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कॉन्टैक्ट लेस होगी वैक्सीन प्रक्रिया, चेहरे से वैरिफाई होंगे लाभार्थी; ये है सरकार की तैयारी

कोविड-19 वैक्सीन प्रयास में आधार आधारित फेशियल रिकॉग्निशन की तैयारी की जा रही है. (सांकेतिक तस्वीर)

कोविड-19 वैक्सीन प्रयास में आधार आधारित फेशियल रिकॉग्निशन की तैयारी की जा रही है. (सांकेतिक तस्वीर)

Vaccination in India: फेशियल रिकॉग्निशन का सबसे बड़ा फायदा है कि केंद्र पर मौजूद लोगों और टीका लगवाने पहुंचे व्यक्ति के बीच बार-बार स्पर्श होने में कमी आएगी. पूरी दुनिया में कोविड-19 (Covid-19) फैलने का एक बड़ा कारण सीधा संपर्क भी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 8, 2021, 10:34 AM IST
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(शोविक दास)
नई दिल्ली. देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ वैक्सीन प्रोग्राम जारी है. अब खबर है कि इस प्रक्रिया को पूरी तरह कॉन्टैक्ट लेस बनाने की तैयारी की जा रही है. इतना ही नहीं यूनिक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट भी चला चुकी है. वहीं, अधिकारियों ने इस प्रोजेक्ट को 'सफल' बताया है. अब सवाल उठता है कि यह पूरी व्यवस्था काम कैसे करेगी और इसके फायदे क्या होंगे. भारत में 16 जनवरी से टीका लगाया जा रहा है.

नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के प्रमुख आरएस शर्मा के इंटरव्यू के हवाले से द प्रिंट ने बताया कि भारत के कोविड-19 वैक्सीन प्रयास में आधार आधारित फेशियल रिकॉग्निशन की तैयारी की जा रही है. द प्रिंट को दिए इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट् के मुताबिक, फेशियल रिकॉग्निशन की मदद से वैक्सीन सेंटर्स पर होने वाली संक्रमण की दुर्घटना से बचा जा सकेगा. इस प्रक्रिया के लिए नागरिकों को Co-WIN पोर्टल या आरोग्य सेतु ऐप के जरिए कोविड-19 वैक्सिनेशन सेटअप करना होगा. रजिस्ट्रेशन के दौरान अगर अपनी पसंद का पहचान पत्र मांगा जाता है. इसके बाद अगर आपने आधार से रजिस्टर किया है, तो वैक्सीन बूथ पर फेशियल रिकॉग्निशन की मदद से अपने आप वैरिफाइड हो जाएंगे.

नई व्यवस्था का फायदा क्या होगा
फेशियल रिकॉग्निशन का सबसे बड़ा फायदा है कि केंद्र पर मौजूद लोगों और टीका लगवाने पहुंचे व्यक्ति के बीच बार-बार स्पर्श होने में कमी आएगी. पूरी दुनिया में कोविड-19 फैलने का एक बड़ा कारण सीधा संपर्क भी है. ऐसे में दूरी पर सेट किए गए कैमरा की मदद से नागरिकों को फिंगरप्रिंट से रजिस्टर कराने की परेशानी दूर हो जाएगी. इस फिंगरप्रिंट ऑथैंटिकेटर को कई लोग एक के बाद एक इस्तेमाल करते हैं.



अब सवाल डेटा सिक्युरिटी का उठता है
झारखंड के कोविड-19 वैक्सिनेशन सेंटर्स पर फेशियल रिकॉग्निशन के पायलट प्रोजेक्ट की घोषणा के बाद कई लोगों ने इसपर सवाल उठाए. ज्यादा यूजर्स ने टीकाकरण प्रक्रिया को विकेंद्रीकृत किए जाने की बात कही. वहीं, कुछ लोगों ने डेटा कलेक्ट किए जाने से पहले सिक्युरिटी क्रेडेंशियल्स स्थापित करने के लिए कहा है. खास बात है कि आरोग्य सेतु के समय भी प्राइवेसी को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं.

बहरहाल, अभी यह देखा जाना बाकी है कि केंद्र सरकार डेटा सिक्युरिटी को लेकर जारी चिंताओं पर कैसे काम करेगी. वहीं, UIDAI भी फेशियल रिकॉग्निशन प्रक्रिया को शुरू करने के लिए हरी झंडी का इंतजार कर रहा है.
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