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अमेरिका ने जारी की रिपोर्ट, सीपीआई-माओवादी को बताया दुनिया का छठा सबसे घातक आतंकी संगठन

News18Hindi
Updated: November 6, 2019, 7:41 PM IST
अमेरिका ने जारी की रिपोर्ट, सीपीआई-माओवादी को बताया दुनिया का छठा सबसे घातक आतंकी संगठन
अमेरिकी विदेश मंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सीपीआई (माओवादी) ने पिछले साल भारत में 177 हमलों को अंजाम दिया, जिनमें 311 लोगों की मौत हुई.

अमेरिका के विदेश मंत्रालय (US State Department) की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक अफगानिस्‍तान (Afghanistan), सीरिया (Syria) और ईराक (Iraq) के बाद भारत (India) चौथा ऐसा देश है, जहां सबसे ज्‍यादा आतंकी हमले (Terrorist Attacks) होते हैं. इसमें कहा गया है कि इंटेलीजेंस (Intelligence) की कमजोरी और सूचनाओं के आदान-प्रदान में कमी के कारण भारत में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में मुश्किलें आती हैं.

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  • Last Updated: November 6, 2019, 7:41 PM IST
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नई दिल्‍ली. अमेरिका के विदेश मंत्रालय (US State Department) की ओर से जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कम्‍युनिस्‍ट पार्टी ऑफ इंडिया-माओवादी (CPI-Maoist) दुनिया का छठा सबसे घातक आतंकी संगठन (Terror outfit) है. वहीं, रिपोर्ट में कहा गया है कि अफगानिस्‍तान (Afghanistan), सीरिया (Syria) और ईराक (Iraq) के बाद भारत (India) सबसे ज्‍यादा आतंकी हमले झेलने वाला दुनिया का चौथा देश है. पिछले साल इनमें 57 फीसदी आतंकी हमले सिर्फ जम्‍मू-कश्‍मीर (Jammu-kashmir) में हुए थे. विदेश मंत्रालय की शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि सीपीआई (माओवादी) ने पिछले साल 177 आतंकी हमलों को अंजाम दिया, जिनमें 311 लोगों की मौत हुई. हालांकि, भारत के गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल इस संगठन द्वारा की गई 833 हिंसक वारदातों में 240 लोगों की मौत हुई.

कमजोर इंटेलीजेंस के कारण आतंकवाद से लड़ाई में आ रहीं मुश्किलें
रिपोर्ट में सीपीआई (माओवादी) को अफगानिस्‍तान के तालिबान (Taliban), अफ्रीका के अल-शबाब (Al-Shabaab), बोकोहराम (Boko Haram) और फिलीपींस की कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के बाद सबसे खतरनाक संगठन बताया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में इंटेलीजेंस (Intelligence) और सूचनाओं के आदान-प्रदान प्रणाली की कमजोरी के कारण आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में मुश्किलें आ रही हैं. अमेरिकी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत में 2018 में हुए 176 यानी 26 फीसदी आतंकी हमलों के लिए नक्‍सली (Naxals) जिम्‍मेदार हैं. वहीं, जैश-ए-मुहम्‍मद (JeM) ने 60 यानी 9 फीसदी, हिजबुल मुजाहिदीन (Hizbul Mujahideen) ने 59 हमलों और लश्‍कर-ए-तैयबा (LeT) ने 55 हमलों की जिम्‍मेदारी ली थी. इनके अलावा भारत में उल्‍फा (ULFA) और आईएसआईएस जम्‍मू-कश्‍मीर भी सक्रिय है. रिपोर्ट में कहा गया है कि 2008 मुंबई हमलों (Mumbai Attack) के लिए जिम्‍मेदार पाकिस्‍तान के आतंकी संगठन लश्‍कर और जैश भारत व अफगानिस्‍तान को निशाना बनाते रहते हैं.

रिपोर्ट में बताया गया है कि पुलवामा हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने 27 फरवरी को पाकिस्‍तान में घुसकर जैश के आतंकी प्रशिक्षण कैंपों पर जबरदस्‍त हमला किया.


रिपोर्ट में पुलवामा हमला और एयरस्‍ट्राइक भी किया गया है जिक्र
अमेरिकी विदेश मंत्रालय की इस रिपोर्ट में 14 फरवरी को पुलवामा (Pulwama) में सीआरपीएफ (CRPF) के काफिले पर हुए हमले और उसमें शहीद हुए 40 जवानों का भी जिक्र किया गया है. इसमें बताया गया है कि इसके बाद भारतीय वायुसेना (IAF) ने 27 फरवरी को पाकिस्‍तान में घुसकर जैश के आतंकी प्रशिक्षण कैंपों पर जबरदस्‍त हमला किया. इसके अगले दिन भारतीय और पाकिस्‍तानी वायुसेना (PAF) के लड़ाकू विमान भी आमने-सामने आ गए थे. इसमें भारत ने पाकिस्‍तान के एक लड़ाकू विमान को मार गिराया था, जबकि भारतीय वायुसेना का एक लड़ाकू विमान क्षतिग्रस्‍त होकर पाकिस्‍तानी सीमा में जा गिरा था. हिंदुस्‍तान टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने रिपोर्ट में कहा है कि भारत में हुए ज्‍यादातर हमलों के लिए किसी एक आतंकी संगठन को जिम्‍मेदार नहीं ठहराया जा सकता है.

गृह मंत्रालय ने मृतकों के आंकड़ों में अंतर पर नहीं दिया जवाब
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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अमेरिका की ओर से जारी मृतकों के आंकड़े और भारत सरकार के आंकड़ों में फर्क पर आधिकारिक टिप्‍पणी करने से इनकार कर दिया. हालांकि, एक अधिकारी ने कहा कि अमेरिका और हमारे आंकड़े लगभग समान हैं. भारत सरकार ने पिछले कुछ साल में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कई कदम उठाए हैं. वहीं, एक अधिकारी ने कहा कि पिछले पांच-छह साल में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में राज्‍य और केंद्र की एजेंसियों के बीच बेहतर समन्‍वय की स्थिति बनी है. अमेरिका की रिपोर्ट के मुताबिक, 2018 में भारत के सभी 29 राज्‍य आतंकवाद से प्रभावित रहे. पिछले साल पूरे देश में हुई 671 आतंकी वारदातों में 971 लोगों की मौत हुई. जम्‍मू-कश्‍मीर के बाद सबसे खराब हालात छत्‍तीसगढ़ के रहे. राज्‍य में 111 आतंकी वारदातें हुईं. वहीं, मणिपुर में 22 हमले हुए. अकेले जम्‍मू-कश्‍मीर में 386 आतंकी हमले हुए.

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First published: November 6, 2019, 7:41 PM IST
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