1 अप्रैल से 45 से ऊपर लोगों को टीका, 10 प्वाइंट्स में समझिए पूरी प्रक्रिया

बढ़ते कोरोना मामलों के मद्देनजर फिर वैक्सीनेशन नियमों में बदलाव किया गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

बढ़ते कोरोना मामलों के मद्देनजर फिर वैक्सीनेशन नियमों में बदलाव किया गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

एक अप्रैल से 45 की उम्र से ऊपर के सभी व्यक्ति वैक्सीनेशन (Covid Vaccination) करवा सकेंगे. इससे पहले तक तक 45 से अधिक उम्र के उन्हीं लोगों की टीकाकरण किया जा रहा था जिन्हें पहले से कोई बीमारी (co-morbid conditions) हो.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 23, 2021, 7:37 PM IST
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नई दिल्ली. देश में कोरोना मामलों (Covid Cases) की तेजी से बढ़ती संख्या के मद्देनजर सरकार ने एक बार फिर वैक्सीनेशन के नियमों (Vaccination Rules) में बदलाव किए हैं. अब एक अप्रैल से 45 की उम्र से ऊपर के सभी व्यक्ति वैक्सीनेशन करवा सकेंगे. इससे पहले तक तक 45 से अधिक उम्र के उन्हीं लोगों की टीकाकरण किया जा रहा था जिन्हें पहले से कोई बीमारी (co-morbid conditions) हो.

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केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस बात की घोषणा की है. उन्होंने कहा है कि देश में टीका की भरपूर मात्रा उपलब्ध है. कोरोना वैक्सीन की कोई कमी नहीं है. बता दें कि अब तक 45 से 60 साल के बीच सिर्फ गंभीर बीमारियों वाले लोगों को ही वैक्सीन दी जा रही थी.
कई राज्यों में कोरोना की तेज रफ्तार को देखते हुए अब 45 से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीनेशन प्रक्रिया में शामिल कर लिया गया है. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इसके लिए लोगों से अपना रिजस्ट्रेशन करवाने की अपील भी की है.
देश में कोरोना वैक्सीनेशन कार्यक्रम की शुरुआत 16 जनवरी से हुई थी. भारत दुनिया का सबसे बड़ा कारोना वैक्सीनेशन कार्यक्रम चला रहा है. शुरुआत में सिर्फ हेल्थकेयर वर्कर्स को ही वैक्सीन दी जा रही थी. फिर 2 फरवरी से इसमें फ्रंटलाइन वर्कर्स को भी जोड़ा गया. 1 मार्च से जब अगले चरण की शुरुआत हुई तो इसमें 60 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों और 45 वर्ष से अधिक ऐसे लोगों को जोड़ा गया जिन्हें पहले से कोई बीमारी हो.
वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी है. पात्र व्यक्ति चरण-दर-चरण प्रक्रिया के माध्यम से अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से को-विन पोर्टल पर पंजीकरण कर सकेंगे. पहले को-विन एप्लिकेशन का उपयोग करें, या www.cowin.gov.in पर लॉग ऑन करें. अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें. अपना अकाउंट बनाने के लिए ओटीपी मिलेगी. ओटीपी दर्ज कर और 'वेरिफाइ' बटन पर क्लिक करें. इसके बाद आप वैक्सीनेशन के रजिस्ट्रेशन से जुड़े पेज पर रिडायरेक्ट हो जाएंगे. यहां आपको फोटो आईडी प्रूफ चुनना होगा. इसके साथ हीअपना नाम, उम्र, लिंग की जानकारी देकर और जो आईडी प्रूफ चुना है उसे अपलोड करें. आपसे पूछा जाएगा कि क्या आपके पास एक या उससे अधिक रोग से पीड़ित हैं? जिसका उत्तर केवल ‘हां’, ’नहीं’ पर क्लिक करके दिया जा सकता है. रजिस्ट्रेशन के लिए जानकारी दर्ज करने के बाद, 'रजिस्टर' बटन पर क्लिक करें.
सरकार ने सीधे कोविड सेंटर पर वैक्सीनेशन का विकल्प भी दिया हुआ है. अगर आप किसी कारणवश रजिस्ट्रेशन नहीं करवा पा रहे हैं तो आप किसी नजदीकी कोविड वैक्सीनेशन सेंटर पर जा सकते हैं. आप को साथ में कोई पहचान पत्र और उम्र प्रमाण पत्र दिखाना होगा.
वैक्सीनेशन के लिए दो तरह के विकल्प हैं. पहला सरकारी और दूसरा प्राइवेट. अगर आप किसी सरकारी अस्पताल में वैक्सीनेशन करवाएंगे तो ये फ्री होगा. अगर किसी प्राइवेट अस्पताल से वैक्सीनेशन करवाएंगे तो इसके लिए 250 रुपए फीस रखी गई है.
वैक्सीन चुनने का विकल्प नहीं मौजूद है. यानी कोई अपनी इच्छा से कोवैक्सीन या कोविशील्ड का डोज नहीं ले सकता. आपको वही वैक्सीन दी जाएगी जो वैक्सीन सेंटर के पास उपलब्ध होगी.
दोनों अनिवार्य डोज एक ही वैक्सीन के लेने हैं. यानी अगर पहला डोज कोवैक्सीन का लिया है तो दूसरा डोज भी कोवैक्सीन का ही लेना होगा. दोनों डोज अलग अलग कंपनियों की वैक्सीन के नहीं लिए जा सकते हैं.
सरकार ने अब ये भी घोषणा कर दी है कि कोविशील्ड वैक्सीन को दोनों डोज के बीच अंतराल अब 4-6 हफ्ते के बजाए 6-8 हफ्ते का होगा. सरकार का कहना है कि अगर 6-8 सप्ताह के बीच दूसरी डोज ली जाए तो वैक्सीन का प्रभाव ज्यादा होगा. हालांकि कोवैक्सीन के लिए दूसरे डोज का टाइम 28 दिन बाद ही रखा गया है.
पिछले 24 घंटे में 40 हजार 715 कोरोना संक्रमितों की पहचान हुई. बीते दिन 29 हजार 785 मरीज ठीक हुए. सोमवार को 199 लोगों को इस वायरस से जान गंवानी पड़ी है. 15 मार्च के बाद से कोरोना मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. बीते 24 घंटे में एक्टिव केस का आंकड़ा 10,676 बढ़ा. अभी 3 लाख 45 हजार 377 मरीजों का इलाज चल रहा है.
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में अब तक 1 करोड़ 16 लाख 86 हजार 796 लोग इस महामारी की चपेट में आ चुके हैं. इनमें से 1 करोड़ 11 लाख 81 हजार 253 मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि 1 लाख 60 हजार 166 लोगों ने जान गंवाई है. अब तक 4 करोड़ 84 लाख 94 हजार 594 लोगों को वैक्सीनेट किया जा चुका है.
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