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कोरोना वायरस: AIIMS के डॉक्टरों ने बताया लॉकडाउन पूरी तरह हटाने का सही समय

देश में कब और कैसे खोला जाए लॉकडाउन

देश में कब और कैसे खोला जाए लॉकडाउन

ICART (India Covid19 Apex Research Team) ने लॉकडाउन (Lockdown) कब और कैसे खोला जाए इस पर स्टडी की है. AIIMS के डॉक्टरों की टीम जिसने बताया कि लॉकडाउन को खोलने का सही समय क्या है.

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    नई दिल्ली. देश में तेजी से फ़ैल रहे कोरोना वायरस (Covid-19) संक्रमण के बीच केंद्र सरकार ने लॉकडाउन 5 और अनलॉक 1 की घोषणा की है. लॉकडाउन (Lockdown)  खुलने से जहां एक ओर लोगों को खुशी है, वहीं दूसरे तरफ कई सवाल भी हैं कि क्या ढील देने से संक्रमण और तेजी से नहीं फैलेगा? ICART (India Covid19 Apex Research Team) ने लॉकडाउन कब और कैसे खोला जाए इस पर स्टडी की है. AIIMS के डॉक्टरों की टीम ने बताया कि लॉकडाउन को खोलने का सही समय क्या है.

    टीम में AIIMS के ये डॉक्टर हैं शामिल
    इस स्टडी में AIIMS के डॉक्टर गिरिधर गोपाल परमेश्वरन, मोहक गुप्ता, सप्तर्षि सोहम मोहंता और उनकी टीम शामिल है. इन डॉक्टरों का कहना है कि यदि सरकार को अपने हेल्थ केयर सिस्टम अभी और मजबूत करने की जरूरत है.

    लॉकडाउन खोलने पर बढ़ सकता है संक्रमण
    स्टडी करने वाली टीम का कहना है कि यदि देश में अचानक से लॉकडाउन खोला गया तो संक्रमण तेजी से फ़ैलने खतरा बढ़ सकता है. दुनिया में जिसे तेजी से कोरोना के केस बढ़े हैं वैसे अभी भारत में नहीं. संक्रमण का पीक पर आने के बाद वो धीरे-धीरे कम होने लगता है, लेकिन देश में कोरोना वायरस केसों के दैनिक जुड़ाव की 7-दिन की रोलिंग औसत में अभी तक गिरावट नहीं देखी गई है इसका मतलब अभी वो स्थिति नहीं आई है. ऐसे में लॉकडाउन में ढील देना ठीक नहीं.

    एक बार खत्म होने के बाद आ सकता है दोबारा
    चीन को देखते हुए टीम ने बताया कि चीन में लगभग समाप्त हो चके कोरोना ने संक्रमण ने एक बार फिर से दस्तक दी. जब चीन में केसों की संख्या में कमी आने लगी उस समय भी उन लोगों ने लॉकडाउन में ढील नहीं दी थी. चीन में 13 फरवरी को 15,133 मामले सामने आए थे. जिसके दो महीने बाद उसने बंद में ढील देनी शुरू की. जिस कारण दोबारा से आए संक्रमण के केसों को जल्द ही कंट्रोल किया जा सका. उन्होंने कहा, इसलिए इस स्टडी से पता चलता है कि कोई देश अगर लॉकडाउन में ढील देने में जितनी देर करता है तो उसे उतना ही तैयारी के लिए अधिक वक्त मिलता है.

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    देश में एक दिन में आए 8 हजार से ज्यादा मामले
    देश में एक दिन में 8380 नए संक्रमण के मामले सामने आए. यदि भारत अपने पीक पर पहुंचने के बाद तुरंत लॉकडाउन में पूरी तरह से ढील देता है तो संभावना है कि सक्रिय केस पांच दिन में बढ़ सकते हैं. स्टडी से पता चलता है कि अगर लॉकडाउन को अचानक हटाने की जगह धीरे-धीरे उठाया जाता है तो इससे तैयारी के वक्त में और अधिक लाभ होता है क्योंकि सक्रिय केसों में नई बढ़ोतरी धीमी गति से होती है.

    टेस्टिंग है संक्रमण को कम करने का तरीक
    कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग की सख्त जरुरत है. स्टडी में पाया गया कि 140 मरीजों में से 60 प्रतिशत ऐसे मरीज थे जिनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं थे. ऐसे में सिर्फ टेस्टिंग है ही जो संक्रमण को कंट्रोल कर सकती है. अगर भारत टेस्टिंग को बढ़ाता है तो इससे कुल संक्रमणों को काफी घटाया जा सकता है. यदि भारत 45 दिन के अंदर, इसे 80% तक बढ़ाता है तो इससे कुल संक्रमित केसों की संख्या 1 लाख से नीचे तक आ सकती है.



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