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48 जिलों में पिछड़ा कोविड टीकाकरण, कवरेज 50 फीसदी से भी कम; PM मोदी करेंगे समीक्षा बैठक

48 जिलों में पिछड़ा कोविड टीकाकरण, कवरेज 50 फीसदी से भी कम; PM मोदी करेंगे समीक्षा बैठक

देश के कुछ जिलों में पहले डोज का कवरेज 50 फीसदी से भी कम है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: AP)

देश के कुछ जिलों में पहले डोज का कवरेज 50 फीसदी से भी कम है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: AP)

Covid-19 Vaccination in India: इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इन 48 जिलों में से 27 उत्तर पूर्वी राज्यों के हैं. महाराष्ट्र (Maharashtra) से औरंगाबाद (46.5%), नंदुरबार (46.9%), बुलढाना (47.6%), हिंगोली (47.8%), नांदेड़ (48.4%), और अकोला (49.3%) का नाम शामिल है. मेघालय में वेस्ट खासी हिल्स (39.1%), साउथ गारो हिल्स (41.2%), ईस्ट गारो हिल्स (42.1%), वेस्ट जांतिया हिल्स (47.8%) हैं. इनके अलावा सूची में नूह (हरियाणा 23.5%), थिरुवल्लूर (तमिलनाडु 43.1%), दक्षिण सालमारा मनकाचार (असम 44.8%), नारायणपुर (छत्तीसगढ़ 47.5%), उत्तर-पश्चिम दिल्ली (48.2%), लॉन्गतलाई (मिजोरम 48.6%), अररिया (बिहार 49.6%) का नाम शामिल है.

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    नई दिल्ली. कोविड-19 (Covid-19) के खिलाफ जारी टीकाकरण में पिछड़ रहे जिलों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) समीक्षा बैठक करने वाले हैं. बुधवार को होने वाली इस मीटिंग में झारखंड (Jharkhand) के सबसे ज्यादा 9 जिले शामिल होंगे. स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि 48 राज्यों में टीकाकरण की पहली खुराक का आंकड़ा 50 फीसदी से भी कम है. हाल ही में भारत ने 100 करोड़ डोज का टारगेट हासिल किया था. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इन 48 जिलों में से 27 उत्तरपूर्वी राज्यों के हैं. इनमें मणिपुर और नागालैंड के 8-8 जिले शामिल हैं. रिपोर्ट के अनुसार, नॉर्थ ईस्ट में हर 5 जिलों में से लगभग 3 जिलों में पहले डोज के मामले में वैक्सीन कवरेज 50 प्रतिशत से कम है. धीमे टीकाकरण वाले इन जिलों की सूची में दिल्ली का एक और महाराष्ट्र के 6 जिले शामिल हैं.

    पीएम मोदी की बैठक से एक दिन पहले ही धीमा प्रदर्शन कर रहे राज्य ‘हर घर दस्तक’ टीकाकरण अभियान शुरू कर सकते हैं. इसके तहत इन जिलों में घर-घर जाकर लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी. मंत्रालय की तरफ से एकत्र किए गए 48 जिलों का डेटा 27 अक्टूबर तक का है. उस दिन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने दूसरे डोज की बात उठाई थी. उन्होंने कहा था कि देश के 10.34 करोड़ से ज्यादा लोग तय समयसीमा में दूसरा डोज हासिल नहीं कर सके थे. साथ ही दूसरे डोज की रफ्तार बढ़ाने के लिए भी कहा गया था. बैठक के दौरान मंडाविया ने राज्यों को ‘नवंबर 2021 के अंत तक सभी पात्र आबादी को कोविड-19 वैक्सीन का 1 डोज’ देने के लिए कहा था.

    ये है जिलों का रिपोर्ट कार्ड
    झारखंड के 9 जिलों में पाकुर (37.1%), साहेबगंज (39.2%), गढ़वा (42.7%), देवघर (44.2%), पश्चिम सिंहभूम (47.8%), गिरिडीह (48.1%), लातेहार (48.3%), गोड्डा (48.3%)
    गुमला (49.9%) हैं. मणिपुर के 8 जिलों में कांगपोक्पी (17.1%), उखरूल (19.6%), कामजोंग (28.2%), सेनापति (28.6%), फेरजॉल (31.1%), तमेंगलॉन्ग (35%), नोनी (35.4%) और तैंग्नोपाल (43.7%) का नाम शामिल है. इसके बाद नागालैंड से किफीर (16.1%), तुएसांग (20.8%), फेक (21.9%), पेरेन (21.9%), मोन (33.5%), वोखा (38.5%), जुन्हेबोटो (39.4%) और लॉन्गलैंग (40.4%) हैं. अरुणाचल के 6 जिलों में क्रदादी (18.3%), कुरुंग कुमे (27.4%), अपर सुबांसिरी (32.1%), कामले (36.4%), लोअर सुबांसिरी (41.3%) और पूर्वी कमेंग (42.5%) हैं.

    महाराष्ट्र से औरंगाबाद (46.5%), नंदुरबार (46.9%), बुलढाना (47.6%), हिंगोली (47.8%), नांदेड़ (48.4%), और अकोला (49.3%) का नाम शामिल है. मेघालय में वेस्ट खासी हिल्स (39.1%), साउथ गारो हिल्स (41.2%), ईस्ट गारो हिल्स (42.1%), वेस्ट जांतिया हिल्स (47.8%) हैं. इनके अलावा सूची में नूह (हरियाणा 23.5%), थिरुवल्लूर (तमिलनाडु 43.1%), दक्षिण सालमारा मनकाचार (असम 44.8%), नारायणपुर (छत्तीसगढ़ 47.5%), उत्तर-पश्चिम दिल्ली (48.2%), लॉन्गतलाई (मिजोरम 48.6%), अररिया (बिहार 49.6%) का नाम शामिल है.

    दूसरे डोज के मामले में देश के 8 बड़े राज्यों में से 4 के आंकड़े राष्ट्रीय औसत 31 फीसदी से ज्यादा हैं. इनमें गुजरात (55%), कर्नाटक (48%), राजस्थान (39%) और मध्य प्रदेश (38%) का नाम है. चार बड़े राज्यों का प्रदर्शन भी खराब रहा है. इनमें महाराष्ट्र (34%), उत्तर प्रदेश (22%), बिहार (25%) और पश्चिम बंगाल (30%) का नाम शामिल है.

    Tags: COVID 19, Pm narendra modi, Vaccination, Vaccine Review Meeting

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