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COVID-19 Vaccination: कोरोना के खिलाफ जंग में पड़ोसी देशों की मदद करेगा भारत, कल से शुरू होगी सप्‍लाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कल से पड़ोसी देशों के लिए वैक्‍सीन की सप्‍लाई शुरू होगी. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर-AP)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कल से पड़ोसी देशों के लिए वैक्‍सीन की सप्‍लाई शुरू होगी. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर-AP)

COVID 19 Vaccination: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वैश्विक समुदाय की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत को एक मजबूत एवं भरोसेमंद साथी के तौर पर देखा जाता है. कल से कई देशों के लिए कोरोना वैक्‍सीन की आपूर्ति शुरू होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 20, 2021, 7:49 PM IST
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नई दिल्‍ली. कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ जंग में भारत ने बड़ी जीत हासिल की है. देश में दुनिया का सबसे बड़ा वैक्‍सीनेशन (Vaccination) कार्यक्रम शुरू हो चुका है. केवल चार दिन में ही लाखों स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों का टीकाकरण किया जा चुका है. इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा कि वैश्विक समुदाय की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत को एक मजबूत एवं भरोसेमंद साथी के तौर पर देखा जाता है. कल से कई देशों के लिए कोरोना वैक्‍सीन की आपूर्ति शुरू होगी और आने वाले दिनों में इसका और अधिक पालन होगा.

इसी क्रम में बुधवार को बांग्लादेश को 20 लाख मुफ्त वैक्सीन डोज भेजी जाएंगी. ये वैक्सीन डोज सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया की वैक्सीन कोविशील्ड की होंगी. जानकारी के मुताबिक भारत ये वैक्सीन डोज गुडविल जेस्चर या सद्भावना संदेश के रूप में भेज रहा है. इसके बाद बांग्लादेश को वैक्सीन डोज व्यावसायिक आधार पर दी जाएगी. न्यूज़18 पर पहले भी ये रिपोर्ट प्रकाशित की जा चुकी है कि भारत ने बांग्लादेश को शुरुआती वैक्सीन डोज फ्री में देने का वादा किया था. इससे पहले, सोमवार को सूत्रों के हवाले से खबर आई थी कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने देश को 1 करोड़ फ्री वैक्सीन डोज मुहैया कराने का वादा किया है. ये वैक्सीन डोज सीरम इंस्टिट्यूट फैसिलिटी के अंतर्गत मुहैया कराएगा.





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टीकाकरण के बाद बहुत कम लोगों में दिखे साइड इफेक्‍ट
सरकार ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए टीका लेने वाले कुल लोगों में से 0.18 प्रतिशत में ही प्रतिकूल असर देखने को मिला, जबकि 0.002 प्रतिशत लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा जो कि बहुत निम्न स्तर है. नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वी के पॉल ने कहा कि टीकाकरण के बाद दुष्प्रभाव और गंभीर समस्या अब तक नहीं देखने को मिली है. प्रतिकूल असर के नगण्य मामले आए हैं. उन्होंने इस बात पर बल दिया कि दोनों टीके सुरक्षित हैं. पॉल ने कहा कि 'यह निराशाजनक है कि कुछ डॉक्टर, नर्स और स्वास्थ्यकर्मी टीका लेने से इनकार कर रहे हैं' और उन्होंने लोगों से टीके की खुराक लेने का अनुरोध किया.

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा, 'उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक टीकाकरण के बाद प्रतिकूल असर (एईएफआई) के अब तक केवल 0.18 प्रतिशत मामले आए हैं और केवल 0.002 प्रतिशत लोगों को ही अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जो कि निम्न स्तर है. जहां तक हमें पता है पहले तीन दिनों में प्रतिकूल असर का यह सबसे कम मामला है.' उन्होंने कहा कि भारत में पहले दिन कोविड-19 टीकाकरण अभियान के तहत सबसे अधिक लोगों को टीके दिए गए. भूषण ने कहा कि पहले दिन भारत में 2,07,229 लोगों को टीके दिए गए जबकि अमेरिका में पहले दिन 79,458 लोगों का टीकाकरण हुआ. ब्रिटेन में पहले दिन 19,700 और फ्रांस में केवल 73 लोगों को टीके दिए गए. (भाषा इनपुट के साथ)
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