बड़ी खुशखबरी: भारत में फरवरी तक लॉन्च हो सकती है कोविड-19 वैक्सीन- वैज्ञानिक

देश में फरवरी में लॉन्‍च हो सकती है कोरोना वैक्‍सीन
देश में फरवरी में लॉन्‍च हो सकती है कोरोना वैक्‍सीन

Bharat Biotech Vaccine Could Launch By February: आईसीएमआर के वरिष्‍ठ वैज्ञानिक रजनीकांत ने कहा कि वैक्‍सीन का प्रभाव अच्‍छा दिख रहा है. ऐसी उम्‍मीद है कि अगले साल की शुरूआत में फरवरी या मार्च तक यह उपलब्‍ध हो सकती है. अगर यह फरवरी में आ जाएगी तो देश में लान्‍च होने वाली कोविड-19 की पहली वैक्‍सीन होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 5, 2020, 7:51 PM IST
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नई दिल्‍ली. कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus) की रफ्तार कम जरूर हुई है लेकिन थमी नहीं है. संक्रमण के कहर के बीच लोगों को बेसब्री से किसी कारगर वैक्‍सीन का इंतजार है. इस रेस में भारत की तीन ऐसी वैक्‍सीन हैं जो कामयाबी से बस कुछ ही कदम दूर हैं. तीनों का ट्रायल अंतिम चरण में चल रहा है. एक वरिष्ठ सरकारी वैज्ञानिक ने रॉयटर्स को बताया कि भारत सरकार द्वारा समर्थित कोविड-19 वैक्‍सीन फरवरी 2021 तक आ सकती है. उन्‍होंने कहा कि इसका रिजल्‍ट बेहतर पाया गया है. वैक्‍सीन का ट्रायल अंतिम चरण में है. अगर सबकुछ ठीक रहा तो फरवरी की शुरुआत में वैक्‍सीन आ सकती है. बता दें कि भारत बायोटेक, आईसीएमआर के साथ मिलकर कोरोना की वैक्‍सीन बना रही है. ये वैक्‍सीन अगले साल की तिमाही में लान्‍च हो सकती है.

आईसीएमआर के वरिष्‍ठ वैज्ञानिक रजनीकांत ने कहा कि वैक्‍सीन का प्रभाव अच्‍छा दिख रहा है. ऐसी उम्‍मीद है कि अगले साल की शुरूआत में फरवरी या मार्च तक यह उपलब्‍ध हो सकती है. अगर यह फरवरी में आ जाएगी तो देश में लान्‍च होने वाली कोविड-19 की पहली वैक्‍सीन होगी.

देश में कोविड​​-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या सातवें दिन भी छह लाख से कम: स्वास्थ्य मंत्रालय
देश में लगातार सात दिनों से कोविड​​-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या छह लाख से कम है. 27 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 20,000 से कम रह गई है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत में कोविड-19 के इलाजरत मामलों में लगातार गिरावट जारी है, जो वर्तमान में 5,27,962 है. बयान में कहा गया, 'उपचाराधीन मरीजों की संख्या पिछले सात दिनों से 6 लाख से कम हैं. 27 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में इलाजरत मामले 20,000 से कम हैं और देश में कुल इलाजरत मामलों के 78 प्रतिशत मामले 10 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में हैं. 51 प्रतिशत से अधिक इलाजरत मामले महाराष्ट्र, केरल, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में हैं.
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मंत्रालय ने कहा कि उपचाराधीन मरीजों की संख्या में गिरावट की प्रवृत्ति हर दिन बढ़ती जा रही है. बयान में कहा गया, 'ठीक हुए लोगों की कुल संख्या 77,11,809 है. ठीक हो चुके मरीजों और उपचाराधीन मरीजों की संख्या के बीच अंतर लगभग 72 लाख (71,83,847) तक पहुंच गया है. राष्ट्रीय स्तर पर मरीजों के ठीक होने की दर में और सुधार हुआ है और यह अब बढ़कर 92.20 प्रतिशत हो गया है.'

मंत्रालय ने कहा कि महाराष्ट्र, केरल और कर्नाटक में एक दिन में सबसे अधिक 8,000 से अधिक मरीज ठीक हुए हैं. गुरुवार सुबह आठ बजे जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 50,210 नए मामले सामने आने से कुल मामले बढ़कर 83,64,086 तक पहुंच चुके हैं और 704 लोगों की जान जाने से मृतकों की संख्या 1,24,315 तक पहुंच गई है.
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