कोविड-19: दिल्ली में लगातार घट रही ICU बेड्स की संख्या, जानें किस अस्पताल में खाली हैं कितने बेड्स

दिल्ली के ज्यादातर निजी अस्पतालों में वेंटीलेटर वाले ICU बेड भर गए हैं.
दिल्ली के ज्यादातर निजी अस्पतालों में वेंटीलेटर वाले ICU बेड भर गए हैं.

Delhi Coronavirus Cases: दिल्ली में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस के मामलों के चलते राजधानी में लगातार आईसीयू बेड्स की कमी होती जा रही है. जानिए अभी कौन से अस्पताल में कितने बेड्स खाली हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 22, 2020, 4:09 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) में कोरोना वायरस के मामलों (Coronavirus Cases) में उछाल के बीच अस्पतालों में ICU बेड्स की कमी होने लगी है. हालांकि कुल मिलाकर वेंटिलेटर वाले ICU बेड अभी भी उपलब्ध हैं लेकिन बड़े अस्पतालों के ज्यादातर ICU बेड भर चुके हैं. कई अस्पातल तो ऐसे हैं जिनमें वेंटीलेटर वाला एक भी ICU बेड नहीं बचा है. अगर यही हाल रहा तो जल्द ही ICU बेडों की तंगी हो सकती है. दिल्ली में वेंटिलेटर वाले कुल 480 बेड्स खाली हैं. प्राप्त जानकारी के मुताबिक ज्यादातर निजी अस्पतालों में वेंटीलेटर वाले ICU बेड भर गए हैं.

दिल्ली में VIMHANS, बत्रा अस्पताल, मैक्स अस्पताल (शालीमार बाग), महाराज अग्रसेन अस्पताल, अपोलो इंद्रप्रस्थ, फोर्टिस अस्पताल, वसंत कुंज, फोर्टिस शालीमार बाग, फोर्टिस हार्ट इंस्टीट्यूट, मूलचंद खैरातीराम अस्पताल, मैक्स अस्पताल (पटपड़गंज), मैक्स सुपर-स्पेशिलटी अस्पताल, नेशनल हार्ट इंस्टीट्यू ,दिल्ली लंग एंड हार्ट इंस्टीट्यूट COVID-19 ICU बेड खाली नहीं हैं. कई अस्पतालों में खबर लिखे जाने तक पांच से भी कम आईसीयू बेड खाली हैं. AIIMS में 2 बेड, सफदरजंग अस्पताल में 4 बेड, सर गंगा राम अस्पताल में 4 बेड, मैक्स स्मार्ट, साकेत में 3 बेड, जबकि राम मनोहर लोहिया में 3 बेड खाली हैं वहीं अभी लोकनायक अस्पताल में 62 बेड, राजीव गांधी सुपर-स्पेशिलिटी अस्पताल में 146 बेड, गुरू तेग बहादुर अस्पताल में 25 बेड और लेडी हार्डिंग में 12 बेड्स खाली हैं.

ये भी पढ़ें- हरिद्वार की अस्थाई जेल से भाग निकले 8 कैदी, अब खाक छान रही पुलिस, देखें Photos



स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक 30 प्रतिशत मरीज दूसरे राज्यों के
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने सोमवार को कहा था कि शहर के अस्पतालों में भर्ती कोविड​​-19 के 30 फीसदी मरीज दूसरे राज्यों के हैं और उनमें से ज्यादातर निजी अस्पतालों के आईसीयू में हैं. उन्होंने कहा कि रोगियों की संख्या में वृद्धि के बीच, दिल्ली सरकार ने राज्य के बाहर से आए मरीजों की मौत का आंकड़ा अलग से इकट्ठा करने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में देश में सबसे कम मृत्यु दर है. पिछले 10 दिनों के आंकड़ों के आधार पर, दिल्ली में मृत्यु दर 0.77 प्रतिशत है.

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि दिल्ली के अस्पतालों में भर्ती होने वाले लगभग 30 फीसदी कोविड​​-19 मरीज महानगर से बाहर के हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘बाहर से आने वाले लोग निजी अस्पतालों को प्राथमिकता देते हैं. वे पहले से ही अपना मन बना लेते हैं और सीधे इन चार-पांच अस्पतालों में जाते हैं, जिनके बारे में उन्होंने सुना होता है... जैसे कि मैक्स, अपोलो और फोर्टिस इत्यादि. यही वजह है कि उन अस्पतालों में आईसीयू के बिस्तर भरे हुए हैं. (भाषा के इनपुट सहित)
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज