COVID Isolation: 6 मिनट चलने से लेकर नब्ज़ पर नज़र तक- घर पर कोरोना मरीजों के लिए एक्सपर्ट ने बताए 9 जरूरी कदम

पटना में कोरोना संक्रमण के बीच एनएमसीएच के जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे. (प्रतीकात्मक)

पटना में कोरोना संक्रमण के बीच एनएमसीएच के जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे. (प्रतीकात्मक)

Coronavirus outbreak in India: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के अध्यक्ष जे.ए. जयलाल ने News18.com के साथ एक इंटरव्यू में 9 स्टेप्स बताए हैं, जो कोरोना वायरस से संक्रमित होने या नहीं होने की पहचान करते हैं. आइए जानते हैं क्या हैं वो 9 स्टेप्स:-

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 21, 2021, 1:40 PM IST
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नई दिल्ली. देशभर कोरोना की दूसरी लहर लगातार (Coronavirus outbreak in India) भयानक होती जा रही है. मंगलवार को देश में 2.94 लाख केस मिले. 2020 मौतें भी हुईं. इस दौरान 1.66 लाख लोगों ने संक्रमण को मात भी दी. दिल्ली, कर्नाटक और केरल में एक दिन में अब तक के सबसे ज्यादा मामले सामने आए. तेजी से बढ़ रहे कोरोना पॉजिटिविटी रेट के बीच News18 आपको कुछ ऐसे उपाय बता रहा है, जिनके जरिए आप पता कर सकते हैं कि आपको कोरोना वायरस का संक्रमण है या नहीं.

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के अध्यक्ष जे.ए. जयलाल ने News18.com के साथ एक इंटरव्यू में 9 स्टेप्स बताए हैं, जो कोरोना वायरस से संक्रमित होने या नहीं होने की पहचान करते हैं.

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आइए जानते हैं क्या हैं वो 9 स्टेप्स:-
STEP 1: जब किसी व्यक्ति को लगता है कि वह कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आया है या किसी तरह से वायरस के संपर्क में आया है, या उसे बुखार, सिरदर्द, गले में खराश, गंध या स्वाद में कमी जैसे लक्षण अनुभव होते हैं, तो उसे सबसे पहले खुद को आइसोलेट कर लेना चाहिए. इस दौरान लोगों से मिलने-जुलने से बचें. जितना हो सके आराम करें और पौष्टिक खाना खाएं. रात को अच्छी नींद लें. इस अवधि के दौरान यह सलाह दी जाती है कि जो कोई भी मेडिकल एक्सपर्ट नहीं है, उसकी मदद न लें.
STEP 2: आरटी-पीसीआर टेस्टिंग के लिए सुविधाजनक नजदीकी केंद्र में जाना चाहिए और ऐसा करते समय कोरोना नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए. जब तक आप रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, तब तक दूसरों से अलग ही रहें. ऐसा सिर्फ तभी किया जा सकता है जब घर में एक अलग कमरा हो और उसमें अटैच टॉयलेट हो. सेल्फ आइसोलेशन के दौरान अपने कपड़े और जरूरी इस्तेमाल की चीजें अलग रखें. कपड़ों को धोने से पहले अलग से ब्लीच करना न भूलें. परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में हमेशा मास्क पहने रहें. पेट के बल कम से कम दो घंटे तक सोने की कोशिश करें और गहरी सांसें लें. सेल्फ-आइसोलेशन में आप हॉबीज भी पूरी कर सकते हैं. जितना हो सके पानी पीजिए और मौसमी फल खाइए. अगर आप योगा करते हैं, तो ये आपके दिमाग को शांत रखने में मदद करेगा. इस दौरान अपने हेल्थकेयर प्रोवाइडर से लगातार फोन पर संपर्क बनाए रखें. आरोग्य सेतु ऐप पर अपने हेल्थ की अपडेट देते रहिए. जितना हो सके नेगेटिव खबरों से दूर रहिए. अच्छा सोचिए.
STEP 3: अगर आपकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, तो आप ESR, CRP, TC, DC, फेरिटिन, डी-डीमर कराएं. दवाएं जारी रखें. इसके साथ ही परिवार के बाकी सदस्यों का भी टेस्ट जरूर कराएं.
STEP 4: अगर आपके टेस्ट वैल्यूज नॉर्मल हैं और आपमें कोरोना के हल्के लक्षण हैं, तो आप घर पर ही इलाज कराएं. हालांकि, इस दौरान भी लगातार अपने हेल्थकेयर प्रोवाइडर से फोन से संपर्क बनाए रखें और उनके बताए निर्देशों का पालन करें.
STEP 5: कोरोना संक्रमित हैं, तो नियमित तौर पर व्यायाम करें. आप कमरे में ही रस्सी कूद, या ट्रेडमिल कर सकते हैं. अगर आपको शरीर में दर्द है, तो ज्यादा व्यायाम न करें. आप टहल सकते हैं. सांस से जुड़े व्यायाम इस दौरान रोजाना करना चाहिए. अगर आप योग करते हैं, तो उससे भी फायदा होगा. तीसरे दिन से किसी को घर पर अधिक महत्वपूर्ण टेस्टिंग की जरूरत होती है. इसका सबसे कारगर उपाय 6 मिनट का वॉक टेस्ट है. एक ऑक्सीमीटर के साथ अपने ऑक्सीजन स्तर को मापे. इस दौरान आदर्श ऑक्सीजन लेवल 96 से 100 होगी. इसके बाद आप 6 मिनट का वॉक टेस्ट करें. फिर अपने ऑक्सीजन स्तर को दोबारा नापिए. अगर ऑक्सीजन का स्तर 5 से अधिक अंक गिर जाता है, तो आप श्वसन संक्रमण से ग्रस्त हैं और आपको अस्पताल में देखभाल की जरूरत है.
STEP 6: व्यायाम करने के अलावा अपनी नाड़ी, तापमान, श्वसन दर, ऑक्सीजन और रक्तचाप को आठ घंटे के अंतराल पर जांचते रहिए. अगर आपको शुगर है, तो दिन में दो बार रक्तचाप की जांच करें और अपनी दवा लें. आठ घंटे की नींद और न्यूनतम दो घंटे की स्थिति वाली नींद को जारी रखें.
STEP 7: अगर आपके नाड़ी की दर 100 से ज्यादा है, तापमान तीन दिनों से अधिक समय तक 100 से ऊपर रहता है और आपको एक गंभीर सिरदर्द या लगातार दस्त हो रहे हैं, तो खतरे की घंटी है. आपको अस्पताल जाने की जरूरत है. अगर सीआरपी 10 से ऊपर है, लिम्फोसाइट 20 प्रतिशत से कम है, फेरिटिन और डी-डिमर उच्च हैं या यदि आपके पास बेकाबू चीनी, उच्च रक्तचाप, गुर्दे की बीमारी या मोटापा है, तो यह भी एक बुरा संकेत है.
STEP 8: ऐसी स्थिति में भी आपको पैनिक नहीं करना चाहिए. अगर आप अस्पताल में भर्ती हो गए हैं, तो रेमेडेसिविर प्राप्त करने या अपने ऑक्सीजन लेवल को बढ़ाने के लिए बेवजह कोशिश न करें. हर किसी को इन चीजों की जरूरत नहीं है. वास्तव में केवल 10 - 15 प्रतिशत को इसकी जरूरत है और अगर आप उनमें से एक हैं, तो आपका डॉक्टर निश्चित रूप से इसे लिखेगा. इसलिए पैनिक न करें.
STEP 9: सभी बेसलाइन इंवेस्टिगेशन करने के बाद पांच दिन बाद आपको फिर से कोरोना टेस्ट कराना है. इसमें CRP का बढ़ना एक खतरे का संकेत हैं. जब तक आप दोबारा से नेगेटिव नहीं हो जाते, आपको सेल्फ आइसोलेशन में रहना है. अगर आप अस्पताल में हैं, तो डॉक्टर की सलाह का पालन करें.
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