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कोविड रिस्पॉन्स पैकेज: सरकार ने जारी किए 7,000 करोड़ से ज्यादा रुपये, जल्द देश में शुरू होंगे 1755 ऑक्सीजन प्लांट

सरकार ने कोरोना राहत पैकेज जारी किया है. (सांकेतिक फोटो)

सरकार ने कोरोना राहत पैकेज जारी किया है. (सांकेतिक फोटो)

23,000 करोड़ रुपये के कोविड रिस्पॉन्स पैकेज में केंद्र की भागीदारी 60 फीसदी है जबकि 40 फीसदी हिस्सा राज्यों का है. केंद ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली. केरल और पूर्वोत्तर के राज्यों में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया 16 अगस्त को केरल का दौरा करेंगे और मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से मुलाकात करेंगे. वहीं 17 अगस्त को वह गुवाहाटी पहुंचेंगे जहां वह पूर्वोत्तर राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों से मुलाकात करेंगे. हाल ही में इन राज्यों में कोरोना के मामलों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर यह स्वास्थ्य मंत्रालय की एक टीम को केरल भेजे जाने के बाद मंत्री द्वारा केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में कोविड की स्थिति की समीक्षा की तरह होगा.

इसी तरह के एक बड़े फैसले के रूप में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड रिस्पॉन्स पैकेज के हिस्से के रूप में राज्यों को लगभग 7,300 करोड़ रुपये जारी करने की मंजूरी दी है, जिसकी घोषणा पिछले महीने संसद सत्र के दौरान कोविड -19 महामारी की संभावित तीसरी लहर की तैयारी में की गई थी. एक शीर्ष सूत्र ने कहा कि भविष्य में किसी भी ऑक्सीजन की कमी से बचने के लिए अगस्त के अंत तक देश में सभी 1755 नए ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र भी चालू हो जाएंगे और इनमें से 350 से ज्यादा पहले से ही चालू हैं और बाकी पूरा होने की एडवांस स्टेज में हैं.

23,000 करोड़ रुपये के कोविड रिस्पॉन्स पैकेज में केंद्र की भागीदारी 60 फीसदी है जबकि 40 फीसदी हिस्सा राज्यों का है. केंद्र सरकार की इस हिस्सेदारी के 14,744 करोड़ रुपये में से स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को 35 फीसदी राशि जारी की और इसका 15 फीसदी 22 जुलाई को जारी किया गया. सरकार के एक शीर्ष सूत्र ने बताया कि “इससे पता चलता है कि केंद्र सरकार इस मामले को लेकर सुस्त नहीं है और तीसरी लहर की तैयारियों को लेकर गंभीर है. राज्यों ने दिशा-निर्देशों के अनुसार अपनी विस्तृत योजनाओं के बारे में बताया है कि वे इस पैसे को कैसे खर्च करेंगे और हमने तुरंत उन योजनाओं को मंजूरी दे दी है और आज 35% धन जारी किया है.”

ऐसे खर्च किए जाएंगे 23,000 करोड़ रुपये
23,000 करोड़ रुपये के पैकेज का इस्तेमाल आरटी-पीसीआर किट की खरीदने, और ज्यादा आरटी-पीसीआर लैब्स तैयार करने, एम्बुलेंस, बच्चों के लिए 20% आईसीयू बेड, अस्पतालों में अधिक सामान्य आईसीयू बेड स्थापित करने, आवश्यक दवाओं की अग्रिम खरीद और वेंटिलेटर, ऑक्सीमीटर और स्किलिंग मैनपावर बफर स्टॉक के लिए किया जाएगा. एक शीर्ष सरकारी सूत्र ने कहा, “अगर यह सारा बुनियादी ढांचा उस समय सीमा में आता है, जिसकी हमने परिकल्पना की है, तो तीसरी लहर आने पर कोई संकट नहीं होगा.”

जैसा कि इस हफ्ते की शुरुआत में न्यूज18 ने इस मामले से जुड़ी अपनी पहली बार रिपोर्ट में बताया था, एक शीर्ष स्रोत ने पुष्टि की कि केंद्र के पास रेमेडिसविर का लगभग 50 लाख आरक्षित स्टॉक भी है और वह दवा के बढ़े हुए उत्पादन का निर्यात कर रहा था जो अब देश में उपलब्ध है. सूत्र ने यह भी कहा कि एक कंपनी टोसीलिज़ुमैब ड्रग के एक संस्करण का घरेलू उत्पादन शुरू करने जा रही है जो अब तक स्विट्जरलैंड से आयात किया गया था. सूत्र ने कहा, “हम जल्द ही इस क्षेत्र में पूरी तरह से आत्मानिर्भर बन जाएंगे.” सूत्र ने कहा कि दवा का उत्पादन सन फार्मा द्वारा किया जाएगा और इसे इटोलिज़ुमा कहा जाएगा. सूत्र ने कहा कि देश में अब लगभग 2.75 बेड्सो पहले से ही मौजूद हैं.

Tags: Coronavirus, Coronavirus in India, Economic Package, New oxygen plant

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