COVID-19 Origin: चीन की 'बैट वूमन' ने वुहान लैब की थ्योरी को बताया बिल्कुल गलत, कहा- ऐसा कोई सबूत नहीं

वुहान लैब से कोरोना वायरस लीक होने के लगते रहे हैं आरोप. (File pic)

शी झेंगली (Shi Zhengli) ने वैज्ञानिकों के दावों को खारिज करते हुए कहा, अभी तक ऐसे कोई साक्ष्‍य नहीं मिले हैं जो ये साबित कर सकें कि कोरोना वायरस (Coronavirus) वुहान की लैब (Wuhan Lab) से निकला है. उन्‍होंने कहा कि मुझे अभी तक ये समझ में नहीं आ रहा है कि कोरोना वायरस के लिए उनकी संस्‍था को दोषी क्‍यों ठहराया जा रहा है.

  • Share this:
    नई दिल्‍ली. चीन (China) के वुहान (Wuhan) से निकले कोरोना वायरस (Coronavirus) ने दुनियाभर में अब तक 38 लाख लोगों की जान ले ली है. इस बात को लेकर दुनियाभर के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि वुहान की लैब में चमगादड़ (Bat) में पाए जाने वाले कोरोना वायरस को लेकर शोध किया जा रहा था, जिसके लीक हो जाने के बाद पूरे विश्‍व में कोरोना वायरस से कोहराम मचा दिया. विशेषज्ञों के दावों के बीच अब वुहान लैब में शोध कर रहीं चीन की प्रमुख वैज्ञानिक शी झेंगली (Shi Zhengli) ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया है. एक इंटरव्‍यू ने शी झेंगली ने कहा, दुनियाभर में कोरोना वायरस के वुहान लैब से लीक होने की जो बात कही जा रही है वह बिल्‍कुल गलत है.

    बैट वुमेन के नाम से पुकारी जा रहीं शी झेंगली ने वैज्ञानिकों के दावों को खारिज करते हुए कहा, अभी तक ऐसे कोई साक्ष्‍य नहीं मिले हैं जो ये साबित कर सकें कि कोरोना वायरस वुहान की लैब से निकला है. उन्‍होंने कहा कि मुझे अभी तक ये समझ में नहीं आ रहा है कि कोरोना वायरस के लिए उनकी संस्‍था को दोषी क्‍यों ठहराया जा रहा है. शी ने उन दावों को भी खारिज किया, जिसमें कहा गया है कि कोरोना वायरस के लीक होने की जानकारी लैब को थी. हालांकि शी की ओर से इंटरव्‍यू में कही बातों को विशेषज्ञ सही मानते हैं. उन्‍होंने सवाल करते हुए कहा है कि आखिर चीन अब तक क्‍यों नहीं बता सका कि वुहान में कोरोना वायरस कहां से आया है.

    इसे भी पढ़ें :- चीन की वुहान लैब से ही फैला कोरोना? महामारी से ठीक पहले अचानक बीमार पड़े थे 3 स्टाफ- रिपोर्ट

    शी झेंगली ने उन खबरों को भी खंडन किया जिसमें कहा गया था कि साल 2019 के नवंबर महीने में वुहान लैब के तीन कर्मचारी कोरोना से संक्रमित हो गए थे. उन्‍होंने कहा कि इस तरह की कोई जानकारी संस्‍थान के पास नहीं है. उन्‍होंने यहां तक कहा कि अगर किसी के पास उन कर्मचारियों का नाम है तो उन्‍हें बताएं, वे इसकी सत्‍यता की जांच करेंगी. उन्‍होंने कहा कि दुनियाभर में जो कोरोनावायरस फैला हुआ है वह यहां पहली बार मिले वायर से 96 प्रतिशत एक जैसा ही है. उन्‍होंने कहा कि वुहान लैब में किसी भी वायरस पर किसी भी तरह का गुप्‍त शोध नहीं किया जा रहा है. उन्‍होंने कहा कि हमारी लैब हर जांच के लिए तैयार है. उन्‍होंने कहा उनकी संस्‍थान पर जो भी आरोप लगाए गए हैं वह विज्ञान नहीं अविश्‍वास की वजह से लगाए गए हैं.

    इसे भी पढ़ें :- कोरोना वायरस क्यों नहीं माना जा रहा प्राकृतिक? भारतीय वैज्ञानिक ने गिनाई चीन के वुहान लैब पर शक की वजह

    चमगादड़ों पर किया जा रहा था शोध
    बता दें कि चीन के वुहान लैब में शी झेंगली ने गुफाओं में मिलने वाले चमगादड़ के वायरस पर अध्‍ययन कर रही हैं. वह ये पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि एक जीव का वायरस दूसरी जीव में कैसे पहुंचता है. वुहान लैब में 300 लोग काम करते हैं. शी ने इस लैब में अब तक 10 हजार चमगादड़ों के सैंपल जमा किए हैं. बता दें कि चीन में वुहान लैब जैसी एक और लैब है.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.