अच्छी खबर! भारत का चीन को करारा जवाब, देश की इन 2 कंपनियों ने शुरू किया एंटीबॉडी रैपिड टेस्ट किट का उत्पादन

बिना लक्षण के कोरोना संक्रमित मरीज़ों की पहचान मुश्किल होती है. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)
बिना लक्षण के कोरोना संक्रमित मरीज़ों की पहचान मुश्किल होती है. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

भारत की तीन में से दो कंपनियों ने कोविड-19 (COVID-19) के लिए एंटीबॉडी-आधारित रैपिड टेस्ट किट (Antibody Rapid Test Kits) का उत्पादन शुरू कर दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 16, 2020, 12:42 PM IST
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नई दिल्ली. देश में बढ़ रहे संक्रमण से लड़ने के लिए भारत की तीन में से दो कंपनियों ने कोविड-19 (COVID-19) की जांच के लिए एंटीबॉडी-आधारित रैपिड टेस्ट किट (Antibody Rapid Test Kits) के उत्पादन का काम शुरू कर दिया है. इन दोनों कंपनियों को फार्मास्यूटिकल्स और चिकित्सा उपकरणों के विनिर्माण के लिए नेशनल रेगुलेटरी बॉडी, सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) ने लाइसेंस जारी कर दिया है. यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब भारत सरकार ने चीन से आरटीके मंगाई थी. बताया जा रहा था कि पहले यह पांच अप्रैल को आने वाली थी लेकिन बाद में इसकी डिलीवरी नौ अप्रैल कर दी गई. पर अभी तक भारत को इसकी डिलीवरी नहीं हुई है.

इन तीन कंपनियों में से दो को मिला लाइसेंस
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने इस महीने की शुरुआत में इन तीन कंपनियों, नई दिल्ली में मोहरा डायग्नोस्टिक्स, केरल में सरकारी स्वामित्व वाली HLL लाइफकेयर लिमिटेड और गुजरात में वोक्सटूर बायो लिमिटेड द्वारा निर्मित आरटीके के सैम्पलों को अप्रूव किया. जिसके बाद इन तीनों कंपनियों ने विनिर्माण लाइसेंस के लिए आवेदन किया जिसमें से दो को लाइसेंस जारी कर दिया गया है.

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केरल और गुजरात की कंपनियों ने शुरू किया प्रोडक्शन


लाइसेंस मिलने के बाद केरल की एचएलएल और गुजरात की वोक्सटूर ने उत्पादन कार्य शुरू कर दिया है. वर्तमान में इन किट्स की मांग को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि यह कंपनियां 20 अप्रैल तक 1,00,000 आरटीके के पहले बैच की डिलीवरी कर देंगी. सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी HLL Lifecare Limited, कंडोम ब्रांड Nirodh के उत्पादन के लिए लोकप्रिय है. इसने 14 अप्रैल को अपने मानेसर, हरियाणा प्लांट में RTK का उत्पादन शुरू किया है.

30 मिनट में आ जाती है रिपोर्ट
आरटी-पीसीआर (रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन- पोलीमरेज चेन रिएक्शन) से संक्रमण का पता लगाने में पांच घंटे लगते हैं, जिसका वर्तमान में उपयोग किया जा रहा है. लेकिन वहीं आरटीके से परिणाम आने में सिर्फ 30 मिनट का समय लगता है. हालांकि, ICMR के प्रोटोकॉल के अनुसार आरटीके से प्राप्त हुए परिणाम की पुष्टि के लिए आरटी-पीसीआर परीक्षण किया जाता है.

कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आरटीके के निर्माण के लिए कुछ जरूरी सामग्री अमेरिका से इम्पोर्ट की जाती है. वहीं एचएल लाइफकेयर के तकनीकी संचालन के निदेशक ई ए सुब्रमण्यन ने बताया कि हमने उत्पादन शुरू कर दिया है, एक दिन में 25,000 किट बनाने की योजना बना रहे हैं.

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