Covid 19 cases in Delhi: दिल्ली का भी हो जाएगा महाराष्ट्र जैसा हाल? जानें AAP सरकार की कैसी है तैयारी?

दिल्ली में रविवार को एक मरीज की मौत के साथ दिल्ली में कोरोना से मरने वालों की संख्या 10 हजार 956 हो गई है.

दिल्ली में रविवार को एक मरीज की मौत के साथ दिल्ली में कोरोना से मरने वालों की संख्या 10 हजार 956 हो गई है.

Covid 19 cases in Delhi: क्या दिल्ली का हाल भी आने वाले कुछ दिनों में महाराष्ट्र जैसा हो जाएगा? कोरोना को फैलने से रोकने को लेकर केजरीवाल सरकार की क्या तैयारी है? दिल्ली में कोरोना से मौजूदा हालात को लेकर News18 ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन से कई सवाल पूछे. आइए जानते हैं, दिल्ली में दोबारा फैल रहे कोरोना महामारी को लेकर सत्येंद्र जैन का क्या कहना है:-

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 22, 2021, 4:55 PM IST
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Covid 19 cases in Delhi: देश में कोरोना वायरस की रफ्तार लगातार तेज होती जा रही है. रोजाना नए केसों के साथ ही एक्टिव केसों (इलाज करा रहे मरीज) का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है. राजधानी दिल्ली में भी कोरोना का संकट बढ़ता जा रहा है. लगातार दूसरे दिन 800 से अधिक मामले आए. रविवार को 823 नए मामले आए, जो इस साल अब तक सबसे अधिक हैं. इससे पहले शनिवार को 813 मामले आए थे. इस वजह से दो दिन में 1636 व एक सप्ताह में 4288 मामले आ चुके हैं. पिछले 24 घंटे में 613 मरीज ठीक भी हुए हैं. वहीं, रविवार को एक मरीज की मौत के साथ दिल्ली में कोरोना से मरने वालों की संख्या 10 हजार 956 हो गई है.

ऐसे में सवाल है कि क्या दिल्ली का हाल भी आने वाले कुछ दिनों में महाराष्ट्र जैसा हो जाएगा? कोरोना को फैलने से रोकने को लेकर केजरीवाल सरकार की क्या तैयारी है? दिल्ली में कोरोना से मौजूदा हालात को लेकर News18 ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन से कई सवाल पूछे.

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आइए जानते हैं, दिल्ली में दोबारा फैल रहे कोरोना महामारी को लेकर सत्येंद्र जैन का क्या कहना है:-

  • अगर आप पिछले 10 दिनों के रुझान को देखते हैं, तो दिल्ली ने लगातार 600 और 700 अंक को पार कर लिया है. अब रोजाना 800 से ज्यादा मामले आ रहे हैं? क्या राजधानी में कोरोना की ये नई लहर है?

    दिल्ली में कोरोना की नई लहर शुरू हो गई है या नहीं, फिलहाल ये कहना मुश्किल है, क्योंकि अभी तक स्पेशलिस्ट ने इस बारे में कुछ नहीं कहा हैं. दिल्ली में कोरोना एक्टिव केस की रेट 1 फीसदी है, जबकि महाराष्ट्र में ये दर 15 फीसदी है. अगर आप उन राज्यों के आंकड़ें देखें, जहां कोरोना की नई लहर चल रही है, तो आप देखेंगे कि दिल्ली अभी काफी पीछे है. हालांकि, हमें कोताही नहीं बरतनी चाहिए और कोरोना के खिलाफ गाइडलाइन का पालन करना चाहिए.


  • जैसा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि सरकार का फोकस टीकाकरण में सुधार करना होगा. क्या आपने टीकाकरण करवाने वालों की संख्या में सुधार देखा है?

    पिछले शनिवार को दिल्ली में सबसे अधिक 46,000 टीकाकरण हुए. सोमवार से वैक्सीन सेंटर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे के बजाय 12 घंटे खुले रहेंगे. अब आप दोपहर 3 बजे से 9 बजे के बीच बिना किसी अपॉइंटमेंट के वैक्सीन सेंटर जाकर टीका लगवा सकते हैं. वैक्सीन के लिए बहुत से लोगों को रजिस्ट्रेशन में दिक्कत का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद ये सुविधा दी गई है. बिना रजिस्ट्रेशन कोरोना की वैक्सीन के लिए हम दोपहर 3 बजे से रात 9 बजे तक ये सुविधा दे रहे हैं. इससे टीकाकरण अभियान को भारी बढ़ावा मिलेगा.


  • क्या आप स्वीकार करेंगे कि दिल्ली में कुछ ढिलाई बरती गई थी, जिसके कारण कोरोना मामलों की संख्या फिर से बढ़ने लगी. पहले तो डेली केसेज काफी हद तक कंट्रोल में आ गए थे?

    देखिए, यह कहना मुश्किल है; क्योंकि पूरे देश में एक प्रवृत्ति है. सोमवार को देशभर में लगभग 47,000 मामले सामने आए हैं. जहां दूसरे राज्यों में 10,000 के करीब केस आ रहे हैं, वहीं दिल्ली में ये आंकड़ा 300-400 तक सीमित है. दिल्ली में टेस्टिंग की संख्या का औसत राष्ट्रीय औसत का पांच गुना है.


  • क्या बाहर से दिल्ली में प्रवेश कर रहे लोगों के लिए इस वक्त डीडीएमए कोविड टेस्ट की रिपोर्ट नेगेटिव होना अनिवार्य कर देना सही रहेगा?

    इस बारे में मंत्रियों की एक बैठक निर्धारित है, इसमें कुछ तय होने के बाद मीडिया को बताया जाएगा.


  • कोरोना के लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए दिल्ली के अस्पतालों में क्या तैयारी है?

    इसके लिए हम पर्याप्त रूप से तैयार हैं. अगर आप बेड की बात करते हैं, तो अभी 10 प्रतिशत से कम बेड पर ही मरीज हैं. बाकी 90 फीसदी बेड खाली हैं. ऐसे में बेड की उपलब्धता के बारे में चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है. एक समय में हमने 18,500 बिस्तरों की व्यवस्था की थी. अब हमारे पास लगभग 6,000 बिस्तर हैं. अगर आगे जरूरत होगी, तो बेड की संख्या भी बढ़ाई जाएगी. फिलहाल ऐसा कुछ लग नहीं रहा.


  • क्या दिल्ली की स्थिति भी आगे चलकर महाराष्ट्र जैसी हो गई तो?

    इस समय इस तरह की चिंता की कोई बात नहीं है. हां, बेशक हमें सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है. लोगों से अपील है कि वो कोरोना गाइडलाइंस का पालन करें. मास्क का इस्तेमाल करें और सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखें.

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