दुनिया में कोरोना वैक्‍सीन के लिए सबसे आगे हैं ये 3 नाम, भारत की Covaxin भी है रेस में

दुनिया में कोरोना वैक्‍सीन के लिए सबसे आगे हैं ये 3 नाम, भारत की Covaxin भी है रेस में
कोरोना वायरस की वैक्‍सीन के ट्रायल जारी हैं.

Coronavirus Vaccine: भारत के अलावा दुनिया भर में कई संभावित वैक्‍सीन के ट्रायल चल रहे हैं. इनमें से तीन ऐसी वैक्‍सीन हैं जो ट्रायल के तीसरे या उससे आगे के चरण में हैं.

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नई दिल्‍ली. देश-विदेश में कहर बरपा रहे कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) के खिलाफ वैक्‍सीन (Covid-19 Vaccine) विकसित करने की जद्दोजहद जारी है. इस बीच भारत में को‍वैक्सिन (Covaxin) नामक वैक्‍सीन का ह्यूमन ट्रायल भी शुरू हो गया है. लेकिन भारत के अलावा दुनिया भर में कई संभावित वैक्‍सीन का भी ट्रायल चल रहा है. इनमें से तीन ऐसी वैक्‍सीन हैं जो ट्रायल के तीसरे या उससे आगे के चरण में हैं. हम आपको बताते हैं कि दुनिया में किन-किन वैक्‍सीन का ट्रायल चल रहा है...

> अब तक दुनिया में तीन संभावित वैक्‍सीन ऐसी हैं जिनका ट्रायल तीसरे या उससे आगे के चरण में है. इनमें सिनोवेक, यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्‍सफोर्ड की एस्‍ट्राजेनेका और चाइना नेशनल फार्मास्‍यूटिकल ग्रुप की साइनोफार्म वैक्‍सीन शामिल हैं.

> चीन की कंपनी सिनोवेक बायोटेक ने अपनी संभावित कोरोना वैक्‍सीन का तीसरे चरण का ट्रायल शुरू किया है. कंपनी को रेगुलेटरी अप्रूवल मिलने के बाद ब्राजील में ये ट्रायल किया जा रहा है. कंपनी कोविड-19 स्‍पेशलाइज्‍ड फैसिलिटी में काम कर रहे करीब नौ हजार स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों पर वैक्‍सीन का ट्रायल करेगी.



> विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के अनुसार दुनिया में 6 जुलाई तक कुल 19 संभावित वैक्‍सीन क्‍लीनिकल ट्रायल से गुजर रही हैं.
> अमेरिकी कंपनी मोडर्ना भी वैक्‍सीन का फेज 3 ट्रायल करने वाली थी. लेकिन 9 जुलाई से होने वाले इस ट्रायल को टाल दिया गया है. कंपनी ने कहा था कि वो 30 हजार लोगों पर इसका ट्रायल करेगी. अब कंपनी प्रोटोकॉल में बदलाव कर रही है, जिससे इसकी डेट बदल गई है.

> फ्रांस की सनोफी और ब्रिटेन की ग्‍लैक्‍सोस्मिथक्‍लाइन ने मिलकर भी एक वैक्‍सीन बनाई है. इसका ह्यूमन ट्रायल सितंबर से शुरू होगा.

भारत की Covaxin का फेज 1 ट्रायल
भारत बायोटेक और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) साथ मिलकर को‍वैक्सिन नामक संभावित वैक्‍सीन का ह्यूमन ट्रायल कर रहे हैं. इसके दो चरण हैं. पहले चरण में 375 लोगों पर यह ट्रायल होगा. दूसरे चरण में 750 लोगों पर ट्रायल किया जाएगा. हैदराबाद के निजाम इंस्‍टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में मंगलवार से इस वैक्‍सीन का क्‍लीनिकल ट्रायल शुरू हो गया है. कंपनी ने फाइनल एनरोलमेंट के लिए 13 जुलाई की तारीख तय की है.

भारत में और हैं संभावित वैक्‍सीन
भारत में जाइडस कैडिला कंपनी की वैक्‍सीन को भी ह्यूमन क्‍लीनिकल ट्रायल की मंजूरी मिली है. इस वैक्‍सीन प्रोटोटाइप का नाम ZyCOV है. इसे ट्रायल के लिए डीजीसीआई से अनुमति मिल चुकी है. यह वैक्‍सीन शरीर में एंटीबॉडीज के निर्माण को बढ़ाकर वायरस म्‍यूटेशन से लड़ती है. वहीं बेंगलुरु में माइनवैक्‍स की प्रोटीन आधारित संभावित वैक्‍सीन का भी ट्रायल चल रहा है.

'साल के अंत तक आएगी वैक्‍सीन'
टीका विनिर्माता कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) को उम्मीद है कि वह साल के अंत तक कोविड-19 का टीका लाने में सफल रहेगी. कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अदर पूनावाला ने मंगलवार को कहा कि हम एक ‘अच्छा और सुरक्षित’ उत्पाद लाने पर ध्यान दे रहे हैं और हमें किसी तरह की हड़बड़ी नहीं है.

पूनावाला ने माईलैब डिस्कवरी सॉल्यूशंस की कॉम्पैक्ट डायग्नॉस्टिक मशीन ‘कॉम्पैक्ट एक्सएल’ की शुरुआत के मौके पर यह बात कही. कोविड-19 के टीके के विकास से संबंधित सवाल पर पूनावाला ने कहा कि एसआईआई को उम्मीद है कि वह 2020 के अंत तक इसे लाने में सफल रहेगी.
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