कोरोना वायरस : गोवा में 9 मई से 23 मई तक कर्फ्यू, सिर्फ इन सेवाओं को मिलेगी छूट

कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते गोवा में कर्फ्यू का ऐलान किया गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते गोवा में कर्फ्यू का ऐलान किया गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

Goa Coronavirus Cases: गोवा में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने 9 मई से 23 मई तक कर्फ्यू लगाने का ऐलान किया है.

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पणजी. कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते मामलों के मद्देनजर गोवा में 9 मई से 23 मई तक कर्फ्यू (Corona Curfew) की घोषणा कर दी गई है. राज्य के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शुक्रवार को इसकी घोषणा करते हुए कहा कि कर्फ्यू के दौरान मेडिकल सप्लाई चालू रहेंगी. इसके अलावा घरेलू सामान की दुकानें सुबह 7 बजे से 1 बजे तक खुलेंगी. इसके अलावा रेस्त्रां सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक टेकअवे ऑर्डर्स ले सकेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में जल्द ही विस्तृत आदेश जारी किया जाएगा.

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि राज्य में पॉजिटिविटी रेट और मृत्यु दर में इजाफा हो रहा है. उन्होंने बताया कि गोवा में ऑक्सीजन और दवाओं की कोई कमी नहीं है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शनिवार शाम 4 बजे राज्य स्तरीय कर्फ्यू से संबंधित विस्तृत आदेश जारी किये जाएंगे.

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गोवा में सरकारी स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत है कोविड-19 का इलाज
इससे पहले गोवा सरकार ने गुरुवार को कोविड-19 के इलाज को अपनी प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना में शामिल कर लिया है जिसके अंतर्गत प्रदेश की संपूर्ण जनता आती है.

गोवा के अतिरिक्त सचिव (स्वास्थ्य) विकास गौनेकर के मुताबिक सरकार की इस पहल से लोग निजी अस्पताल में कोविड-19 का इलाज कराने के दौरान दीन दयाल स्वास्थ्य सेवा योजना (डीडीएसएसवाई) के अंतर्गत आने वाली सभी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं.

राज्य के सरकारी अस्पतालों में कोविड-19 के मरीजों का निशुल्क इलाज किया जाता है.



कोरोना के मरीज अस्पताल में भर्ती होने की तारीख से अधिकतम 10 दिनों तक इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं. यह योजना आईसीयू की सुविधा वाले उन अस्पतालों पर भी लागू होगी जोकि डीडीएसएसवाई योजना की सूची में हैं.

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सरकारी घोषणा के मुताबिक इस योजना के अंतर्गत अस्पताल में भर्ती, चिकित्सा परामर्श, नर्सिंग, बिस्तर, भोजन, पीपीई किट, एक्स-रे, ईसीजी और कार्डियक मॉनिटर से संबंधित सभी शुल्क योजना के पैकेज में शामिल किए जाएंगे.


इस योजना के तहत परिवार के सदस्यों की संख्या के आधार पर ढाई लाख से चार लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा दिया जाएगा.

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