चुनाव आयोग पर भी कोरोना की मार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा और आयुक्त राजीव कुमार संक्रमित

कोरोना संक्रमित हुए चुनाव अधिकारी. (फाइल फोटो)

कोरोना संक्रमित हुए चुनाव अधिकारी. (फाइल फोटो)

Election Commission Coronavirus: मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा (Sushil Chandra) और चुनाव आयुक्त राजीव कुमार कोविड-19 का शिकार हो गए हैं. खास बात है कि संक्रमण के दौर भी दोनों अधिकारियों ने चुनाव संबंधी काम जारी रखा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 20, 2021, 10:22 AM IST
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नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रकोप का असर चुनाव आयोग पर भी पड़ा है. खबर है कि मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा और चुनाव आयुक्त राजीव कुमार कोविड-19 का शिकार हो गए हैं. खास बात है कि संक्रमण के दौर भी दोनों अधिकारियों ने चुनाव संबंधी काम जारी रखा है. फिलहाल दोनों अधिकारी होम क्वारंटीन हैं और घर से ही वर्चुअली मीटिंग में शामिल हो रहे हैं.

महामारी से जुड़ी तमाम परेशानियों के बीच लगातार आयोग अपने अधिकारियो से वीडियो कॉल के जरिए संपर्क में बना हुआ है. फिलहाल पश्चिम बंगाल में तीन चरणों का मतदान बाकी है. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, आयोग के पास 19 हजार से ज्यादा शिकायतें आई थीं. इनमें 8 अप्रैल तक केवल 99 शिकायतों ही बची थीं. इस बड़े सियासी रण में राजनीतिक दल लगातार आयोग के पास चुनाव से जुड़ी शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं.

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बीते हफ्ते चंद्रा ने संभाला था पद
कुछ दिनों पहले पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोरा के पद छोड़ने के बाद सुशील चंद्रा ने यह जिम्मेदारी संभाली थी. उन्होंने 13 अप्रैल को पद संभाला था. भारत के 24वें चुनाव प्रमुख बने चंद्रा को 14 फरवरी 2019 को चुनाव आयुक्त के पद पर नियुक्त किया गया था. अरोरा, अशोक लवासा के साथ मिलकर वे उस साल लोकसभा चुनाव कार्यक्रम में शामिल रहे थे.

भाषा के अनुसार, 15 मई 1957 को जन्मे सुशील चंद्रा चुनाव आयोग में आने से पहले केन्द्रीय प्रत्यक्ष कराधान बोर्ड (सीबीडीटी) के अध्यक्ष पद पर रहे हैं. वे आईआईटी रूड़की से स्नातक हैं और उन्होंने देहरादून के डीएवी कॉलेज से एलएलबी किया है. वह भारतीय राजस्व सेवा (आयकर कैडर) के 1980 बैच के अधिकारी हैं और अपने करियर के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं. इस दौरान वह उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, मुंबई और दिल्ली में सेवारत रहे.





चंद्रा के मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पद पर रहते हुए गोवा, मणिपुर, उत्तराखंड, पंजाब और उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव कराए जा सकते हैं. इन राज्यों की विधानसभाओं का पांच वर्ष का कार्यकाल अगले एक वर्ष के भीतर समाप्त होने जा रहा है.
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