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कोरोना खत्म तो शायद न हो, फिर भी इसे लेकर उम्मीद बनी हुई है? जानें क्या है ये

कोरोना खत्म तो शायद न हो, फिर भी इसे लेकर उम्मीद बनी हुई है? जानें क्या है ये

सांकेतिक तस्वीर

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Covid-19, Some hopes are still alive : हार्वर्ड यूनिवर्सिटी (Harvard University) में मेडिसिन एंड हेल्थ साइंसेस एंड टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर हैं भारतवंशी डॉक्टर शिव पिल्लई. वे यहां मेडिकल स्कूल में रोगप्रतिरक्षा विज्ञान (Immunology) के ग्रेजुएट प्रोग्राम के प्रमुख भी हैं. पिल्लई कहते हैं, ‘मुझे नहीं लगता कि महामारी पूरी तरह खत्म होगी. हां, एक स्तर पर पहुंचकर हम इसके साथ रहना सीख लेंगे.

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नई दिल्ली. कोरोना महामारी (Covi-19) ने दो साल से पूरी दुनिया को परेशान कर रखा है. लाखों जिंदगियां मौत के मुंह में समा चुकी हैं. करोड़ों लोगों को कई-कई दिनों तक अस्पतालों में भर्ती रहना पड़ा है. इसके बाद सभी यह कामना कर रहे हैं, जल्द से जल्द महामारी (Pandemic) के इस दौर का अंत हो. कई विशेषज्ञों ने भी अपने-अपने अध्ययनों के हवाले से अनुमान लगाया है कि संभवत: कुछ महीनों, साल बाद इस महामारी का अंत हो जाएगा. लेकिन अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी (Harvard University) के एक विशेषज्ञ का अनुमान इसके उलट है. यानी उन्हें नहीं लगता कि महामारी का अंत होगा. हालांकि इसके बावजूद वे उम्मीदभरी एक अन्य संभावना जताते हैं.

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी (Harvard University) में मेडिसिन एंड हेल्थ साइंसेस एंड टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर हैं भारतवंशी डॉक्टर शिव पिल्लई. वे यहां मेडिकल स्कूल में रोगप्रतिरक्षा विज्ञान (Immunology) के ग्रेजुएट प्रोग्राम के प्रमुख भी हैं. पिल्लई कहते हैं, ‘मुझे नहीं लगता कि महामारी पूरी तरह खत्म होगी. हां, एक स्तर पर पहुंचकर हम इसके साथ रहना सीख लेंगे. वक्त के साथ कोरोना वायरस (Corona Virus) कमजोर होगा और उतना घातक नहीं रहेगा, जितना अब तक बना हुआ है. आने वाले समय में कोरोना का टीका (Corona Vaccine) भी अधिक असरदार होगा. साथ ही इसकी कुछ विशिष्ट प्रभावी दवाएं भी हमारे बीच उपलब्ध हो जाएंगी. जैसे- पैक्सलोविड और सिप्ला की दवा महामारी पर काबू पाने में अहम भूमिका निभाने वाली है, ऐसा मुझे लगता है.’

इस वक्त भारत में ओमिक्रॉन का भी संशोधित वैरिएंट संक्रमण फैला रहा है  

डॉक्टर शिव पिल्लई के मुताबिक, अधिकांश लोगों को लगता है कि भारत में ओमिक्रॉन (Omicron) की वजह से कोरोना संक्रमण (Corona Infection) की तीसरी लहर आई हुई है. लेकिन ऐसा नहीं है. ओमिक्रॉन (Omicron) का पहला वर्जन बीए.1 (BA.1) है. जबकि भारत में इससे अधिक ओमिक्रॉन बीए.2 (Omicron BA.2) संक्रमण फैला रहा है, जो पहले वाले थोड़ा अलग है.’ हालांकि इसके साथ वे कहते हैं, ‘अभी अध्ययन जारी हैं. इस बीच, हम इस वक्त उम्मीद ही कर सकते हैं कि ओमिक्रॉन बीए.1 की तरह बीए.2 भी कम घातक होगा. यह फेंफड़ों को नुकसान नहीं पहुंचाएगा.’

Tags: Corona Virus, Hindi news, Omicron

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