ICMR ने बताया- कोरोना से उबरे मरीजों के लिए भी मास्क पहनना क्यों जरूरी?

 केंद्र ने कहा- देश में नहीं है आक्सीजन की कमी,  कोरोना से उबरे लोगों के लिए भी मास्क पहनना जरूरी  (AP)
केंद्र ने कहा- देश में नहीं है आक्सीजन की कमी, कोरोना से उबरे लोगों के लिए भी मास्क पहनना जरूरी (AP)

आईसीएमआर (ICMR) के महानिदेशक बलराम भार्गव (Balram Bhargava) ने कहा कि यदि एंटीबॉडी (Antibodies) किसी भी व्यक्ति में पांच महीने में कम हो जाती है, तो पुन: निर्माण की संभावना है. यही कारण है कि पहले से संक्रमित होने पर भी मास्क पहनना और सावधानी बरतना महत्वपूर्ण है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 20, 2020, 10:38 PM IST
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नई दिल्‍ली. देश में जारी कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) के बीच सरकार (Government) के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी सीमित स्वास्थ्य संसाधनों के बीच मरीजों की अच्छी तरह से देखभाल करना. आज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में पिछले 10 महीनों के दौरान आक्सीजन की कभी कोई कमी नहीं हुई है. वर्तमान में भी इसकी कोई कमी नहीं है. आईसीएमआर (ICMR) के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कहा कि यदि एंटीबॉडी किसी भी व्यक्ति में पांच महीने में कम हो जाती है, तो पुन: निर्माण की संभावना है. यही कारण है कि पहले से संक्रमित होने पर भी मास्क पहनना और सावधानी बरतना महत्वपूर्ण है.

आक्सीजन उत्पादन क्षमता के बारे में बताते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि अप्रैल में 5,913 मीट्रिक टन से बढ़कर सितम्बर में 6,862 मीट्रिक टन हो गई. अक्टूबर के अंत तक इसमें और बढ़ोतरी होगी और यह 7,191 मीट्रिक टन हो जाएगी. दिल्ली में आयोजित नियमित प्रेस वार्ता के दौरान अधिकारियों ने कहा, '19 अक्टूबर की स्थिति के अनुसार देश में आक्सीजन सहायतित 2,65,046 बिस्तर उपलब्ध हैं जबकि 7,71,36 आईसीयू बिस्तर और 39,527 वेंटीलेटर बिस्तर उपलब्ध हैं.'

कम होने लगे हैं कोरोना के मामले
आपको बता दें कि बीते कुछ समय से मंत्रालय द्वारा आंकड़ों के मुताबिक कोरोना के मामलों के लगातार घटने के संकेत मिले हैं. देश ने बीते दिनों उस दौर को भी देखा, जब रोजोना आ रहे मामलों की संख्या 90 हजार से अधिक पहुंच गई थी. आज के आंकड़े राहत देने वाले रहे. बीते 24 घंटे में करीब 47 हजार पॉजिटिव केस बीते 24 घंटे में सामने आए. अधिकारियों ने यह बताया कि 84 दिन बाद ऐसा हुआ है कि 24 घंटे में सामने आये कोविड-19 के मामले 50,000 से कम हैं.
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स्वास्थ्य मंत्रालय ने तुलनात्मक रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि भारत में पिछले सात दिनों में प्रति 10 लाख आबादी पर कोविड-19 मामलों की संख्या 310 है, जबकि वैश्चिक औसत 315 है. आपको बता दें कि कुल उपचाराधीन मामलों में से 64 प्रतिशत मामले महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल में हैं. कोरोना के मरीजों की मृत्यु दर की बात करें तो एक सितम्बर के 1.77 प्रतिशत से कम होकर वर्तमान में 1.52 प्रतिशत हो गई है. आपको बता दें कि देश में अभी तक 9.6 करोड़ कोविड-19 जांच की गई हैं, संक्रमित होने की समग्र, साप्ताहिक, दैनिक दरें क्रमश: 7.9 प्रतिशत, छह प्रतिशत, 4.5 प्रतिशत है.

स्वास्थ्य मंत्री ने की दवाओं की जानकारी के लिए वेबसाइट की शुरुआत
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) द्वारा वैकल्पिक उद्देश्यों के लिए बनाई जा रही दवाओं और इनके परीक्षण की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी देने के लिए मंगलवार को एक ऑनलाइनन पोर्टल की शुरुआत की. कोविड-19 की शुरुआत के समय से ही सीएसआईआर विषाणु रोधी दवाओं के विभिन्न मिश्रणों के परीक्षण करती रही है. यह आयुष दवाओं के परीक्षण के लिए आयुष मंत्रालय के साथ भी काम करती रही है और इसने वनस्पति आधारित तत्वों से निर्मित औषधियों के प्रभाव और सुरक्षा को लेकर परीक्षण किए हैं.
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