भारत में जून तक वैक्सीन की सप्लाई में आ सकती है तेजी, दिसंबर तक मिल जाएंगी 216 करोड़ डोज

भारत में जल्द वैक्सीन की आपूर्ति में आएगी तेजी (सांकेतिक तस्वीर)

भारत में जल्द वैक्सीन की आपूर्ति में आएगी तेजी (सांकेतिक तस्वीर)

Covid-19 Vaccine: कोविड -19 टीकों पर राष्ट्रीय टास्क फोर्स के प्रमुख और नीति आयोग के सदस्य डॉ विनोद कुमार पॉल ने गुरुवार को कहा कि अगस्त से दिसंबर तक वैक्सीन की 216 करोड़ खुराक उपलब्ध हो जाएंगी.

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नई दिल्ली. कोविड-19 वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) की सप्लाई जून तक तेज होने की संभावना है. जिससे भारत को दिसंबर में खत्म होने वाली सात महीने की अवधि में करीब 300 करोड़ खुराक मिल सकती हैं. इस मामले से जुड़े सरकारी अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों द्वारा तैयार किए गए अनुमानों से पता चलता है कि मई में 8.8 करोड़ खुराक जून तक लगभग दोगुना 15.81 करोड़ खुराक और अगस्त तक चौगुनी 36.6 करोड़ खुराक मिल सकती हैं. सिर्फ दिसंबर में, 65 करोड़ खुराकें उपलब्ध हो सकती हैं, जो मई की संख्या से सात गुना अधिक है.

इस संख्या से यह भी पता चलता है कि अगस्त से दिसंबर के बीच करीब 268 करोड़ खुराकें मिल सकती हैं जो कि पहले अनुमान 52 करोड़ से अधिक हैं. जिसने पहली बार कोरोना की दूसरी लहर से पीड़ित देश में इस घातक महामारी के खिलाफ निर्णायक जीत की उम्मीद जगाई है. आलोचकों का मानना है कि केंद्रीय नेतृत्व कर रही भारतीय जानता पार्टी कई राज्यों में वैक्सीनेशन अभियान सुचारु रूप से चलाने में असफल रही है-खासकर कि ऐसे राज्यों में जहां पर गैर-बीजेपी सरकार है- खुराक की कमी की शिकायत करते हुए उनका कहना है कि कई केंद्रों में अभियान ठप हो गया है.

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अगस्त से दिसंबर तक मिलेंगी 216 करोड़ वैक्सीन

कोविड -19 टीकों पर राष्ट्रीय टास्क फोर्स के प्रमुख और नीति आयोग के सदस्य डॉ विनोद कुमार पॉल ने गुरुवार को कहा कि अगस्त से दिसंबर तक वैक्सीन की 216 करोड़ खुराक उपलब्ध हो जाएंगी. एक प्रेस ब्रीफिंग में, उन्होंने आठ टीकों के बारे में बताया जो कि वर्तमान में इस्तेमाल किए जा रहे दो टीकों में एक महत्वपूर्ण वृद्धि है- जिसके चलते देश के सभी 130 करोड़ लोगों का टीकाकरण करने में मदद मिलेगी.

इस योजना के सफल कार्यान्वयन से नए साल की शुरुआत में भारत को इस महामारी को हराने में मदद मिलेगी. भारत में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या गंभीर रूप से बढ़ गई है और कई राज्यों से चिकित्सा ऑक्सीजन की अनुपलब्धता के कारण हुई मौतों के चलते स्वास्थ्य प्रणाली बीमारी के भारी बोझ से जूझ रही है.



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अधिकारियों ने कहा कि अनुमान के मुताबिक, जून से दिसंबर तक भारत को 293.8 करोड़ खुराक मिल सकती है.

अधिकारियों ने कहा कि भारत बायोटेक की कोवैक्सिन का उत्पादन चार अन्य कंपनियां करेंगी. सरकार ने पहले कहा था कि भारत बायोटेक ने अन्य कंपनियों को शामिल करके खुराक के उत्पादन में तेजी लाने के उद्देश्य से इस कदम का स्वागत किया है.

पॉल ने गुरुवार को कहा कि दिसंबर तक जो 216 वैक्सीन उपलब्ध कराई जाएंगी उसमें से कोविशील्ड की 75 करोड़ खुराक जबकि कोवैक्सीन की 55 करोड़ खुराक शामिल होगी.

इसके अलावा, बायोलॉजिकल ई द्वारा 30 करोड़ खुराक, ज़ायडस कैडिला 5 करोड़, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा नोवावैक्स की 20 करोड़ खुराक और भारत बायोटेक द्वारा उसकी नेजल वैक्सीन की 10 करोड़ खुराकें जबकि जेनोवा 6 करोड़ खुराक और स्पुतनिक V 15.6 करोड़ खुराक उपलब्ध कराएगी.

भारत में रूसी वैक्सीन स्पुतनिक V आ चुकी है और हैदराबाद में इसकी पहली खुराक भी दी जा चुकी है.

बायोलॉजिकल ई, जायडस कैडिला, जेनोवा, भारत बायोटेक द्वारा उसकी नेजल वैक्सीन क्लीनिकल ट्रायल के विभिन्न चरणों में हैं.

फाइजर, मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन से टीकों की खरीद पर पॉल ने कहा कि सरकार जैव प्रौद्योगिकी विभाग और विदेश मंत्रालय के माध्यम से इन कंपनियों के साथ संपर्क में है.


उन्होंने कहा, ‘‘हमने औपचारिक रूप से पूछा कि क्या वे भारत में खुराक भेजना चाहेंगे, भारत में निर्माण करेंगे, हम साझेदार खोजेंगे. उन्होंने कहा कि वे तिमाही 3 में टीके की उपलब्धता के बारे में बात करेंगे. हमने मॉडर्ना, फाइजर और जे एंड जे के साथ इस प्रक्रिया को तेज कर दिया है और हमें उम्मीद है कि वे आगे आएंगे.’’

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