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Covid-19: लॉकडाउन में कार-बाइक से जा रहे हैं तो जान लें यह नियम, नहीं तो जाना पड़ेगा जेल  

Demo Pic.
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लॉकडाउन (Lockdown) में कार (Car)-बाइक (Bike) से जाने के कुछ नियम हैं. अगर आप नियमों का पालन करते हैं तो बिना किसी परेशानी के बाहर आ-जा सकते हैं.

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नई दिल्ली. अगर आप लॉकडाउन (Lockdown) में कार या बाइक लेकर बाहर जा रहे हैं तो यह नियम जरूर जान लें. कहीं ऐसा न हो कि आप बाहर जाएं और आपकी कार को सीज करने के साथ पुलिस (Police) आपके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर दे. पुलिस आपको जेल (Jail) भी भेज सकती है. भारी-भरकम जुर्माना देना पड़ेगा सो अलग. इसका मतलब ऐसा भी नहीं है कि जरूरत पड़ने पर आप बाहर नहीं जा सकते. लेकिन इसके कुछ नियम हैं. अगर आप नियमों का पालन करते हैं तो बिना किसी परेशानी के बाहर आ-जा सकते हैं.

आप सड़क पर दिखे तो होगी आईपीसी 188 में कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट अनस तनवीर का कहना है कि अगर आप सड़क पर निकले हैं और घर से बाहर निकलने की जायज वजह नहीं बता पाते हैं तो आपके खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की जा सकती है. अगर उल्लघंन करने वाला इनसानी जिंदगी के लिए खतरा बनता या फिर किसी के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है तो उसे जेल भी हो सकती है. वरना कुछ  घंटे डिटेन करने के बाद पुलिस स्टेशन से जमानत देकर और दो सौ से एक हजार रुपए तक जुर्माना वसूल करने के बाद आपको छोड़ दिया जाएगा.



अब लॉकडाउन का उल्लघंन करने पर होगी जेल
2 अप्रैल को गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने सभी राज्यों को निर्देश जारी किया है. मंत्रालय का कहना है कि अगर कोई लॉकडाउन का उल्लघंन करता है तो उसके खिलाफ नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत यह कार्रवाई की जाए. सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट अनस तनवीर का कहना है कि इस एक्ट में उल्लघंन करने वाले को एक से दो साल की जेल भी हो सकती है. इसे सरकारी काम में रुकावट डालना माना जाता है.

दिल्ली पुलिस एक्ट 65-66 में देना होगा जुर्माना

एडवोकेट अनस का कहना है कि जैसे आजकल बहुत सारे लोग लॉकडाउन होने के बाद भी सड़क पर घूम रहे हैं. ऐसे में पुलिस उस व्यक्ति को दिल्ली पुलिस एक्ट (DP Act) 65 के तहत डिटेन कर सकती है. कुछ देर तक उसे बैठाने के बाद जुर्माना लेकर छोड़ सकती है. वहीं डीपी एक्ट 66 में लॉकडाउन का उल्लघंन करने वाले के पास जो वाहन होता है उसे जब्त कर लिया जाता है. अगर वाहन चालक चाहे तो मौके पर ही जुर्माना भरकर अपने वाहन को छुड़ा सकता है.

मेडिकल इमरर्जेंसी और पास से ही मिलेगी एंट्री

दिल्ली पुलिस की मानें तो वाहन निजी हो या या कमर्शियल उन्हें सिर्फ पास से ही एंट्री दी जा रही है. अगर आप बिना वाहन पास के जा रहे हैं और आपको मेडिकल इमरर्जेंसी है तो आपको छूट दी जा सकती है. यह छूट भी तभी मिलेगी जब मरीज गाड़ी में हो या आपके पास अस्पताल से जुड़े करंट डेट के कागज हों.

24 मार्च से दिल्ली पुलिस की कार्रवाई

  • हर रोज डीपी एक्ट 65 के तहत 5 हजार से ज्यादा लोगों को डिटेन किया गया.

  • डीपी एक्ट 66 के तहत करीब एक हजार वाहनों को सीज किया गया है.

  • आईपीसी 188 की कार्रवाई में 180 से लेकर 200 तक एफआइआर दर्ज की चुकी है.



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