क्या है CoWIN APP जिसकी मदद से आपको लगेगा टीका? जानिए इसके बारे में सब कुछ

सरकार ने फर्जी Co-WIN को डाउनलोड और जानकारी शेयर से करने से किया मना

सरकार ने फर्जी Co-WIN को डाउनलोड और जानकारी शेयर से करने से किया मना

CoWIN APP: कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए सरकार ने आरोग्य सेतु ऐप (Arogya Setu App) का सहारा लिया था. इसके बाद अब सरकार वैक्सिनेशन के लिए भी ऐप का इस्तेमाल करने जा रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 15, 2021, 5:13 PM IST
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नई दिल्ली. CoWIN ऐप यानि कोविड वैक्सीन इंटेलीजेंस नेटवर्क (Covid Vaccine Intelligence Network). यह वो डिजिटल हथियार है, जिसकी दम पर भारत (India) सरकार देश में सबसे बड़े वैक्सीन प्रोग्राम को सफल बनाने के लिए इस्तेमाल करने जा रही है. माना जा रहा है कि शनिवार से शुरू होने जा रहे वैक्सीन प्रोग्राम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) इस ऐप को भी लॉन्च करेंगे. इस ऐप के जरिए ही सरकार ने वैक्सीन से जुड़े आंकड़ों पर निगरानी रखने का प्लान बनाया है.

कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए सरकार ने आरोग्य सेतु ऐप का सहारा लिया था. इसके बाद अब सरकार वैक्सिनेशन के लिए भी ऐप का इस्तेमाल करने जा रही है. ट्रांसपोर्ट, कोल्ड स्टोरेज और अस्पताल की व्यवस्थाओं के बाद सरकार ने कोविन ऐप तैयार किया है. इस ऐप के जरिए टीका लगवाने वाले लोगों का हिसाब-किताब रखा जाएगा. 16 जनवरी से शुरू हो रही वैक्सीन ड्राइव में पहले दिन 3 लाख स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया जाएगा.

क्या सभी के लिए उपलब्ध है कोविन ऐप?

इसका जवाब फिलहाल न है. कोविन ऐप को अभी आम जनता के इस्तेमाल के लिए जारी नहीं किया गया है. अगर आप किसी तरह इसे ऐप स्टोर से डाउनलोड कर भी लेते हैं, तो यह काम नहीं करेगा. इस ऐप का इस्तेमाल अभी केवल स्वास्थ्य अधिकारी ही कर पा रहे हैं. वहीं, पहले चरण में वैक्सीन लेने वाले लोगों का डेटा पहले ही इसमें फीड कर दिया गया है.
कोविन ऐप कब उपलब्ध होगी और इस पर कैसे रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं?

मीडिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कोविन ऐप आम जनता के लिए इस साल मार्च के अंत तक उपलब्ध हो सकती है. इसके बाद यूजर्स इसमें अपना रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे. अब सवाल उठता है कि इस ऐप के जरिए आप खुद को वैक्सीन लगवाने के लिए कैसे रजिस्टर करेंगे.

पहले चरण में आपको कोविन ऐप पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा. इसके बाद आपको स्थान और तारीख के साथ एक मैसेज प्राप्त होगा. इस मैसेज को आपको वैक्सीन सेंटर पर ले जाकर दिखाना होगा. यहां आपकी आईडी की जांच होगी और ओटीपी के जरिए कोविन ऐप पर वेरिफिकेशन होगा. इस पूरी प्रक्रिया के बाद आपको टीका लगाया जाएगा और डेटा अपलोड होगा. इसके बाद सेकेंड डोज कब दिया जाना है, इसके संबंध में मैसेज मिलेगा और आपको सेंटर पर आधा घंटे तक साइड इफेक्ट की जांच के लिए रुकना होगा.



इस ऐप पर रजिस्टर करने के लिए व्यक्ति को फोटो आईडी की जरूरत पड़ेगी. इसके लिए आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पेन कार्ड और दूसरी आईडी का इस्तेमाल किया जा सकता है.

अब इस ऐप के बारे में जानते हैं

इस ऐप के दो हिस्से हैं. पहले हिस्से का इस्तेमाल लाभार्थी करेगा. जबकि, दूसरा हिस्सा बैक एंड मॉड्यूल होगा, जिसका उपयोग टीका लगाने वाले करेंगे. जैसे ही यह ऐप सभी के लिए उपलब्ध होगी, तो इसमें चार मॉड्यूल नजर आएंगे- यूजर एडमिनिस्ट्रेटर, बेनेफीशियरी रजिस्ट्रेशन, वैक्सिनेशन एंड बेनेफीशियरी एकनॉलेजमेंट और स्टेटस अपडेशन.

क्या हैं ये चार मॉड्यूल?

बैक एंड मॉड्यूल: फिलहाल यह ऐप का सबसे जरूरी हिस्सा है. यह तापमान देख सकता है और रियल टाइम जानकारी को सेंट्रल सर्वर पर भेज सकता है. प्रोग्राम को मैनेज कर रहे लोगों को डैशबोर्ड पर जानकारी मिलेगी कि ब्लॉक स्तर पर कोल्ड चेन पॉइंट्स पर क्या हो रहा है. कोल्ड चेन पॉइंट्स को अलर्ट किया जा सकेगा और किसी भी तरह की समस्या होने पर जानकारी मिल सकेगी.

एडमिनिस्ट्रेटर मॉड्यूल: कोविन ऐप लाभार्थी के वैक्सीन सत्र की निगरानी, रणनीति बनाने और संभालने में मदद करेगी. बेनेफीशियरी मैनेजमेंच प्लेटफॉर्म के साथ एक एडमिनिस्ट्रेटर मॉड्यूल होगा. इसके जरिए एक वैक्सीन सत्र को जानकारी के साथ तैयार किया जा सकेगा. इसमें कई चीजें शामिल हैं, जैसे- एक दिन में, एक ब्लॉक पर, एक समय में कितने लोगों को वैक्सीन लगाई जा सकती है और टीका लगाने वाला कौन होगा.

रजिस्ट्रेशन मॉड्यूल: यहां एक व्यक्ति कोविन ऐप पर खुद को मुफ्त में रजिस्टर कर सकता है. इसका इस्तेमाल वैक्सीन डेटा को रिकॉर्ड करने में भी किया जाएगा. इसके अलावा व्यक्ति सर्विस सेंटर पर जाकर भी खुद को रजिस्टर करा सकता है. वहीं, मैनेजर भी बड़ी मात्रा में डेटा अपलोड कर सकते हैं. इसके जरिए वैक्सीन की डिटेल को वैरिफाई किया जा सकता और यह भी पता चलेगा कि दूसरा डोज कब दिया जाना है.

वहीं, बेनेफीशियरी एकनॉलेजमेंट में व्यक्ति को वैक्सीन लगने के बाद क्यूआर कोड के साथ एक प्रमाण पत्र दिया जाएगा. वहीं, पहले से तय सत्र और जारी सत्र की निगरानी भी रखी जा सकेगी.
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