कर्नाटक में कोविड-19 फैलने से रोकने के लिए बनेंगे ‘फीवर क्लीनिक’, ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य

आईएलआई और एसएआरआई मामलों को देखकर कोविड-19 संदिग्धों का पता लगाएंगे.
आईएलआई और एसएआरआई मामलों को देखकर कोविड-19 संदिग्धों का पता लगाएंगे.

फीवर क्लीनिक (Fever Clinic) बनाने का उद्देश्य कोविड-19 (Covid-19) के प्रसार को नियंत्रित करना है. सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि इन्फ्लुएंजा (Influenza) जैसी बीमारी (आईएलआई) और गंभीर श्वसन संक्रमण (एसएआरआई) मामलों में बढ़ोतरी के मद्देनजर इसकी संख्या बढ़ाने की जरूरत है.

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बेंगलुरु. कर्नाटक सरकार (Karnataka Government) ने बुधवार को एक आदेश जारी करके शहर के 66 निजी अस्पतालों या मेडिकल कालेजों में फीवर (बुखार) क्लीनिक (Fever Clinic) और नमूना एकत्रीकरण केंद्र की स्थापना को अधिसूचित किया. इसका उद्देश्य कोविड-19 (Covid-19) के प्रसार को नियंत्रित करना है. इसमें कहा गया कि इन्फ्लुएंजा (Influenza) जैसी बीमारी (आईएलआई) और गंभीर श्वसन संक्रमण (एसएआरआई) मामलों में बढ़ोतरी के मद्देनजर फीवर क्लीनिक और नमूना एकत्रीकरण केंद्रों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है. जारी किये गए आदेश में 66 निजी मेडिकल कालेज और अस्पतालों की सूची दी गई है. इसमें कहा गया है, ‘‘निजी मेडिकल कालेज और निजी अस्पतालों को निर्देशित किया गया है कि वे फीवर क्लीनिक और नमूना एकत्रीकरण केंद्र के तौर पर कार्य करें.’’

आदेश में कहा गया है कि आईएलआई और एसएआरआई मामलों को देखकर कोविड-19 संदिग्धों का पता लगाएंगे. वे राज्य सरकार की जांच नीति के तहत नमूने एकत्रित करेंगे, फीवर क्लीनिक एवं नमूना एकत्रीकरण केंद्रों के लिए निर्धारित साफ्टवेयर का इस्तेमाल करेंगे तथा नमूने को सरकार द्वारा निर्धारित प्रयोगशाला भेजने के लिए उपलब्ध कराएंगे. इसमें कहा गया है, ‘‘संस्थान इलाज के निर्धारण के लिए नियमित ओपीडी शुल्क लेंगे और वे मरीज से प्रति नमूने के लिए 350 रुपये लेंगे.’’ कर्नाटक देशभर में पहला ऐसा राज्य है जो फीवर क्लीनिक या फ्लू क्लीनिक की अवधारणा के साथ सामने आया है. इनकी स्थापना इसलिए की गई है ताकि ऐसे लोगों में जिनमें कोरोना वायरस (Coronavirus) जैसे लक्षण हैं वे सबसे पहले यहां सम्पर्क करें.’’

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जांच दर में हुआ सुधार
राज्य में प्रतिदिन होने वाली जांच की संख्या में सुधार हुआ है. अप्रैल में जहां कुछ सौ जांच होती थीं अब 10 हजार से अधिक हो रही है. बेंगलुरु में कल शाम तक की स्थिति के अनुसार कोविड-19 के कुल 1505 मामले सामने आ चुके थे जिसमें 73 मौतें और इलाज के बाद ठीक हुए 435 मरीज शामिल हैं. मंगलवार को कोविड-19 के 107 नये मामले सामने आये.

बेंगलुरु में फिर लग सकता है लॉकडाउन
बता दें राज्य में लगातार बढ़ रहे मामलों ने येडियुरप्पा सरकार की परेशानियों को बढ़ा दिया है. इससे पहले कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री बी श्रीरामुलु ने मंगलवार को कहा था कि अगर बेंगलुरु में कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ते रहे तो शहर में लॉकडाउन लागू किया जा सकता है.

मंत्री ने पत्रकारों से कहा, 'अगर आने वाले दिनों में भी हालात ऐसे ही रहे तो हमें लॉकडाउन के बारे में सोचना पड़ेगा...अगर मामले तेजी से बढ़े तो विशेषज्ञों से सलाह-मशविरा कर मुख्यमंत्री का ध्यान इस ओर दिलाते हुए, हमें लॉकडाउन लागू करने पर विचार करना होगा. हालांकि अभी इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है.'

 
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