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पुलवामा हमले के बाद CPRF की सिक्योरिटी ड्रिल हुई बेहतर, किए गए ये इंतजाम

अमित पांडेय | News18Hindi
Updated: January 28, 2020, 4:32 PM IST
पुलवामा हमले के बाद CPRF की सिक्योरिटी ड्रिल हुई बेहतर, किए गए ये इंतजाम
आतंकियों की लगातार बदलती रणनीति के अनुसार सीआरपीएफ भी घाटी में अपनी रणनीति बदल रही है

अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाए जाने के बाद (CRPF) की बदली हुई रणनीति में साइबर वॉर फेयर एक अहम कड़ी है. डीजी सीआरपीएफ का कहना है-"अगला युद्ध साइबर वॉर फेयर होगा, सीआरपीएफ डेटा को सुरक्षित करने पर काम कर रहा है.

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  • Last Updated: January 28, 2020, 4:32 PM IST
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पुलवामा हमला (Pulwama Attack) कश्मीर घाटी (Kashmir Valley) के सबसे बड़े हमलों में से एक था, जिसके बाद पूरी तरीके से घाटी में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई. सीआरपीएफ (CRPF) जो जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) में तैनात अर्धसैनिक बलों का सबसे बड़ा दल है उसने भी अपनी हर व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन किया. सिक्योरिटी ड्रिल को बेहतर किया गया, सीआरपीएफ की नेवीगेशन तकनीक को बदला गया है.

आतंकियों की लगातार बदलती रणनीति के अनुसार सीआरपीएफ भी घाटी में अपनी रणनीति बदल रही है यही वजह है कि इस साल की शुरुआत से अब तक 17 आतंकी मारे गए हैं, जो कि खतरनाक आतंकी संगठनों के अहम सदस्य थे. डीजी सीआरपीएफ एपी माहेश्वरी के मुताबिक- 'हम ये गारंटी से सकते हैं कि अगर वो हमारे इलाके में आएंगे तो उनके खिलाफ ऑपरेशन होंगे. जहां तक पुलवामा की बात है उसके बाद हमने अपने हर तरीके के ऑपरेशन की तकनीक बदली है.'

डेटा सुरक्षित करने पर काम कर रहा CRPF
न्यूज़ 18 इंडिया ने डीजी सीआरपीएफ एपी माहेश्वरी ने खास बातचीत की. अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाए जाने के बाद सीआरपीएफ की बदली हुई रणनीति में साइबर वॉर फेयर एक अहम कड़ी है. डीजी सीआरपीएफ का कहना है-"अगला युद्ध साइबर वॉर फेयर होगा, सीआरपीएफ डेटा को सुरक्षित करने पर काम कर रहा है, इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर उसी हिसाब से तैयार किया है." इसके लिए ग्रोथ सेंटर सीआरपीएफ ने अलग अलग जगह डेवलप किया है जो देश के अलग-अलग हिस्सों में तैनात जवानों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी अहम ट्रेनिंग देंगे.



इन राज्यों में बनेगा केंद्र


आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद एक बार फिर पाकिस्तान (Pakistan) की ओर से यह कोशिश शुरू हो गई थी कि व्हाट्सएप ग्रुप (Whatsapp Group) के जरिए एक गलत प्रोपेगेंडा का फैलाया जाए.हालांकि अन्य खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां इन व्हाट्सएप ग्रुप पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन अब सीआरपीएफ भी इसी स्तर पर साइबर वॉर फेयर का न केवल मुकाबला करेगा बल्कि उसी अंदाज में जवाब भी देगा.

कश्मीर (Kashmir), छत्तीसगढ़ (Chattisgarh), महाराष्ट्र (Maharshtra) और पूर्वोत्तर (North East) सीआरपीएफ का प्रमुख केंद्र होगा जिस रीजन में साइबर वॉर फेयर का मुकाबला करने के लिए फोर्स को खास तरीके की ट्रेनिंग दी जाएगी.

एक्सपर्ट देंगे ट्रेनिंग
इस ट्रेनिंग में विश्व स्तरीय साइबर क्राइम एक्सपर्ट फोर्स को ट्रेनिंग देंगे, साथ ही आम जनता भी इस साइबर जंग में सीआरपीएफ का सहयोग करें इस मॉड्यूल को भी तैयार किया जा रहा है. सीआरपीएफ के हर रीजन के साइबर वॉरफेयर सेंटर पर यह सुविधा होगी कि आम जनता सोशल मीडिया जैसे ट्विटर या फिर फेसबुक के जरिए देश की सबसे बड़ी आंतरिक फोर्स को जानकारी या अपना सुझाव दे सकती है. सहयोग करने वाले शख्स की जानकारी बिल्कुल गोपनीय रखी जाएगी.

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First published: January 28, 2020, 4:32 PM IST
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