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COVID-19: वनकर्मियों ने कोरोना से बचाव के लिए सरकार से मांगे मास्क, सेनिटाइजर और बीमा

Arbaz ahmed | News18 Rajasthan
Updated: April 10, 2020, 12:11 PM IST
COVID-19: वनकर्मियों ने कोरोना से बचाव के लिए सरकार से मांगे मास्क, सेनिटाइजर और बीमा
वन कर्मियों ने प्रत्येक वन मंडल में वन्यजीवों को रेस्क्यू किए जाने के पर्याप्त संसाधन और स्टाफ उपलब्‍ध कराने की भी मांग की है. (फाइल फोटो) Forest personnel have also demanded to provide adequate resources and staff to rescue wildlife in each forest division. (File photo)

कोरोना संक्रमण की महामारी (Epidemic of Corona Infection) से बचाव के लिए आवश्यक सुरक्षा उपकरण और 50 लाख का बीमा कवर की मांग को लेकर वनकर्मियों ने मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत (Chief Minister Ashok Gehlot) को पत्र लिखा है.

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जयपुर. राजस्थान में  वन विभाग (Forest Department) को भी राज्य की आवश्यक सेवाओं में शामिल करने के बाद राजस्थान अधीनस्थ वन कर्मचारी संघ ने वन कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए कोरोना से बचाव के लिए जरूरी सुरक्षा उपकरण और 50 लाख तक बीमा कवर की मांग की है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Chief Minister Ashok Gehlot) को लिखे पत्र में वन कर्मचारी संघ ने कहा है कि वर्तमान में कोरोना वायरस (Coronavirus) से फैली भयावह महामारी के मद्देनजर राजस्थान सरकार ने वन विभाग को भी राज्य की आवश्यक सेवाओं में शामिल किया है. जिसके तहत, वन विभाग के वन कर्मी भी चिकित्सा कर्मी, सफाई कर्मी, और पुलिसकर्मियों की तरह 24 घंटे वनों और वन्यजीवों की रक्षा के लिए तैनात रहना पड़ता है.

मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में वन कर्मचारी संघ ने कहा है कि कोरोना वायरस एक संक्रमित बीमारी है, जिसके मनुष्यों के साथ-साथ वन्यजीवों में भी फैलने के समाचार प्रकाशित हुए हैं. इसके परिणाम स्वरूप इसकी भयावहता में और इजाफा हो जाने की संभावनाओं ने जन्म लिया है. इन परिस्थितियों में सरकार का कर्तव्य बनता है कि वह आमजन के साथ-साथ वन्यजीवों को और उनकी रक्षा करने वाले वन कर्मियों को भी इस संक्रमण से बचाने के कार्य को गंभीरता से लेकर प्राथमिकता प्रदान करे.

बढ़ सकता है वन्‍य जीवों का खतरा
पत्र में कहा गया है कि यह तथ्य सर्वविदित है कि कई बार वन्य जीव जंगल से भटक कर या भोजन पानी की तलाश में आबादियों,  बस्तियों में प्रवेश कर जाते हैं. ऐसी स्थिति में भी पशुओं से भी मनुष्य में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है और मनुष्यों के साथ साथ वन्यजीवों का भी अस्तित्व नष्ट होने के  कगार पर पहुंच सकता है. इन हालात  में भी वन कर्मियों को मानव आबादी में आए वन्यजीवों को रेस्क्यू कर उन्हें जंगलों में छोड़ने की जिम्मेदारी भी निभानी पड़ती है.



उपलब्‍ध हों दस्‍ताने, मास्‍क और सेनिटाइजर


इन अति आवश्यक राज कार्यों के लिए भी प्रत्येक वन मंडल में रेस्क्यू के आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं है. इसके साथ ही वन कर्मियों को कोरोना जैसी संक्रमित बीमारी से बचाव के लिए फर्स्ट एड किट, दस्ताने, मास्क, सैनिटाइजर जैसे अन्य आवश्यक सुरक्षा संसाधन भी अभी तक उपलब्ध नहीं करवाए गए हैं. संघ के अध्यक्ष जसवंत सिंह तंवर ने पत्र में कहा है कि यह निसंदेह वनो, वन्यजीवों और इन के रखवाले वन कर्मियों के प्रति राजस्थान सरकार की अरुचि, उदासीनता और  लापरवाही का घोतक है.

उपलब्‍ध हों रेस्‍क्‍यू के पर्याप्‍त संसाधन
पत्र के जरिए संगठन ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि इन परिस्थितियों के परिपेक्ष में प्रत्येक वन मंडल में वन्यजीवों को रेस्क्यू किए जाने के पर्याप्त संसाधन और स्टाफ उपलब्‍ध कराया जाए. साथ ही, वन कर्मियों को संक्रमण से सुरक्षा के लिए दस्ताने, मास्क, आवश्यक मेडिसिन, सैनिटाइजर इत्यादि आवश्यक सुरक्षा सामग्री शीघ्र उपलब्ध करवाते हुए 50 लाख का बीमा कवर शीघ्र प्रदान किया जाए. ताकि शासन की आवश्यक सेवाओं में शामिल वन कर्मी भी निर्भयता के साथ राष्ट्रीय धरोहर के रूप में हमारी वन संपदा, वनों और वन्यजीवों की इस महामारी से रक्षा कर सकें.

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First published: April 10, 2020, 7:20 AM IST
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