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करीब 8 लाख फ्रंटलाइन वर्कर्स हुआ वैक्सिनेशन, 'अभी तक गंभीर दुष्प्रभाव नहीं'

देश में पांच दिनों से कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम चालू है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
देश में पांच दिनों से कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम चालू है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

भारत में कोरोना वैक्सिनेशन प्रोग्राम (Covid-19 Vaccination Programme) 16 जनवरी को शुरू किया गया है. अब तक 7.86 लाख फ्रंटलाइन वर्कर्स का वैक्सिनेशन किया जा चुका है. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक अभी तक वैक्सिनेशन के बाद किसी गंभीर मामले की पुष्टि नहीं हुई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 21, 2021, 12:22 AM IST
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नई दिल्ली. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने बुधवार को बताया कि 16 जनवरी से देश में शुरू हुए कोविड-19 टीकाकरण अभियान (Covid-19 Vaccination Programme) के तहत आज शाम छह बजे तक कुल 7.86 लाख स्वस्थ्य कर्मियों का टीकाकरण हुआ है. प्रोविजनल रिपोर्ट के आधार पर मंत्रालय ने बताया कि बुधवार को देश के 20 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में शाम छह बजे तक 1,12,007 लोगों को टीका लगा है. मंत्रालय का कहना है कि वास्तविक आंकड़ा रात को एकत्र करने के बाद एक दिन की देरी से उपलब्ध होगा.

बुधवार को साइड इफेक्ट्स के 10 मामले सामने आए
स्वास्थ्य मंत्रालय में अवर सचिव मनोहर अगनानी ने बताया कि टीकाकरण के दुष्प्रभाव के 10 मामले आए हैं. दिल्ली में चार, कर्नाटक में दो जबकि उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान और पश्चिम बंगाल से एक-एक मामले आए हैं. इन सभी को अस्पताल में भर्ती करने की जरुरत पड़ी है. अगनानी ने कहा, ‘कोविड-19 टीकाकरण का अभी तक कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं हुआ है.’


कोविशील्ड और कोवैक्सीन के जरिए किया जा रहा है वैक्सिनेशन


गौरतलब है कि भारत में वृहद वैक्सिनेशन कार्यक्रम में सीरम इंस्टिट्यूट की वैक्सीन कोविशील्ड और भारत बायोटेक-आईसीएमआर द्वारा विकसित कोवैक्सीन का प्रयोग किया जा रहा है. इससे पहले इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के संक्रामक विभाग के हेड डॉ. समीरन पांडा ने कोवैक्सीन और कोविशील्ड को लेकर अफवाहों का जवाब दे चुके हैं. उन्होंने साफ किया था कि इमरजेंसी यूज की अनुमति पा चुकी ये दोनों वैक्सीन बिल्कुल सेफ हैं और इनकी प्रभावशीलता को लेकर बिल्कुल घबराने की आवश्यकता नहीं है. उन्होंने यहां तक कहा है कि आम लोगों को साथ आकर वैक्सीन के खिलाफ चलाए जा रहे अफवाह तंत्र और भ्रम को नकारना चाहिए.
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