COVID-19: कर्नाटक में कोरोना से बुरा हाल, बेंगलुरु में हर दूसरा शख्स जांच में निकल रहा कोविड पॉजीटिव

बड़े अस्पताल बिस्तरों नहीं होने का हवाला देकर मरीजों को लौटा रहे हैं. (प्रतीकात्मक: AP)

बड़े अस्पताल बिस्तरों नहीं होने का हवाला देकर मरीजों को लौटा रहे हैं. (प्रतीकात्मक: AP)

Covid in Bengaluru: मंगलवार को शहर में 20 हजार 870 कोविड मरीज मिले और 132 मरीजों ने अपनी जान गंवाई. जबकि, राज्य स्तर पर संक्रमितों का आंकड़ा 44 हजार 632 पर था और 292 मरीजों की मौत हुई थी.

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बेंगलुरु. समूचे भारत (India) में ही कोरोना वायरस (Coronavirus) का कहर जारी है, लेकिन कुछ राज्य और शहरों में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. ऐसे शहरों में कर्नाटक (Karnataka) की राजधानी बेंगलुरु का नाम शामिल है. बीते सोमवार को शहर में पॉजिटिविटी रेट 55 प्रतिशत (Positivity Rate) तक पहुंच गया था. हालांकि, अगले दिन यानि मंगलवार को आंकड़ा 33 फीसदी पर आ गया. शहर में फिलहाल एक्टिव केस की संख्या 3 लाख को पार कर गई है. वहीं, अस्पतालों में बिस्तर की कमी की परेशानी जारी है.

मंगलवार को शहर में 20 हजार 870 कोविड मरीज मिले और 132 मरीजों ने अपनी जान गंवाई. जबकि, राज्य स्तर पर संक्रमितों का आंकड़ा 44 हजार 632 पर था और 292 मरीजों की मौत हुई थी. कोविड के बिगड़ते हालात के बीच स्वास्थ्य सेवाओं की कमी ने चिंता की नई लकीरें खींच दी हैं. मंगलवार को छोटे अस्पतालों में जहां ऑक्सीजन की कमी से दो मौत की खबर है. वहीं, बड़े अस्पताल बिस्तरों नहीं होने का हवाला देकर मरीजों को लौटा रहे हैं.

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साथ ही वैक्सीन दर में गिरावट देखी जा रही है. यह आंकड़ा गिरकर 10 हजार प्रतिदन पर आ गया है. बेंगलुरु में औसतन 20 हजार नए मामले ऐसे समय पर आ रहे हैं, जब अथॉरिटी ने टेस्टिंग की संख्या को कम करने का फैसला किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रतिदिन 1 लाख टेस्टिंग को 40,000/60,000 करने का फैसला किया गया है. राजनेता और अधिकारी लगातार लोगों के बीच डबल म्यूटेंट वायरस को लेकर जानकारी दे रहे हैं और बता रहे हैं कि हाल के कुछ हफ्तों में यह कितना खतरनाक हो गया है.
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वहीं, ICU बिस्तर और ऑक्सीजन के लिए खोज करना मरीजों को परिजनों को भारी पड़ रहा है. ICU बेड के अभाव के चलते जान गंवाने वाले 44 वर्षीय मृतक के भाई ने कहा कि बेंगलुरु में किसी को भी कोविड का शिकार होने का समय नहीं है. हालांकि, अकेले बेंगलुरु में ही नहीं पूरे देश से ऑक्सीजन और बिस्तर की कमी की खबरें आ रही हैं. हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट लगातार मामले पर सक्रिय बने हुए हैं.





टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग के सूत्र बताते हैं कि हेल्प लाइन पर हर रोज करीब 4500 कॉल आते हैं और इनमें से 1500-1700 अस्पताल में इलाज पाने से जुड़े होते हैं. वहीं, 500-550 कॉल ऐसे होते हैं, जहां ICU बेड और वेंटिलेटर की जानकारी मांगी जाती है. सोमवार को बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने म्युनिसिपल अधिकारियों पर घूस के बदले बिस्तर आवंटित करने के आरोप लगाए हैं. मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है.
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