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Omicron Tension : पुडुचेरी में तत्काल प्रभाव से कोविड वैक्सीनेशन हुआ अनिवार्य, कई राज्यों ने उठाए सख्त कदम

Omicron Tension : पुडुचेरी में तत्काल प्रभाव से कोविड वैक्सीनेशन हुआ अनिवार्य, कई राज्यों ने उठाए सख्त कदम

डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि मौजूदा टीके बीमारी से लड़ने में सक्षम हैं. (फाइल फोटो)

डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि मौजूदा टीके बीमारी से लड़ने में सक्षम हैं. (फाइल फोटो)

Puducherry Makes Covid19 Vaccination Compulsory: विशेषज्ञों की मानें तो हो सकता है कि आने वाले समय में पुडुचेरी (Puducherry News) की तरह दूसरे राज्य भी जल्द ही ऐसा कदम उठा सकते हैं क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) पहले ही कह चुका है कि कोविड संक्रमण (Covid Infection) से बचाने के लिए दिए जाने वाले मौजूदा टीके अभी भी गंभीर बीमारी से बचाव करने में सक्षम हैं. अगर किसी ने वैक्सीनेशन कराया हुआ तो इस बात की बहुत ज्यादा उम्मीद है कि अगर वह नए वेरिएंट के संक्रमण में आता है तो वायरस से लड़ने में सक्षम होगा.

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    नई दिल्ली: कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए पुडुचेरी प्रशासन (Puducherry) ने एक बड़ा फैसला लिया है. प्रशासन ने एहतियात के तौर पर केंद्र शासित प्रदेश में तत्काल प्रभाव के साथ कोविड-19 वैक्सीनेशन (Covid-19 Vaccination) को अनिवार्य कर दिया है. इस संबंध में 4 दिसंबर को आदेश भी जारी कर दिए गए हैं. नए आदेश मे कहा गया है कि पुडुचेरी हेल्थ एक्ट 1973 के मुताबिक सभी लोगों को वैक्सीन लगवाना अनिवार्य (vaccination Mandatory) है और जो आदेश को नहीं मानेगा उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

    स्वास्थ्य और परिवार कल्याण सेवा निदेशक जी. श्री रामुलु ने शनिवार को आदेश जारी करके कहा कि राज्य में अब वैक्सीनेशन (Corona Vaccination) को तत्काल प्रभाव से अनिवार्य किया जाता है. सभी को टीकाकरण कराना होगा और जो लोग इसमें भाग नहीं लेते उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी. वहीं इस फैसले को लेकर लोग सोशल मीडिया में सवाल उठा रहे हैं. लोगों का कहना है कि वैक्सीन न लगवाने वाले के खिलाफ कार्रवाई और जो लोग भीड़ बढ़ा रहे हैं उनके खिलाफ क्या कदम उठाया जा रहा है.

    क्या पूरे देश में लागू किया जाएगा नियम
    बता दें कि कोरोना वायरस के नए वेरिएंट (Coronavirus New Variant) ने दुनिया भर की सरकारों को चिंता में डाल दिया है. भारत समेत विश्व के कई देश इस समय ओमिक्रॉन की चपेट में है और इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. एक बार फिर से बिगड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था को संभालने के लिए विशेषज्ञ वैक्सीनेशन को अनिवार्य करने पर विचार कर रहे हैं. इस सप्ताह की शुरुआत में यूरोपीय संघ आयोग के प्रमुख डेर लेयेन ने कहा था कि विश्व को ओमिक्रॉन के संक्रमण का मुकाबला करने के लिए टीकाकरण अनिवार्य करना होगा क्योंकि अत्यधिक संक्रामक ओमिक्रॉन के खिलाफ लड़ाई में वैक्सीनेशन का अहम रोल होगा.

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    ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के कारण एक बार फिर से अनेक देश अपने यात्रा प्रतिबंधों और नियमों पर विचार कर रहे हैं ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके. हालांकि इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि अभी तक ओमिक्रॉन के जितने भी मामले सामने आए है उनमें से कोई भी गंभीर केस नहीं है. हालांकि इस समय विशेषज्ञ यह विचार कर रहे हैं कि इस नई लड़ाई में क्या वैक्सीनेशन को अनिवार्य करना एक रास्ता हो सकता है.

    संक्रामक बीमारियों की लड़ाई में अहम है वैक्सीनेशन
    अगर टीकाकरण के इतिहास को देखा जाए तो कई विशेष बीमारियों की लड़ाई में टीकाकरण ने जीत दिलाई है. टीकाकरण की वजह से ही चेचक बीमारी को समाप्त किया जा सका है और कई अन्य में मृत्यु दर को घटाया गया है. येल विश्वविद्यालय के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर जेशन शार्ट्ज ने कहा कि हमारे पास अच्छे उदाहरण है जो समय की मांग के अनुसार टीकाकरण की आवश्यकता को दर्शाते हैं. उन्होंने कहा कि टीकाकरण से न केवल व्यक्ति की रक्षा होती है बल्कि इससे पूरे समुदाय की रक्षा की जा सकती है.


    कई देशों में अनिवार्य हो चुका है कोविड वैक्सीनेशन
    दुनिया के कई देशों में पहले से ही टीकाकरण अनिवार्य किया जा चुका है जबकि कई देशों में ऑफिस या दूसरी जगहों में काम में जाने के लिए टीकाकरण अनिवार्य किया गया जा चुका है. इंडोनेशिया में तो अगर आप वैक्सीनेशन कराने से मना करते हैं तो वहां आपको किसी भी तरह की सुविधाएं नहीं दी जाएंगी. ग्रीस की सरकार ने 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए वैक्सीनेशन को अनिवार्य कर दिया है. अगर खाड़ी देशों की बात करें तो सउदी कुवैत आदि देशों में, सभी सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को काम पर शारीरिक रूप से उपस्थित होने के लिए टीका लगाया जाना चाहिए, जबकि कोई भी सरकारी भवनों और स्कूलों में प्रवेश करना चाहता है, या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना चाहता है या राज्य से बाहर यात्रा करना चाहता है, उसे दोहरी खुराक प्राप्त होने का प्रमाण दिखाना होगा.

    दूसरे राज्य भी उठा सकते हैं कदम
    विशेषज्ञों की मानें तो हो सकता है कि आने वाले समय में पुडुचेरी की तरह दूसरे राज्य भी जल्द ही ऐसा कदम उठा सकते हैं क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन पहले ही कह चुका है कि कोविड संक्रमण से बचाने के लिए दिए जाने वाले मौजूदा टीके अभी भी गंभीर बीमारी से बचाव करने में सक्षम हैं. अगर किसी ने वैक्सीनेशन कराया हुआ तो इस बात की बहुत ज्यादा उम्मीद है कि अगर वह नए वेरिएंट के संक्रमण में आता है तो भी वह वायरस से लड़ने में सक्षम होगा.

    किन भारतीय राज्यों और जिलों ने टीकाकरण पर नए नियमों की घोषणा की है?
    भारत में पाए गए कोविड के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के मामले बढ़ने के बाद अब राज्य सरकारे अपने अपने हिसाब से नियम लागू कर रही हैं ताकि संक्रमण को रोका जा सके और पात्र आबादी को जल्द से वैक्सीन की दोनो डोज दी जा सके. तमिलनाडु के मदुरै ने घोषणा की कि अगले सप्ताह से बिना टीकाकरण वाले लोगों को मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और अन्य सार्वजनिक स्थानों में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. कर्नाटक ने सार्वजनिक स्थानों पर प्रवेश के लिए दो खुराक वाले टीकाकरण को अनिवार्य कर दिया है. कोरोना की सबसे ज्यादा मार झेलने वाले महाराष्ट्र में भी प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं. औरंगाबाद में जिन नागरिकों को वैक्सीन की एक भी खुराक नहीं मिली है, उन्हें पेट्रोल, गैस या राशन नहीं मिलेगा.

    Tags: Covid Vaccination, Covid19 in India, Omicron variant

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