Home /News /nation /

कितने असरदार कोविड रोधी नए टीके- कोवोवैक्स, कोर्बेवैक्स और दवा मोलनुपिराविर? यहां जानें सब कुछ

कितने असरदार कोविड रोधी नए टीके- कोवोवैक्स, कोर्बेवैक्स और दवा मोलनुपिराविर? यहां जानें सब कुछ

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने दो नए टीकों और कोविड-19 के लिए एक दवा के लिए कुछ शर्तों के साथ आपात स्थिति में उपयोग की अनुमति दे दी है. सीडीएससीओ ने ‘सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ के कोविड-19 रोधी टीके ‘कोवोवैक्स’ और ‘बायोलॉजिकल ई’ कम्पनी के टीके ‘कोर्बेवैक्स’ और कोविड-19 रोधी दवा ‘मोलनुपिराविर’ (गोली) के आपात स्थिति में नियंत्रित उपयोग की अनुमति दी है.

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने दो नए टीकों और कोविड-19 के लिए एक दवा के लिए कुछ शर्तों के साथ आपात स्थिति में उपयोग की अनुमति दे दी है. सीडीएससीओ ने ‘सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ के कोविड-19 रोधी टीके ‘कोवोवैक्स’ और ‘बायोलॉजिकल ई’ कम्पनी के टीके ‘कोर्बेवैक्स’ और कोविड-19 रोधी दवा ‘मोलनुपिराविर’ (गोली) के आपात स्थिति में नियंत्रित उपयोग की अनुमति दी है.

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने दो नए टीकों और कोविड-19 के लिए एक दवा के लिए कुछ शर्तों के साथ आपात स्थिति में उपयोग की अनुमति दे दी है. सीडीएससीओ ने ‘सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ के कोविड-19 रोधी टीके ‘कोवोवैक्स’ और ‘बायोलॉजिकल ई’ कम्पनी के टीके ‘कोर्बेवैक्स’ और कोविड-19 रोधी दवा ‘मोलनुपिराविर’ (गोली) के आपात स्थिति में नियंत्रित उपयोग की अनुमति दी है.

अधिक पढ़ें ...

    नई दिल्ली. भारत में कोविड-19 रोधी टीकों का विस्तार करते हुए केन्द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने ‘सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ (एसआईआई) के कोविड-19 रोधी टीके ‘कोवोवैक्स’ (Covovax) और ‘बायोलॉजिकल ई’ कम्पनी के टीके ‘कोर्बेवैक्स’ (Corbevax) को कुछ शर्तों के साथ आपात स्थिति में उपयोग की अनुमति दे दी है. साथ ही, कोविड-19 रोधी दवा ‘मोलनुपिराविर’ (गोली) के आपात स्थिति में नियंत्रित उपयोग को भी अनुमति मिल गई है. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को यह घोषणा की. सीडीएससीओ की कोविड-19 संबंधी विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) द्वारा ‘कोवोवैक्स’ और ‘कोर्बेवैक्स’ को कुछ शर्तों के साथ आपात स्थिति में उपयोग की अनुमति देने की सिफारिश किए जाने के एक दिन बाद यह मंजूरी दी गई. साथ ही, कोविड-19 रोधी दवा ‘मोलनुपिराविर’ (गोली) के आपात स्थिति में नियंत्रित उपयोग को भी अनुमति मिल गई है. इसे वयस्क मरीजों और जिन्हें बीमारी से बहुत ज्यादा खतरा है, उन्हें दिया जाएगा. आइये हम आपको उन टीकों के बारे में और उनके असर के बारे में जानकारी देते हैं

    कोर्बेवैक्स- हैदराबाद की फर्म बायोलॉजिकल-ई द्वारा निर्मित, टीके में सार्स-सीओवी-2 स्पाइक प्रोटीन के ‘रिसेप्टर बाइंडिंग डोमेन’ (आरबीडी) का एक संस्करण होता है. इसे दो खुराक में लगाया जाएगा. इसे हेपेटाइटिस बी के टीके विकसित करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक का उपयोग करके तैयार किया गया है.

    कोर्बेवैक्स का असर- बायोलॉजिकल ई ने पूरे भारत में 33 जगहों पर 3,000 से अधिक लोगों पर तीसरे फेज के ट्रायल पूरे किए हैं. कंपनी के मुताबिक यह 80 फीसदी तक असरदार है.

    कोवोवैक्स: यह टीका अमेरिकी जैव प्रौद्योगिकी कंपनी नोवावैक्स द्वारा विकसित और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के लाइसेंस के तहत निर्मित है. भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) कार्यालय ने 17 मई को एसआईआई को ‘कोवोवैक्स’ टीके के निर्माण और भंडारण की अनुमति दे दी थी. डीसीजीआई की मंजूरी के आधार पर ही अभी तक पुणे स्थित कम्पनी टीके की खुराक का निर्माण और भंडारण कर रही है. अगस्त 2020 में, अमेरिका की टीका बनाने वाली कम्पनी ‘नोवावैक्स इंक’ ने एनवीएक्स-सीओवी2373 (कोविड-19 रोधी संभावित टीका) के विकास और व्यावसायीकरण के लिए एसआईआई के साथ एक लाइसेंस समझौते की घोषणा की थी.

    कोवोवैक्स का असर: एसआईआई ने कहा है कि वैक्सीन का वैल्यूएशन दो फेज के 3 ट्रायल्स में किया गया है. ब्रिटेन के एक ट्रायल में वैक्सीन वायरस के ओरिजिनल स्ट्रेन के खिलाफ 96.4% तो वहीं , अल्फा के खिलाफ 86.3% असरदार रहा. वहीं इसका समग्र असर 89.7 फीसदी था. वहीं और अमेरिका और मैक्सिको में PREVENT-19 ट्रायल के दौरान मध्यम और गंभीर बीमारी के खिलाफ 100% सुरक्षा और कुल मिलाकर 90.4% असरदार रहा.

    मोलनुपिराविर: अमेरिकी कंपनी मर्क की मोलनुपिराविर’ (गोली) एक एंटीवायरल दवा है जो कुछ वायरस को बनने से रोकती है. इस दवा का निर्माण भारत में 13 कंपनियां करेंगी. अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने हाल ही में ‘मर्क’ कम्पनी की कोविड-19 रोधी ‘मोलनुपिराविर’ दवा को संक्रमण के उन मरीजों के इलाज के लिए अधिकृत कर दिया था, जिन्हें इस बीमारी से खतरा अधिक है.

    मोलनुपिराविर का असर: ब्रिटेन के ड्रग रेगुलेटर ने 4 दिसंबर को मोल्नुपिरवीर को मंजूरी दे दी.उसने इसे ‘सुरक्षित और प्रभावी’ पाया. अमेरिका ने इसे लगातार पांच दिनों से अधिक समय तक या 18 वर्ष से कम उम्र के रोगियों में उपयोग के लिए अधिकृत नहीं किया क्योंकि यह हड्डी के विकास को प्रभावित कर सकता है.

    Tags: Coronavirus in India, Covid19, Vaccination in India

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर