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CoWIN प्लेटफॉर्म कोविड-19 टीकाकरण अभियान का आधार बनेगा, 16 जनवरी से होगी शुरुआत

देश में 16 जनवरी से टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत हो रही है. (फोटोः AP)
देश में 16 जनवरी से टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत हो रही है. (फोटोः AP)

बैठक की अध्यक्षता कोविड-19 (Covid-19) का मुकाबला करने के लिए प्रौद्योगिकी एवं डेटा प्रबंधन पर उच्चाधिकार समूह के अध्यक्ष एवं कोविड-19 टीके (Covid-19 Vaccination) से संबंधित राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह के सदस्य राम सेवक शर्मा ने की थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 10, 2021, 7:29 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्र ने रविवार को कहा कि कोविड-19 टीके (Covid-19 Vaccination) की आपूर्ति की निगरानी के लिए एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को-विन (Co-WIN) कोरोना वायरस टीकाकरण अभियान (Coronavirus Vaccination) का आधार होगा और यह नागरिक केंद्रित होगा. भारत अपना टीकाकरण अभियान 16 जनवरी को शुरू करेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम (Vaccination Programme) बताया है, जिसके तहत प्राथमिकता करीब तीन करोड़ स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों एवं अग्रिम मोर्चे पर कार्यरत कर्मियों को दी जाएगी.

कोविड-19 टीकाकरण की देश में शुरुआत की तैयारी के तहत स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस की, जिसमें Co-WIN सॉफ्टवेयर के बारे में टीके के पूर्वाभ्यास के दौरान इसके उपयोग के जरिये एकत्रित जानकारी पर चर्चा की गई. बैठक की अध्यक्षता कोविड-19 का मुकाबला करने के लिए प्रौद्योगिकी एवं डेटा प्रबंधन पर उच्चाधिकार समूह के अध्यक्ष एवं कोविड-19 टीके से संबंधित राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह के सदस्य राम सेवक शर्मा ने की थी.

उन्होंने को-विन (Co-WIN) सॉफ्टवेयर और टीकाकरण अभ्यास के लिए प्रौद्योगिकी बैकअप के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि मजबूत, भरोसेमंद तकनीक देश के कोविड-19 टीकाकरण अभियान के लिए आधार और बैक-अप दोनों का निर्माण करेगी. एक बयान में शर्मा के हवाले से कहा गया, ‘‘यह प्रक्रिया नागरिक केंद्रित होनी चाहिए और इस दृष्टिकोण से निर्मित होनी चाहिए कि टीका कभी भी और कहीं भी उपलब्ध हो.’’



उन्होंने गुणवत्ता से समझौता किए बिना लचीलेपन की आवश्यकता पर जोर दिया. शर्मा ने टीकाकरण संबंधी डेटा वास्तविक समय में हासिल करने के महत्व को रेखांकित किया. उन्होंने यह भी कहा कि टीकाकरण अभियान के लाभार्थियों को विशिष्ट रूप से पहचाना जाए. शर्मा ने आधार प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर राज्यों को सलाह दी कि वे लाभार्थियों से आग्रह करें कि वे पंजीकरण के लिए अपने वर्तमान मोबाइल नंबर को आधार के साथ जोड़ें जिससे बाद के संचार के लिए एसएमएस में सुविधा हो.

सरकार की ओर से एक बयान में कहा गया है कि स्वास्थ्य सेवा और अग्रिम मोर्चे पर कार्यरत कर्मियों के टीकाकरण के बाद, 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और अन्य बीमारियों से पीड़ित 50 से कम आयु समूहों को प्राथमिकता दी जाएगी.
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