लाइव टीवी

दिग्गज CPI नेता गुरुदास दासगुप्ता का 82 वर्ष की उम्र में निधन

भाषा
Updated: October 31, 2019, 3:05 PM IST
दिग्गज CPI नेता गुरुदास दासगुप्ता का 82 वर्ष की उम्र में निधन
CPI नेता गुरुदास दासगुप्ता का हुआ देहांत

3 बार राज्यसभा सांसद, 2 बार लोकसभा सांसद रहे CPI नेता गुरुदास दासगुप्ता ( Gurudas Dasgupta) का गुरुवार को देहांत हो गया. दासगुप्ता पिछले कुछ महीने से फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित थे.

  • Share this:
कोलकाता. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (Communist Party of India) के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद गुरुदास दासगुप्ता (Gurudas Dasgupta) का गुरुवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. दासगुप्ता 83 वर्ष के थे. पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी दी. उनके परिवार में पत्नी और बेटी हैं. दासगुप्ता पिछले कुछ महीने से फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित थे. पश्चिम बंगाल में भाकपा के सचिव स्वपन बनर्जी ने यह जानकारी दी.

बनर्जी ने कहा कि कोलकाता (Kolkata) स्थित अपने निवास पर सुबह छह बजे दासगुप्ता का निधन हो गया. वे पिछले कुछ समय से फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित थे. खराब स्वास्थ्य के कारण उन्होंने पार्टी के सभी पद छोड़ दिए थे लेकिन वे भाकपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद के सदस्य थे.

दासगुप्ता को 1985 में राज्य सभा के लिए चुना गया था. वे 2004 में पांसकुड़ा और 2009 में घाटल सीट से लोकसभा सदस्य थे. दासगुप्ता का राजनीति में पदार्पण पचास व साठ के दशक में एक छात्र नेता के रूप में हुआ था. सन 1964 में भाकपा से टूट कर भाकपा (मार्क्सवादी) बनने के बाद दासगुप्ता ने भाकपा में ही रहने का फैसला किया था.

दासगुप्ता के निधन पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, भाकपा के नेता गुरुदास दासगुप्ता जी के निधन पर दुखी हूं. उन्हें एक सांसद के रूप में राष्ट्र को दिए योगदान और ट्रेड यूनियन के नेता के रूप में याद किया जाएगा. उनके परिवार, मित्रों और साथियों के प्रति संवेदना प्रकट करती हूँ. खराब स्वास्थ्य की वजह से उन्होंने 2014 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था.

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जाने माने वामपंथी नेता गुरुदास दासगुप्ता के निधन पर शोक जताया. प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद में वह एक मुखर वक्ता थे. अपने शोक संदेश में नायडू ने कहा कि दासगुप्ता संसद के एक सक्षम सदस्य और जाने माने ट्रेड यूनियन नेता थे. उपराष्ट्रपति ने कहा कि उनके शोकसंतप्त परिवारों, मित्रों एवं शुभचिंतकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाकपा नेता बेहद प्रतिबद्ध नेताओं में शुमार थे और अपनी विचारधारा के स्पष्ट समर्थक थे. उन्होंने ट्वीट किया, संसद में वह एक मुखर वक्ता थे, जिनके विचारों को समूचे राजनीतिक परिदृश्य में बड़ी गंभीरता से सुना जाता था.

ये भी पढ़ें : केंद्र सरकार के खिलाफ धरना देगी कमलनाथ सरकार

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 31, 2019, 8:40 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...