कोविड-19 : मिठाई-नमकीन, नकदी और जेवरात पर हो रही UV-C किरणों की बौछार

फल-सब्जियों को आम लोगों तक पहुंचाये जाने से पहले इन पर यूवी-सी किरणों की बौछार की जा रही थी.
फल-सब्जियों को आम लोगों तक पहुंचाये जाने से पहले इन पर यूवी-सी किरणों की बौछार की जा रही थी.

देश में कोविड-19 (Covid-19) से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल इंदौर (Indore) में फल-सब्जियों और मिठाई-नमकीन से लेकर नकदी एवं जेवरात तक को संक्रमण मुक्त (Infection free) करने में कृत्रिम पराबैंगनी-सी (यूवी-सी) किरणों की मदद ली जा रही है.

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इंदौर. देश में कोविड-19 (Covid-19) से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल इंदौर (Indore) में फल-सब्जियों और मिठाई-नमकीन से लेकर नकदी एवं जेवरात तक को संक्रमण मुक्त (Infection free) करने में कृत्रिम पराबैंगनी-सी (यूवी-सी) किरणों की मदद ली जा रही है.

अधिकारियों ने रविवार को बताया कि इंदौर में इस महामारी के खिलाफ यूवी-सी किरणों (UV-C rays) के प्रयोग की शुरुआत अप्रैल में हुई, जब सख्त कर्फ्यू के दौरान फल-सब्जियों की आपूर्ति का काम नगर निगम के हाथों में था. उस वक्त शहर में फल-सब्जियों को आम लोगों तक पहुंचाये जाने से पहले इन पर यूवी-सी किरणों की बौछार की जा रही थी.

पटरी पर लौट रहा है जन-जीवन
कोविड-19 का प्रकोप कम होने का दावा करते हुए प्रशासन ने गुजरे दिनों में पाबंदियों में काफी ढील दे दी है और जिले में आम जन-जीवन पटरी पर लौटता दिखाई दे रहा है. इस बीच, अलग-अलग क्षेत्रों में वस्तुओं को संक्रमणमुक्त करने के लिए यूवी-सी किरणों का इस्तेमाल बढ़ रहा है. कोविड-19 रोधी यूवी-सी किरण तकनीक के जानकार समीर शर्मा ने बताया कि मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर के कई प्रतिष्ठानों में मिठाई-नमकीन से लेकर नकदी और जेवरात तक को संक्रमणमुक्त करने के लिए ऐसे उपकरणों का प्रयोग किया जा रहा है जो कृत्रिम तौर पर यूवी-सी किरणें उत्पन्न करते हैं.
मंदिरों को कराया जा रहा है संक्रमण मुक्त


उन्होंने बताया कि शहर के खजराना गणेश मंदिर और रणजीत हनुमान मंदिर में भोजन-प्रसाद को भी यूवी-सी किरणों से संक्रमणमुक्त किया जा रहा है. शर्मा ने कहा, "कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे के मद्देनजर शहर के कुछ ब्यूटी पार्लरों में कैंची-कंघों और अन्य उपकरणों पर भी यूवी-सी किरणों की बौछार की जा रही है." देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय विमान तल की निदेशक अर्यमा सान्याल ने बताया कि हवाईअड्डे पर यात्रियों के सामान को संक्रमणमुक्त करने के लिए उस पर सोडियम हाइपोक्लोराइट के छिड़काव के साथ ही विशेष उपकरण के जरिये यूवी-सी किरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

गौरतलब है कि देश में कोविड-19 के प्रकोप के बाद निजी कम्पनियों के अलावा रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने भी यूवी तकनीक आधारित उपकरणों की श्रृंखला पेश की है जिससे यात्रियों के सामान, मुद्रा नोटों और कागजों से लेकर दफ्तरों व इमारतों तक को संक्रमणमुक्त किया जा सकता है.

यूवी-सी किरणों के प्रयोग को लेकर बहस जारी
कोरोना वायरस के खिलाफ यूवी-सी किरणों के प्रयोग के सटीक निष्कर्षों को लेकर वैज्ञानिक समुदाय में बहस जारी है. हालांकि, अलग-अलग वैज्ञानिक अध्ययनों में दावा किया गया है कि यूवी-सी किरणें सूक्ष्म जीवों के खात्मे में बहुत कारगर होती हैं. बहरहाल, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) कोविड-19 संबंधी परामर्श में आम लोगों को पहले ही चेता चुका है कि हाथों और त्वचा के अन्य हिस्सों को संक्रमणमुक्त करने में यूवी उपकरणों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिये.

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इंदौर जिले में अब तक इस महामारी के कुल 4,833 मरीज मिले हैं. इनमें से 244 मरीजों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है, जबकि 3,772 लोग उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं.
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