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तेलंगाना सरकार ने किया Hydroxychloroquine पर रिसर्च, स्वास्थ्य कर्मियों के लिए है बड़ी खबर

News18Hindi
Updated: May 20, 2020, 2:22 PM IST
तेलंगाना सरकार ने किया Hydroxychloroquine पर रिसर्च, स्वास्थ्य कर्मियों के लिए है बड़ी खबर
AP Photo/Channi Anand)

तेलंगाना (Telangana) के सिकंदराबाद (Sikandarabad) में गांधी मेडिकल कॉलेज में सामुदायिक चिकित्सा प्रमुख डॉ. विमला थॉमस द्वारा किए गए तेलंगाना सरकार के अध्ययन के लिए 694 स्वास्थ्य कर्मियों के सैंपल्स का एक सेट चुना गया था.

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नई दिल्ली. तेलंगाना सरकार द्वारा तैयार की गई एक अंतरिम रिपोर्ट में राज्य में चिकित्साकर्मियों को COVID-19 के संक्रमण से बचाने के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (Hydroxychloroquine) या HCQ के उपयोग के आशाजनक परिणाम मिले हैं. तेलंगाना सरकार के अध्ययन में 70 प्रतिशत से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों को, जिन्हें कोविड -19 संक्रमण से बचाव के लिए परीक्षण के आधार पर मलेरिया की दवा दी गई थी. उनमें वो लक्षण नहीं पाए गए जो SARS-Cov-2 (Covid-19) से जुड़े थे. 394 (73.9 प्रतिशत) हेल्थकेयर वर्कर जो संभवत: कोविड -19 रोगियों के साथ संपर्क में थे हैं उनमें एचसीक्यू के सेवन के बाद कोई लक्षण नहीं आए और कोरोना वायरस के लिए इम्यूनिटी मजबूत हुई. इसके अलावा इन 394 फ्रंटलाइन हेल्थ केयर वर्कर्स में से 71% का अलग-अलग समय पर कोविड टेस्ट किया गया और सभी नेगेटिव पाए गए.

तेलंगाना के सिकंदराबाद में गांधी मेडिकल कॉलेज में सामुदायिक चिकित्सा प्रमुख डॉ. विमला थॉमस द्वारा किए गए तेलंगाना सरकार के अध्ययन के लिए 694 स्वास्थ्य कर्मियों के सैंपल्स का एक सेट चुना गया था. अध्ययन के दो उद्देश्य थे - इस नमूने के प्रतिशत पर एचसीक्यू का असर और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) की क्षमता को जांचना की वह स्वास्थ्यकर्मियों को संक्रमित होने से कितना रोकता है.

हेल्थ केयर वर्कर्स पर प्रोफिलैक्सिस के रूप में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के अध्ययन में, 694 के मूल अध्ययन नमूने में से 533 को दवा दी गई और प्रारंभिक लोडिंग खुराक के बाद एचसीक्यू के लगातार उपयोग के 7 सप्ताह तक अध्ययन किया गया. हालांकि कुछ ऐसे मामले भी थे, जहां इस सैंपल्स के सेट में कुछ डॉक्टरों और नर्सों ने एचसीक्यू (गिडनेस, मतली, सिरदर्द, गैस्ट्राइटिस) के साइड इफेक्ट्स की शुरुआत के कारण या तो अपनी खुराक छोड़ दिया था या वे सही समय पर आवश्यक खुराक लेना भूल गए थे. एचसीक्यू टेस्टिंग के लिए चुने गए 533 स्वास्थ्य कर्मचारियों में से 93 ने इसके बारे में बताया.



स्वास्थ्य कर्मियों के रैंडम टेस्टिंग पर विस्तार से बताया



रिपोर्ट में कहा गया है - '533 स्वास्थ्य कर्मियों में से जिन्होंने एचसीक्यू प्रोफिलैक्सिस लिया है, 394 (73.9 प्रतिशत) का एक पॉजिटिव के (उपचार में शामिल) साथ संपर्क हुआ है और सभी किसी भी संदिग्ध या पुष्टि मामले के संपर्क में होने पर व्यक्तिगत सुरक्षा गियर का उपयोग कर रहे थे. इनमें से किसी में बुखार, गले में खराश और खांसी जैसे कोविड 19 के कोई लक्षण नहीं दिखे.'

अध्ययन ने एचसीक्यू पर स्वास्थ्य कर्मियों के रैंडम टेस्टिंग पर विस्तार से बताया, '394 स्वास्थ्य कर्मियों में से जो Covid-19 रोगियों के उपचार में शामिल थे, 73 जिन्हें रैंडमली टेस्ट किया गया था (अस्पताल में 71 और फील्ड में 2), इनमें से कोई भी पॉजिटिव नहीं आया. उनमें से अधिकांश ने नियमित आधार पर एचसीक्यू प्रोफिलैक्सिस का सेवन किया था. हालांकि वे कुछ खुराक नहीं खा पाए लेकिन आगे ध्यान से खायी.'

हालांकि कहा गया है कि इसको अभी भी एक अंतरिम रिपोर्ट के रूप में माना जाना चाहिए और इससे कोई निश्चित निष्कर्ष ना निकाला जाए क्योंकि ऐसे उदाहरण थे जहां एचसीक्यू का कोर्स पूरा करने में कुछ स्वास्थकर्मियों चूक गए. रिपोर्ट में कहा गया है, 'एक बार प्रोफिलैक्सिस की पूरी खुराक अवधि समाप्त हो जाने के बाद, स्वास्थ्य समूह के एक उप समूह को एचसीक्यू प्रोफिलैक्सिस के असर का पता लगाने के लिए उनके COVID19 का परीक्षण किया जाएगा.'

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First published: May 20, 2020, 1:47 PM IST
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