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हमेशा रह सकती मास्क पहनने की जरूरत, वैक्सीन आने के बाद भी जारी रहेंगी कोरोना की सावधानियां: ICMR प्रमुख

आईसीएमआर प्रमुख ने कहा कि शायद मास्क पहनने की जरूरत कभी खत्म न हो. (सांकेतिक तस्वीर)
आईसीएमआर प्रमुख ने कहा कि शायद मास्क पहनने की जरूरत कभी खत्म न हो. (सांकेतिक तस्वीर)

Coronavirus in India: ICMR प्रमुख बलराम भार्गव ने एक वेबिनार में कहा कि वैक्सीन कोरोना वायरस से कुछ सुरक्षा देगी लेकिन मास्क या 'कपड़े का टीका' जारी रखना होगा. उन्होंने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) सहित सभी उपायों को जारी रखना होगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 29, 2020, 5:27 PM IST
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नई दिल्ली. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (Indian Council of Medical Research) के प्रमुख प्रोफेसर बलराम भार्गव (ICMR Chief Prof. Balram Bhargava) ने रविवार को कहा है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ लड़ाई से संबंधित स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां जारी रहेंगी, और लोगों को टीका उपलब्ध होने के बाद भी मास्क (Mask) पहने रहना होगा. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक भार्गव ने लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित एक वेबिनार में कहा, "वे [मास्क] भी कभी दूर नहीं जा सकते. वैक्सीन कोरोना वायरस से कुछ सुरक्षा देगी लेकिन मास्क या 'कपड़े का टीका' जारी रखना होगा. मुझे नहीं लगता कि हम सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) सहित इन उपायों को छोड़ सकते हैं."

आईसीएमआर प्रमुख ने कहा कि केंद्र का लक्ष्य अगले साल जुलाई तक 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन उपलब्ध कराने का है, उन्होंने कहा कि इस आधार पर ही भविष्य की कार्रवाई का फैसला किया जाएगा. भार्गव ने कहा, "भारत न केवल अपने लिए, बल्कि विकासशील देशों के 60% लोगों के लिए एक वैक्सीन विकसित करेगा." उन्होंने कहा, "चौबीस विनिर्माण इकाइयां और 19 फर्म कोविड -19 वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) विकसित करने में लगी रहेंगी."

आईसीएमआर प्रमुख ने कहा कि कोरोना वायरस को रखने के लिए कई स्वास्थ्य प्रोटोकॉल रखे गए थे, और वे लंबे समय तक बने रहेंगे. उन्होंने कहा कि महामारी के खिलाफ सोशल डिस्टेंसिंग के उपाय हमें आगे भी जारी रखने होंगे.



पीएम मोदी ने की थी वैक्सीन के प्रयासों की समीक्षा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शनिवार शाम को कोरोना वायरस के खिलाफ टीके विकसित करने के लिए कंपनी के प्रयासों की समीक्षा करने के लिए पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया का दौरा किया. सीरम इंस्टीट्यूट ने भारत में एक वैक्सीन का उत्पादन करने के लिए ब्रिटिश-स्वीडिश दवा कंपनी एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के साथ समझौता किया है. टीके को कई विकासशील देशों के लिए एक सबसे अच्छी उम्मीद की पेशकश के रूप में देखा जाता है क्योंकि इसकी सस्ती कीमत और सामान्य तापमान पर ले जाने और संग्रहित करने की क्षमता है.

बता दें भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़कर करीब 94 लाख हो गए हैं, जिनमें से 88 लाख से अधिक लोग संक्रमणमुक्त हो चुके हैं. इसके साथ ही लोगों के स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर और सुधरकर 93.71 प्रतिशत हो गई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के रविवार सुबह आठ बजे जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना वायरस संक्रमण के 41,810 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमित लोगों की कुल संख्या बढ़कर 93,92,919 हो गई है तथा 496 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,36,696 हो गई है.
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