20 सालों में तीसरी बार फैला कोरोना वायरस, ज्यादा दिन कर सकता है परेशान : डॉक्टर राजेंद्र कर्नाटक

20 सालों में तीसरी बार फैला कोरोना वायरस, ज्यादा दिन कर सकता है परेशान : डॉक्टर राजेंद्र कर्नाटक
डॉक्टर कर्नाटक का कहना है कि भारत को टेस्ट की संख्या बड़े स्तर पर बढ़ाने की जरूरत है,

अमेरिका (America) में कोरोना वायरस पेशेंट्स को डील कर रहे डॉ. राजेंद्र कर्नाटक ने News18 के पत्रकार अनुपम त्रिवेदी से बातचीत में अपने अनुभवों और कोरोना वायरस (Coronavirus) के बारे में जानकारियां साझा कीं...

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  • Last Updated: March 31, 2020, 1:24 PM IST
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नई दिल्ली. तक़रीबन पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले चुका कोविड-19 (COVID-19) यानी कोरोना वायरस (Coronavirus) दुनिया से बहुत जल्द जाने वाला नहीं है. यह मानना है अमेरिका (America) में कोरोना वायरस पेशेंट्स को डील कर रहे डॉ. राजेंद्र कर्नाटक का जो यूनिवर्सिटी ऑफ नेब्रास्का मेडिकल सेंटर में इन्फेक्शियस डिजीज एक्सपर्ट (Infectious Disease Expert) हैं.

न्यूज़ 18 से वीडियो चैट में डॉ. कर्नाटक (Dr Karnataka) ने अपने अनुभवों और कोरोना वायरस (Coronavirus) के बारे में जानकारियों को साझा किया-

न्यूज़18 : भारत में कोरोना वायरस के मामले लगातार आ रहे हैं. अमेरिका के अनुभव से आप भारत को इस महामारी के लिए कितना तैयार मानते हैं?
डॉ. राजेंद्र कर्नाटक: मुझे लगता है कोरोना के मामले आने के साथ ही भारत में लॉकडाउन (Lockdown) की जो घोषणा हुई वो वायरस को फैलने से रोकने में काफी हद तक मददगार साबित होगी. ज़रूरत इस बात की है कि देश के अस्पतालों में आपात स्थिति से निपटने के लिए और ज्यादा इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) और टेस्ट करने के लिए लैब्स को जल्द से जल्द तैयार किया जाया जाए. इसके साथ ही भारत में कोरोना वायरस पेशेंट्स के टेस्ट करने के काम में तेज़ी लाने की ज़रूरत है.
न्यूज़18 : इस तर्क में कितनी सच्चाई है की गर्मी बढ़ने के साथ कोरोना वायरस के मामलों में कमी आ सकती हैं?


डॉ. राजेंद्र कर्नाटक: मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) ने अपनी एक रिपोर्ट में यह बात बताई है की गर्म इलाकों में कोरोना वायरस के 6% से कम मामले दर्ज किये गए हैं. हालांकि अमेरिका (America) में एरिज़ोना और फ्लोरिडा जैसे गर्म इलाकों में भी मामले दर्ज किये गए हैं. भारत में गर्मी की शुरुआत हो रही है. मुझे लगता है कि भारत भले ही कोरोना का हॉटस्पॉट न बने लेकिन सर्दियों में दिक्कत बढ़ सकती है, जब तापमान खासा कम हो जाता है.

न्यूज़18 : आपके अनुसार कोविड-19 का प्रभाव ख़त्म होने में कितना समय लग सकता है?
डॉ. राजेंद्र कर्नाटक: देखिए कोविड-19 (Covid-19) कोई पहला कोरोना वायरस नहीं है. इससे पहले 2002 में आया सार्स और फिर 2012 में आया मार्स भी कोरोना वायरस ही थे. कह सकते हैं, दो दशक में हम कोरोना वायरस का तीसरा झटका झेल रहे हैं. हालांकि 2002 से आज तक हमारे पास कोरोना वायरस जैसे वायरस की रोकथाम के लिए वैक्सीन (Vaccine) तैयार करने का समय था लेकिन तब कुछ हुआ नहीं. कोविड-19 इतनी जल्दी दुनिया से जाने वाला नहीं है. कोरोना और इस जैसे पाथोजेंस (ऐसे वायरस जो बीमार करते हैं) की रोकथाम के लिए तेजी से दुनिया के देशों को काम करने की ज़रूरत है.

न्यूज़18 : कोविड19 (कोरोना वायरस) की वेैक्सीन कब तक तैयार होने की उम्मीद है?
डॉ. राजेंद्र कर्नाटक: तमाम रिसर्चर्स वैक्सीन तैयार करने के लिए काम कर रहे हैं. अमेरिका के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ हेल्थ ने रिकॉर्ड 63 दिनों में एक वैक्सीन तैयार की है जो 45 वॉलियंटर्स को लगाई गयी है. अभी इस वैक्सीन के प्रभाव को देखा जा रहा है. सब ठीक रहा था तो जल्द ही यह सामने आ जाएगी. ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University) के रिसर्चर्स का भी दावा है की वो जुलाई तक वैक्सीन ले आएंगे.

न्यूज़18: आखिरी सवाल, दुनिया को फिलहाल कोविड19 के साथ कैसे डील करना चाहिए?
डॉ. राजेंद्र कर्नाटक: इसको समझने के लिए हमको पीछे मुड़कर देखा होगा. H1N1 वायरस (H1N1 Virus) जिसने 2009 में कहर मचाया था वो कुछ गैप के बाद फिर से सक्रिय हो जाता है. हर साल स्वाइन फ्लू कई लोगों की जान ले लेता है. यह वायरस दुनिया से गए नहीं हैं. इसी तरह से कोरोना वायरस दुनिया से जल्द जाने वाला नहीं. हालांकि एक बार वैक्सीन आ जाए तो इसको एक सुनियोजित तरीके से धीरे-धीरे कुछ सालों में ख़त्म किया जा सकता है.

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