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CPEC पर विवाद, चीन ने पाकिस्तान को 116 एकड़ जमीन खाली करने के दिए निर्देश

बीजिंग और इस्लामाबाद के बीच हस्ताक्षर किए गए ग्वादर पोर्ट समझौते के तहत, जमीन चीन की कंपनियों को पट्टे पर दी गई थी (File Photo)

बीजिंग और इस्लामाबाद के बीच हस्ताक्षर किए गए ग्वादर पोर्ट समझौते के तहत, जमीन चीन की कंपनियों को पट्टे पर दी गई थी (File Photo)

CPEC Project: CPEC पर बढ़ते भूमि विवाद के बीच, कैबिनेट समिति को बताया गया कि पकिस्तान कोस्ट गार्ड प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देशों की "धज्जियां उड़ा रहा था" और भूमि को खाली नहीं कर रहा था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 25, 2021, 12:03 AM IST
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नई दिल्ली. चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) पर बढ़ते विवाद के बीच, CPEC की कैबिनेट कमेटी ने संबंधित मंत्रालयों को 116 एकड़ प्रमुख ग्वादर भूमि को खाली करने का निर्देश दिया है, जो पाकिस्तान की कानून एजेंसियों के कब्जे में थी. द एक्सप्रेस ट्रिब्यून में प्रकाशित किए गए आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, भूमि को खाली करवाने में देरी के चलते दो परियोजनाओं पर काम धीमा हो दिया है जो ग्वादर पोर्ट के पूर्ण कामकाज के लिए बहुत महत्वपूर्ण थीं और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर काम में बाधा डाल रही थीं.

पाकिस्तानी दैनिक की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि बीजिंग और इस्लामाबाद के बीच हस्ताक्षर किए गए ग्वादर पोर्ट समझौते के तहत, जमीन चीन की कंपनियों को पट्टे पर दी गई थी. CPEC समिति ने कहा कि देश के रक्षा मंत्रालय को पाकिस्तान नेवी और पाकिस्तान कोस्ट गार्ड्स (PCG) को निर्देश जारी करने चाहिए. CPEC पर बढ़ते भूमि विवाद के बीच, कैबिनेट समिति को बताया गया कि पीसीजी प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देशों की "धज्जियां उड़ा रहा था" और भूमि को खाली नहीं कर रहा था.

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"द एक्सप्रेस ट्रिब्यून" ने बताया, "समुद्री मामलों के मंत्रालय की अनुमति के बिना पाकिस्तान तट रक्षकों द्वारा कब्जा किए गए ग्वादर मुक्त क्षेत्र की 25 एकड़ जमीन पर अवैध निर्माण हो रहा है." इसके मुताबिक, "ग्वादर फ्री ज़ोन, पोर्ट ऑपरेशंस और ईस्टबाय एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए 25 एकड़ जमीन चीनी रियायत धारकों को पट्टे पर दी गई है."
ये रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब एक हफ्ते पहले ही CPEC परियोजनाओं पर सीनेट की विशेष समिति ने कहा था कि बीजिंग ने CPEC पहल के तहत किसी भी बुनियादी ढांचा परियोजना के लिए फंडिग नहीं की है.

पाकिस्तान में अपने प्रभाव को बढ़ाने के लिए चीन ने लगाई है ये परियोजना
पाकिस्तान एक्सप्रेस ने योजना मंत्रालय में ट्रांसपोर्ट प्लानिंग के प्रमुख सीनेटर सिकंदर मंदरू के हवाले से लिखा कि CPEC फंडिंग की अनुपस्थिति के कारण, खुजदार-बसीमा परियोजना सहित कुछ परियोजनाओं को संघीय विकास निधि से बाहर किया जा रहा था.

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2015 में, चीन ने पाकिस्तान में 46 बिलियन अमरीकी डॉलर मूल्य की आर्थिक परियोजना की घोषणा की. CPEC के साथ, बीजिंग का उद्देश्य संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के प्रभाव का मुकाबला करने के लिए पाकिस्तान और मध्य और दक्षिण एशिया में अपने प्रभाव का विस्तार करना है.

CPEC पाकिस्तान के दक्षिणी ग्वादर बंदरगाह (626 किलोमीटर, कराची से 389 मील पश्चिम) को अरब सागर में चीन के पश्चिमी शिनजियांग क्षेत्र से जोड़ता है. इसमें चीन और मध्य पूर्व के बीच संपर्क को बेहतर बनाने के लिए सड़क, रेल और तेल पाइपलाइन लिंक बनाने की योजना भी शामिल है.
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