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Corona Vaccine: एक जनवरी को इनकार, दो को तैयार! कोवैक्सीन को लेकर एक्सपर्ट पैनल ने ऐन वक्त पर कैसे बदला फैसला?

Corona Vaccine: पिछले हफ्ते 24 घंटों के भीतर ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की एक एक्सपर्ट कमिटी ने कोवैक्सीन को लेकर अपना निर्णय बदल दिया.
Corona Vaccine: पिछले हफ्ते 24 घंटों के भीतर ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की एक एक्सपर्ट कमिटी ने कोवैक्सीन को लेकर अपना निर्णय बदल दिया.

Corona Vaccine: पिछले हफ्ते 24 घंटों के भीतर ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) की एक एक्सपर्ट कमिटी ने कोवैक्सीन को लेकर अपना निर्णय बदल दिया. एक्सपर्ट कमिटी ने भारत बायोटेक (Bharat Biotech) की इस वैक्सीन (Covaxine) को इंसानों पर बिना प्रभावकारिता सबूत के भी इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दे दी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 6, 2021, 12:26 PM IST
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Covid-19 Vaccine: ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने भारत में कोवैक्सीन (Covaxine) और कोविशील्ड (Covishield) के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है, जिसके बाद ही अब दोनों कंपनियां अपनी-अपनी वैक्सीन (Corona Vaccine) की गुणवत्ता को लेकर आमने-सामने हैं. भारत बायोटेक (Bharat Biotech) ने अपनी कोवैक्सीन को कोरोना वायरस पर प्रभावशाली बताया, तो सीरम इंस्टीट्यूट (Serum Institute) ने दावा किया कि उनकी वैक्सीन कोविशिल्ड, कोवैक्सीन से बेहतर है. बिना पूरे डेटा के कोवैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मिलने के बाद विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है. विपक्ष ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कोरोना वायरस वैक्सीन (Corona Vaccine) को हड़बड़ी में मंजूरी दी गई है.

दरअसल, पिछले हफ्ते 24 घंटों के भीतर ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की एक एक्सपर्ट कमिटी ने कोवैक्सीन को लेकर अपना निर्णय बदल दिया. एक्सपर्ट कमिटी ने भारत बायोटेक की इस वैक्सीन को इंसानों पर बिना प्रभावकारिता सबूत के भी इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दे दी. 1 और 2 जनवरी को हुई एक्सपर्ट कमिटी की इस मीटिंग में ये बड़ा फैसला लिया गया था.

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'इंडियन एक्सप्रेस' ने सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमिटी (SEC) की मीटिंग को लेकर डिटेल रिपोर्ट प्रकाशित की है. रिपोर्ट के मुताबिक, SEC ने कोवैक्सिन के प्रतिबंधित इस्तेमाल की मंजूरी को 2 जनवरी को पास किया था. इसके अगले ही दिन यानी 3 जनवरी को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया के सीडीएससीओ डॉ. वीके सोमानी ने कोवैक्सीन के कैंडिडेट पर इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दे दी.
कोवैक्सीन पर जारी सियासत के बीच भारत बायोटेक के चेयरमैन और एमडी डॉ. कृष्णा एल्ला ने सोमवार को अपना पक्ष रखा. एल्ला ने कहा कि वैक्सीन पर सियासत हो रही है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग हमारी वैक्सीन के बारे में गॉसिप कर रहे हैं. ऐसा नहीं होना चाहिए. हम सिर्फ एक भारतीय कंपनी नहीं बल्कि एक ग्लोबल कंपनी हैं.




डॉ. कृष्णा एल्ला ने आलोचकों को आड़े हाथों लेते हुए पूछा- 'पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा उत्पादित कोविशिल्ड वैक्सीन के एक संस्करण AZD1222 के ग्लोबल ट्रायल के डेटा पर ऐसे सवाल क्यों नहीं उठाए गए.'

1 जनवरी को SEC की मीटिंग में भारत बायोटेक की तरफ से बताया गया था कि उसकी कोवैक्सीन कोरोना वायरस के स्ट्रेन के म्यूटेशन को टारगेट करने में सक्षम है. हालांकि, कंपनी मीटिंग में अपने दावे को साबित करने के लिए पर्याप्त डेटा नहीं पेश कर पाई थी. इसलिए तब पैनल इस वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी देने के लिए एकमत नहीं हो पाई. लेकिन, 2 जनवरी को SEC ने अपना निर्णय बदल दिया और कोवैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दे दी गई. SEC ने गैर-मानव प्रधानों पर एक अध्ययन से प्रभावकारिता डेटा का हवाला देते हुए कोवैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की सिफारिश की.

पब्लिक डोमेन में मौजूद SEC की मीटिंग के मिनट्स में कहा गया है, 'अब तक उत्पन्न डेटा एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया (दोनों एंटीबॉडी के साथ-साथ टी सेल) और इन-विट्रो वायरल न्यूट्रलाइजेशन को दर्शाता है. 25,800 भारतीयों पर चल रहा क्लिनिकल ट्रायल एक बड़ा ट्रायल होता है. इसमें पहले से ही 22,000 कैंडिडेट्स को कुछ शर्तों के साथ नामांकित किया गया है, जो अब तक सुरक्षित हैं.'


मीटिंग में आगे कहा गया, 'हालांकि, प्रभावकारिता डेटा का आना बाकी है.' मीटिंग में SEC पैनल ने कहा, 'विस्तृत विचार-विमर्श के बाद पैनल भारत बायोटेक को अपनी वैक्सीन के डेटा में और तेजी लाने का सुझाव देता है. साथ ही पहले से चल रहे 3 फेज के ह्यून ट्रायल में और कैंडिडेट्स को शामिल करने को कहा जा रहा है.' पैनल ने यह भी सिफारिश की कि कंपनी को प्रतिबंधित आपातकालीन उपयोग की मंजूरी के लिए अपने आवेदन पर अंतरिम प्रभावकारिता विश्लेषण रिपोर्ट लगानी होगी.

हालांकि, ठीक एक दिन बाद दोबारा बुलाई गई मीटिंग में SEC पैनल ने हैदराबाद की कंपनी भारत बायोटेक के बनाए गए कोवैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दे दी. पैनल ने कहा कि नए म्यूटेड कोरोना वायरस संक्रमण की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर भारत बायोटेक की वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल मोड पर इमरजेंसी इस्तेमाल किया जा सकता है.

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SEC ने कहा, 'उपरोक्त विचार-विमर्श के बाद समिति ने एक व्यापक ऐहतियात के रूप में और जनहित में कोवैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल को मंजूरी दी है. कोवैक्सीन का इस्तेमाल अभी क्लिनिकल ट्रायल मोड में होगा. ताकि कोरोना के म्यूटेशन को देखते हुए हमारे पास टीकाकरण के लिए अधिक विकल्प हो. इसके अलावा, भारत बायोटेक तीसरे फेज के क्लिनिकल ट्रायल भी जारी रखेगी और फाइनल डेटा इकट्ठा होते ही पैनल के सामने पेश करेगी.'


हालांकि, भारत बायोटेक के हेड डॉ. एल्ला ने सोमवार को अपनी ब्रीफिंग में साफ किया कि उन्होंने अभी तक पैनल को अंतरिम प्रभावकारिता डेटा रिपोर्ट नहीं सौंपी है. एल्ला ने कहा, ' हमने अभी हाइएस्ट एंटीबॉडी रेस्पॉन्स का डेटा दिया है. जिसमें लॉन्ग टर्म इम्यूनोजेनिसिटी और न्यूट्रलाइजेशन प्रोटेक्शन के बारे में बताया गया है.'
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