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COVID-19: विदेश से 6 दिनों में 3 हजार से अधिक लोग पहुंचे बिहार, ओमान से आए शख्‍स ने 29 को किया संक्रमित

फरीदाबाद और यमुनानगर जिलों से भी दो-दो मामले सामने आए हैं.
फरीदाबाद और यमुनानगर जिलों से भी दो-दो मामले सामने आए हैं.

बिहार (Bihar) में कोरोना का संक्रमण (Corona Infection) फैलाने वाले सिवान (Siwan) और मोहम्मद सैफ (Mohammed Saif) की घटना ने सरकार की व्यवस्था की कमियों को जरूर उजागर कर दिया है. विपक्षी दलों ने भी अब सरकार को घेरना शुरू कर दिया है.

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पटना. कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण से बचने के लिए समूचे देश भर में लॉकडाउन (Lockdown) है. केंद्र से राज्य सरकार तक सभी कोरोना से जंग लड़ रहे हैं. ऐसे में सिवान की एक घटना ने बिहार सरकार की नींद हराम कर दी है. दरअसल, ओमान से बिहार लौटे एक शख्‍स की वजह से अकेले सिवान में 29 लोग कोरोना से संक्रमित हो गए हैं. इस घटना के बाद से पूरे सूबे में सनसनी फैल गई है, तो ज़िला प्रशासन ने एहतिहातन पूरे सिवान जिले को ही सील कर दिया है ऐसे में सिवान की इस घटना ने सरकार की व्यवस्था और उनकी तैयारियों पर ही सवाल खड़ा कर दिया है.

सवाल ये है कि सिवान से पहले कतर से आए मोहम्मद सैफ की घटना के बाद भी सरकार क्यों नही जागी. फिर अगर सरकार सतर्क और सजग थी, तो फिर ओमान से लौटे उस शख्‍स की जांच या फिर उसे 14 दिनों तक कोरोटाइन में क्यों नहीं रखा गया. इस पर सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे का कहना है कि हम सतर्क बिल्कुल थे, तभी तो उस शख्‍स की जांच हुई और फिर उससे जुड़े कई संदिग्धों की भी सरकार ने जांच कराई और फिर पूरे इलाके को भी सील कर दिया गया. सरकार के एक दूसरे मंत्री नीरज कुमार का कहना है कि सरकार पूरी ईमानदारी से लोगों की मदद कर रही है और सरकार की व्यवस्था में कोई कमी या चूक नही है. हां ये जरूर है कि कोरोना एक बड़ी चुनौती है.

2 लोगों की वजह से हुए 43 संक्रमित
सरकार अपने बचाव में अब जो भी सफाई दे, लेकिन हकीकत तो यही है कि सिवान और मोहम्मद सैफ की घटना ने सरकार की व्यवस्था की कमियों को जरूर उजागर कर दिया है. आधिकारिक तौर पर जो जानकारी है उसके मुताबिक ओमान से लौटा शख्‍स 21 मार्च को पटना एयरपोर्ट पहुंचा और फिर बस के जरिये उसी दिन सिवान और फिर देर रात रघुनाथपुर में अपने गांव पंजवार पहुंच गया. इस दौरान, उस शख्‍स की थर्मल चेकिंग भी की गई, लेकिन उस जांच में कोरोना के लक्षण नहीं मिलने की वजह से उसे ऐसे ही छोड़ दिया गया.
क्‍यों नहीं किया गया क्‍वारेंटाइन


यही सबसे बड़ी गलती हुई कि अगर जांच में निगेटिव भी पाया गया, फिर भी उसे एहतियातन 14 दिनों के क्‍वारेंटाइन में क्यों नहीं रखा गया. इस सवाल पर सूबे का कोई भी अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है. इसके बाद जो जानकारी आई है वो और ज्यादा डराने वाली है. 21 मार्च के बाद से वह शख्‍स अपने गांव पंजवार में अपने दोस्तों के साथ इधर-उधर घूमता रहा और साथ में क्रिकेट भी खेलता रहा. वह अपने दोस्‍तों के साथ गांव के बाजार में भी गया. इस दौरान, वो शख्‍स अपने परिवारवालों के अलावा सैकड़ों लोगों के संपर्क में आ गया. जबतक गृह मंत्रालय से बिहार सरकार और सिवान जिला प्रशासन तक उस शख्‍स के बारे में पूरी जानकारी मिली, तबतक बहुत देर हो चुकी थी.

एक ही परिवार के हैं 23 संक्रमित
सैंपल के रिपोर्ट के आने के बाद उस शख्‍स की वजह से अबतक 29 लोग कोरोना से संक्रमित हो गए हैं, जिसमें 23 लोग एक ही परिवार के हैं. सरकार खुद की गलतियों को छिपाते हुए उल्टे उस शख्‍स को ही इसके लिए जिम्मेवार मानती है. सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री नीरज कुमार अपने सरकार के बचाव उतर गए हैं, उल्टे इस बड़ी घटना के लिए वो उस शख्‍स को ही दोषी ठहरा रहे हैं. सवाल ये भी है कि अगर यह मान भी लिया जाए कि उस शख्‍स ने लापरवाही की, तो फिर सरकार का सिस्टम आखिर क्या कर रहा था. खैर इस मुद्दे को लेकर विपक्ष अब सरकार से सवाल पूछ रही है. आरजेडी के वरिष्ठ नेता और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानन्द तिवारी कहते हैं कि सरकार के व्यवस्था की पोल खुल गई है.

सरकार के लिए ट्रैवल हिस्ट्री बनने लगा है सिरदर्द
सरकार के एक आंकड़ों के मुताबिक, विदेशों से बिहार लौटे लोगों की संख्या अब तक साढ़े 13 हजार के आसपास है, लेकिन इनमें 18 मार्च से 23 मार्च के भीतर करीब 3 हजार 356 लोग विदेशों से बिहार लौटे हैं. इनमें अकेले सिवान के करीब 500 से भी ज्यादा लोग अपने घर खाड़ी के देशों से बिहार लौटे हैं. सरकार के पास जो खुफिया जानकारी है, उसके मुताबिक जो लोग खाड़ी के देशों से मसलन कतर, ओमान, दुबई या फिर सऊदिया से बिहार लौटे हैं, उनमें कोरोना संक्रमण का खतरा ज्यादा है.  ऐसे में गृह मंत्रालय के आदेश के बाद बिहार सरकार अब हड़कत में आई है और जो लोग खाड़ी के देशों से सिवान लौटे हैं उन सबकी तलाश जारी है और सबकी ट्रैवल हिस्ट्री खंगाली जा रही है.

अब ट्रैवल हिस्‍ट्री खंगाल रहा प्रशासन
न्यूज 18 के पास जो सूत्रों के हवाले से जानकारी है कि जो शख्‍स ओमान से सिवान लौटा है, उसकी पूरी ट्रैवल हिस्ट्री जिला प्रशासन ने खंगाल ली है. जिस बस से वो शख्‍स 21 मार्च को सिवान पहुंचा, उसके बारे में भी पता करके जिला प्रशासन ने कई लोगों के सैंपल भी लिए हैं. साथ ही, जिस फ्लाइट से वो शख्‍स पटना पहुंचा उस फ्लाइट के यात्रियों की भी जानकारी इकट्ठा की जा रही है. सरकार और ज़िला प्रशासन के लिए सबसे बड़ी दिक्कत इस बात से है कि हजारों की संख्या में बिहार लौटे इन लोगों की ट्रैवल हिस्ट्री जानना और फिर इन दिनों में ये लोग किन-किन लोगों के संपर्क में आए ये पता कर पाना वाकई बहुत मुश्किल है.

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