Covid-19 Vaccine: मई में प्राइवेट हॉस्पिटल ने खरीदे वैक्सीन की 80 लाख डोज़

सांकेतिक तस्वीर

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Covid-19 Vaccine: आंकड़ों के मुताबिक अब तक देशभर में 45 साल से ज्यादा उम्र के 32 फीसदी या फिर एक तिहाई लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज़ लग चुकी है.

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नई दिल्ली. देशभर में इन दिनों कोरोना की वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) को लेकर मारामारी है. हर राज्य से ज्यादा से ज्यादा वैक्सीन की डिमांड आ रही है. इन दिनों प्राइवेट और सरकारी अस्पताल दोनों जगह टीके लगाए जा रहे हैं. आंकड़ों के मुताबिक 1 मई के बाद प्राइवेट हॉस्पिटल ने सरकार से अब तक 80 लाख वैक्सीन की डोज़ खरीदी हैं. जबकि राज्य सरकारों को अब तक 1.23 करोड़ डोज दी गई हैं. बता दें कि 1 मई के बाद से सरकार ने वैक्सीन को लेकर नियमों में बदलाव किए थे. इसके तहत प्राइवेट अस्पतालों को भारत में बनने वाली 50 फीसदी वैक्सीन खरीदने की छूट है.

आंकड़ों के मुताबिक अब तक देशभर में 45 साल से ज्यादा उम्र के 32 फीसदी या फिर एक तिहाई लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज़ लग चुकी है. जबकि 50 फीसदी लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज़ दी जाएगी. सरकार ने लोगों से वैक्सीन की दूसरी डोज़ लेने की अपील की है. केंद्र ने बृहस्पतिवार को कहा कि अगस्त से दिसंबर के बीच पांच महीनों में देश में दो अरब से अधिक खुराक उपलब्ध होंगी, जो पूरी आबादी के टीकाकरण के लिए पर्याप्त होंगी.

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नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी के पॉल ने यह भी कहा कि रूस का कोविड-19 रोधी टीका स्पूतनिक V अगले सप्ताह तक उपलब्ध होने की संभावना है. ऐसे में जब घरेलू आपूर्ति भारी मांग को पूरा नहीं कर पा रही है, दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना सहित कई राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों ने कोरोना वायरस रोधी टीके की खरीद के लिए वैश्विक निविदाओं का विकल्प चुनने का फैसला किया है.


टीके की कमी स्वीकार करते हुए पॉल ने कहा कि टीके महत्वपूर्ण हैं ‘लेकिन उनके उत्पादन और उन्हें उपलब्ध कराने में समय लगता है. हम ऐसे चरण से गुजर रहे हैं जब आपूर्ति सीमित है.’ सरकार पहले ही कह चुकी है कि भारत दुनिया में सर्वाधिक तेज गति से टीका लगाने वाला राष्ट्र है जिसने 114 दिनों में टीके की 17 करोड़ खुराकें लगाई हैं. पॉल ने केंद्र की टीकाकरण नीति का भी बचाव किया, जिसकी कई राज्यों ने आलोचना की है. (एजेंसी इनपुट के साथ)

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