COVID-19: अगले 3 महीने बेहद चुनौतीपूर्ण, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कही ये बात

देश में सर्दी और त्योहारी मौसम के साथ ही एक बार फिर कोरोना का खतरा बड़ा होता दिखाई दे रहा है.
देश में सर्दी और त्योहारी मौसम के साथ ही एक बार फिर कोरोना का खतरा बड़ा होता दिखाई दे रहा है.

COVID-19: आंकड़ों के मुताबिक देश के 7 राज्यों में कोरोना वायरस (Coronavirus) के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं. यहीं संक्रमण के सबसे ज्‍यादा मामले हैं. जिसमें महाराष्ट्र (Maharashtra), उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, पंजाब और दिल्ली हैं. दिल्ली में तो कुछ हफ्ते पहले केस कम हुए और फिर अचानक केस में बढ़ोतरी होने लगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 23, 2020, 9:58 AM IST
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नई दिल्‍ली. स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने मंगलवार को कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus) को लेकर चिंता जाहिर की. मंत्रालय ने कहा कि आने वाले अगले तीन महीने बड़ी चुनौती होगी. मंत्रालय के मुताबिक सर्दियों में वायरस बढ़ सकता है यही नहीं आने वाले दिन त्योहारों का सीजन है उस समय संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. देश में कोरोना का केस मंगलवार को 55 लाख पार कर चुका है. रोजाना लगभग 1 लाख मामले सामने आ रहे हैं. इस बीच स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवर को मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग पर एक बार फिर जोर दिया. मंत्रालय ने कहा कि आने वाले समय में कोविड-19 संक्रमण बढ़ सकता है. क्योंकि सर्दियों की शुरुआत होने के साथ त्योहारों की भी भरमार होने वाली है.

आंकड़ों के मुताबिक देश के 7 राज्यों में कोरोना के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं. यहीं संक्रमण के सबसे ज्‍यादा मामले हैं. जिसमें महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, पंजाब और दिल्ली हैं. दिल्ली में तो कुछ हफ्ते पहले केस कम हुए और फिर अचानक केस में बढ़ोतरी होने लगी. सरकार के मुताबिक जिस तरह से केस बढ़ रहे हैं उससे लोगों को अब ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है. बहरहाल देश के सात राज्य सरकार के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है यही वजह है कि बुधवार को इन सात राज्यों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समीक्षा बैठक करेंगे.





पीएम मोदी 7 राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों के साथ करेंगे बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को एक बार फिर मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे. देश के जिन सात राज्यों में कोरोना के अधिक मामले सामने आ रहे हैं, उनके मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ स्वास्थ्य मंत्रियों को भी इस बैठक के लिए आमंत्रित किया गया है. इन राज्यों में महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, दिल्ली और पंजाब शामिल हैं. नीति आयोग के सदस्य और देश में कोरोना की रोकथाम के लिए बड़ी भूमिका निभा रहे डॉ. वीके पॉल का कहना है कि आने वाले समय में कोरोना का संक्रमण बढ़ सकता है. क्योंकि सर्दियों की शुरुआत होने के साथ त्योहारों की भी भरमार होने वाली है. बाजारों में भीड़ बढ़ेगी, ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क का कड़ाई से प्रयोग बहुत जरूरी है. जाहिर है कि कोरोना को देखते हुए ये बहुत ही निर्णायक समय है. शायद इसी कारण पीएम ने उन सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों और स्वास्थ्य मंत्रियों को बैठक के लिए बुलाया है, जहां कोरोना की रफ्तार काफी तेज है.

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आंकड़ों के मुताबिक देश में कोरोना के 63 फीसदी एक्टिव मामले इन्हीं सात राज्यों में हैं. इन्हीं सात राज्यों में 77 फीसदी मौत के मामले सामने आए हैं. हाल के कुछ दिनों में इन राज्यों में बेहद तेजी से मामले बढ़े हैं. दिल्ली का ही उदाहरण लें, तो दिल्ली में मंगलवार को कोरोना का आंकड़ा ढाई लाख को पार कर गया. राजधानी में अब कुल मामले 2,53,075 हो गए हैं. पिछले 24 घंटे हुई 37 मरीजों की मौत हुई और अब तक कुल 5051 की मौत हो चुकी है. दिल्ली में कोरोना मरीजों का आंकडा 85 फीसदी रह गया है, जो कुछ समय पहले तक नब्बे फीसदी से ऊपर चला गया था.

केंद्र सरकार ने शुरुआत से राज्य सरकारों के सहयोग में अग्रहणी भूमिका निभाई है. स्वास्थ्य सेवाओं में आधारभूत सुविधाएं पुख्ता करने और अन्य जरूरतों के बारे में भी केंद्रीय मदद समय समय पर गई है. ऐसे crucial समय पर अब इन सात राज्यों के साथ बैठक कर उम्मीद की जानी चाहिए कि आने वाले समय की चुनौतियों को निपटाने की रणनीति भी इसमे तैयार होगी.
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