Covid-19: स्वास्थ्य मंत्रालय ने होम आइसोलेशन के लिए जारी की नई गाइडलाइन, रखी ये शर्त

Covid-19: स्वास्थ्य मंत्रालय ने होम आइसोलेशन के लिए जारी की नई गाइडलाइन, रखी ये शर्त
देश में इस समय कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 63 हजार के करीब पहुंच चुकी है.

स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) की ओर से कोरोना वायरस (Coronavirus) के कम लक्षण वाले मरीजों की देखभाल के लिए 27 अप्रैल को दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, जिसे अब बदल दिया गया है.

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नई दिल्ली. देश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमित मरीजों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने कोरोना के हल्के लक्षणों वाले मरीजों को होम आइसोलेशन (Home isolation) पर जाने की छूट दी है. स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी नई गाइडलाइन के मुताबिक कुछ शर्तों के साथ कम लक्षण वाले कोरोना मरीजों को होम होम आइसोलेशन में भेजा जा सकता है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश के कोरोना संक्रमित मरीजों को तीन श्रेणी में बांट दिया है. पहला बहुत कम लक्षण वाले मरीज, जिन्हें कोविड केयर सेंटर में रखा जाता है. दूसरा ऐसे मरीज जिनमें कोरोना के तीन या चार लक्षण दिखाई देते हैं. इन मरीजों को कोविड हेल्थ सेंटर में रखा जाता है जबकि तीसरे ऐसे मरीज जिनमें कोरोना के सभी लक्षण दिखाई देते हैं. ऐसे मरीजों को कोविड हॉस्पिटल में रखा जाता है.


स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कम लक्षण वाले कोरोना मरीजों की देखभाल के लिए 27 अप्रैल को दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, जिसे अब बदल दिया गया है. कोरोना के इन मरीजों के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने नई गाइडलाइन जारी की है. इस गाइडलाइन में बताया गया है ​अगर हल्के लक्षण वाले कोरोना मरीज के घर पर आइसोलेशन की सुविधाएं हैं तो वो होम आइसोलेशन में जा सकता है. स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से होम आइसोलेशन की सुविधाओं के बारे में भी साफ किया गया है.



होम आइसोलेशन के लिए क्या है गाइडलाइन
-- कोई भी कोरोना संक्रमित मरीज होम आइसोलेशन में तभी जा सकता है जब डॉक्टर अपनी रिपोर्ट में मरीज जो घर जाने की इजाजत दे.
-- दूसरा मरीज के पास घर पर आइसोलेशन की सुविधा उपलब्ध हो.
-- घर पर एक आदमी 24 घंटे उसके साथ रहने वाला होना चाहिए.
-- इसके साथ ही अस्पताल के साथ वह हर समय जुड़ा रहना चाहिए और हर छोटी बड़ी दिक्कत की जानकारी अस्पताल को मिलती रहनी चाहिए.
-- मरीज के मोबाइल फोन पर आरोग्य सेतु एप भी होना बेहद जरूरी है.
-- मरीज को ये शर्त भी माननी होगी कि समय- समय पर उसकी सेहत की जांच की जाएगी और जिला स्वास्थ्य अधिकारी को रिपोर्ट की जानकारी दी जाएगी.
-- इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम भी समय-समय पर कोरोना मरीज की निगरानी करेंगे.
-- जो भी मरीज होम आइसोलेशन में जाएगा उसे एक फॉर्म भरना होगा और स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दी जाने वाली गाइडलाइन का पालन करना होगा.

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