गया. इसके साथ ही मनीष देश की राजधानी में टीका लगवाने वाले पहले शख्स बन गए.
देश में टीकाकरण अभियान शुरू होने के पहले दिन स्वास्थ्यकर्मियों के साथ-साथ एम्स दिल्ली के निदेशक रणदीप गुलेरिया, नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल, भाजपा सांसद महेश शर्मा और पश्चिम बंगाल के मंत्री निर्मल माजी उन लोगों में शामिल रहे जिन्हें टीके की पहली खुराक दी गई. पॉल कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए चिकित्सा उपकरण एवं प्रबंधन को लेकर गठित अधिकार समूह के प्रमुख भी हैं.
इस बीच, रात में खबर आई कि टीका लगने के बाद दिल्ली स्थित एम्स में एक गार्ड को एलर्जी होने और पश्चिम बंगाल में एक नर्स को बेहोश होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया. अधिकारियों ने बताया कि कोलकाता में 35 वर्षीय एक नर्स कोविडशील्ड टीका लगने के बाद अचेत हो गई जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहीं, राष्ट्रीय राजधानी के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में शनिवार को एक गार्ड को कोवैक्सीन टीके की पहली खुराक लगाए जाने के बाद एलर्जी हो गई जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया.
इस अभियान की शुरुआत से पहले राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि टीके की दो खुराक लेनी बहुत जरूरी हैं और इन दोनों के बीच लगभग एक महीने का अंतर होना चाहिए. उन्होंने टीका लेने के बाद भी लोगों से कोरोना संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया और 'दवाई भी, कड़ाई भी' का मंत्र दिया.
प्रधानमंत्री ने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के 'मेड इन इंडिया' टीकों की सुरक्षा के प्रति आश्वस्त होने के बाद ही इसके उपयोग की अनुमति दी गई है. मोदी ने कहा कि टीका देश में कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में निर्णायक जीत सुनिश्चित करेगा.
महाराष्ट्र में शनिवार को देश के शेष भाग के साथ ही टीकाकरण अभियान शुरू हो गया. मुंबई में जेजे अस्पताल के डीन डॉक्टर रंजीत मानकेश्वर तथा जालना सिविल अस्पताल की डॉक्टर पद्मजा सराफ सबसे पहले टीका लगवाने वालों में शामिल रहे. गोवा में जीएमसीएच के कर्मचारी रंगनाथ भोज्जे को शनिवार को सबसे पहले कोरोना वायरस का टीका लगाया गया. केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर तथा गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत उस समय जीएमसीएच अस्पताल में मौजूद थे, जब भोज्जे को टीका लगाया गया.
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सबसे पहले एक स्वच्छताकर्मी को टीका लगाकर प्रदेश में इसकी शुरूआत की गयी. प्रदेश में टीकाकरण केन्द्र पर टीका लगवाने वालों का जहां फूलों से स्वागत किया गया, वहीं ग्वालियर में डॉक्टरों ने हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना कर इसकी शुरुआत की. वहीं छत्तीसगढ़ में 51 वर्षीय सफाईकर्मी तुलसा टांडी राज्य में कोविड-19 से बचाव का टीका लगवाने वाले पहले व्यक्ति बने.
तमिलनाडु में भी 166 केंद्रों पर टीकाकरण हुआ और यहां के सरकारी अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर राज्य में कोविड-19 का टीका प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति बने. वहीं तेलंगाना में हैदराबाद स्थित अस्पताल में महिला सफाईकर्मी कोविड-19 से बचाव का टीका लगवाने वाली पहली व्यक्ति बनीं, उन्हें तालियों की गड़गड़ाहट के बीच टीका लगाया गया.
केरल में भी 133 केंद्रों पर टीकाकरण शुरू हुआ और टीका प्राप्त करने वालों में प्रमुख सरकारी डॉक्टर और अग्रिम मोर्चे पर कार्य करने वाले कर्मी रहे. कर्नाटक में भी 243 स्थानों पर टीकाकरण अभियान की शुरुआत हुई जिनमें से 10 केंद्र बेंगलुरु में हैं. बेंगलुरु स्थित विक्टोरिया अस्पताल में कार्यरत वार्ड अटेंडेंट 28 वर्षीय नागरत्न राज्य में कोविड-19 से बचाव का टीका लगाने वाले पहले व्यक्ति बने.
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