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कोरोना पॉजिटिव मरीजों के आंसू भी दूसरों को कर सकते हैं बीमार, नई स्टडी में चौंकाने वाले खुलासे

रिपोर्ट के मुताबिक करीब 17.5% मरीज़ जिनके आंसू के आरटी-पीसीआर टेस्ट हुए वो भी कोरोना पॉजिटिव निकले. (फाइल फोटो)

रिपोर्ट के मुताबिक करीब 17.5% मरीज़ जिनके आंसू के आरटी-पीसीआर टेस्ट हुए वो भी कोरोना पॉजिटिव निकले. (फाइल फोटो)

Covid Positive Patients: कोरोना के 120 मरीजों पर ये स्टडी की गई. इनमें से 60 मरीजों में आंसुओं के जरिए वायरस शरीर के दूसरे हिस्से में पहुंच गया. ये स्टडी अमृतसर के एक सरकारी मेडिकल कॉलेज ने की है.

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    नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Covid-19) के संक्रमण को लेकर दुनिया भर में इन दिनों अलग-अलग रिसर्च की जा रही हैं. इसी के तहत एक स्टडी में दावा किया गया है कि कोरोना वायरस पॉजिटिव मरीजों के आंसुओं (Covid-19 by Tears) से भी फैल सकता है. ये स्टडी अमृतसर के एक सरकारी मेडिकल कॉलेज ने की है. इस दौरान 120 मरीजों के सैंपल पर नजर रखी गई. हालांकि एक्सपर्ट्स का भी कहना है कि कोरोना का सबसे ज्यादा संक्रमण सांस के जरिए ही होता है.

    अंग्रेजी अखबार द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक कोरोना के 120 मरीजों पर ये स्टडी की गई. इनमें से 60 मरीजों में आंसुओं के जरिए वायरस शरीर के दूसरे हिस्से में पहुंच गया. जबकि 60 मरीजों में ऐसा नहीं हुआ. शोधकर्ताओं ने 41 रोगियों में कंजंक्टिवल हाइपरमिया, 38 में फॉलिक्युलर रिएक्शन, 35 में केमोसिस, 20 रोगियों में म्यूकॉइड डिस्चार्ज और 11 में खुजली पायी गयी. ऑक्यूलर लक्षणों वाले लगभग 37% मरीजों में मध्यम कोविड -19 संक्रमण था. बाक़ी 63% में कोविड-19 के गंभीर लक्षण थे.

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    रिपोर्ट के मुताबिक करीब 17.5% मरीज़ जिनके आंसू के आरटी-पीसीआर टेस्ट हुए वो भी कोरोना पॉजिटिव निकले. 11 रोगियों (9.16%) में ओकुलर अभिव्यक्तियां थीं और 10 (8.33%) को कोई भी ओकुलर शिकायत नहीं थी. कोरोना वायरस रिपोर्ट में कहा गया है कि संक्रमित मरीज कंजेक्टिवायटल स्राव में संक्रमण को दूर कर सकते हैं.

    इस बीच देश में दावा किया जा रहा है कि कोरोना की तीसरी लहर  इसी महीने आ सकती है. कहा गया है कि इस दौरान रोजाना एक लाख मामले आ सकते हैं. बहुत खराब स्थिति में यह संख्या डेढ़ लाख प्रतिदिन तक पहुंच सकती है. हैदराबाद और कानपुर में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) में मथुकुमल्ली विद्यासागर और मनिंद्र अग्रवाल के नेतृत्व में किए गए शोध में यह दावा किया गया है कि अक्टूबर में तीसरी लहर का पीक देखने को मिल सकता है.

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